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Court Order: गोरखपुर में हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा, सात साल पहले हुई थी वारदात
Sat, 28 May 2022 12:00 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 28 May 2022 12:00 PM IST
सार
अभियुक्त प्रदीप उर्फ अमन चौरसिया चिलुआताल थाना क्षेत्र के मैनपुर, लहसड़ी का मूल निवासी है। कोर्ट ने 20 हजार रुपया अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर अभियुक्त को छह माह का कारावास अलग से भुगतना होगा।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जिले के हत्या का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश रामकृपाल ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियुक्त प्रदीप उर्फ अमन चौरसिया चिलुआताल थाना क्षेत्र के मैनपुर, लहसड़ी का मूल निवासी है। कोर्ट ने 20 हजार रुपया अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर अभियुक्त को छह माह का कारावास अलग से भुगतना होगा।
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जानकारी के मुताबिक, अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रविंद्र यादव और प्रमोद मौर्य का कहना था कि वादिनी मुन्नी देवी नकहा नंबर एक स्कॉलर्स स्कूल के पास घिसे यादव के मकान में किराये पर रहती हैं। उनका दूसरा पति और अभियुक्त प्रदीप उर्फ अमन चौरसिया मुन्नी देवी के बड़े बेटे अभिमन्यु जो, उनके पहले पति से था, उसे मारता पीटता था।
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28 अक्तूबर 2015 को करीब 11 बजे अभियुक्त अभिमन्यु को कमरे में मार रहा था। उसके रोने की आवाज सुन कर वादिनी कमरे में गई तो अभियुक्त वादिनी को देखते ही भाग गया। वादिनी जब अपने लड़के को देखी तो उसके मुंह से खून निकल रहा था और वह मर चुका था।
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