Bank News: एक क्लिक में जानें बैंक में आपके अपनों की लावारिस धनराशि, RBI की ओर से जारी हुई वेबसाइट
बैंक अधिकारियों के अनुसार, एसबीआई में आठ हजार 86 करोड़, पीएनबी में पांच हजार 340 करोड़ और केनरा बैंक में चार हजार 558 करोड़ रुपये लावारिस धनराशि के रूप में पड़ी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
परिवार के किसी व्यक्ति ने बैंक में रकम जमा की है, लेकिन इसकी जानकारी आप को नहीं है तो अब इसका आसानी से पता लगाया जा सकेगा। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से इसके लिए उद्गम पोर्टल (अनक्लेम्ड डिपाजिट गेटवे टू एक्सेस इंफाॅर्मेशन ) जारी किया गया है। इस पर आवेदन करके कोई भी व्यक्ति बैंक में जमा रकम के बारे में जानकारी हासिल कर सकता है। लीड बैंक मैनेजर ने बताया कि सुविधा शुरू हो गई है। फिलहाल, सात बैंकों को इससे जोड़ा गया है।
बैंक अधिकारियों के अनुसार, बैंकों में ऐसे तमाम लोग रुपये जमा कराते हैं, इनमें कभी नामिनी नहीं होने तो कभी अचानक उनकी मृत्यु होने या अन्य किसी कारण से लोग रकम को भूल जाते हैं। 10 साल कोई लेन-देन नहीं होने पर ऐसे खातों को बंद कर दिया जाता है। इसकी रकम आरबीआई की यूआईटी में भेज दी जाती है।
इसे भी पढ़ें: GDA के नए उपाध्यक्ष आनंदवर्धन ने ग्रहण किया कार्यभार, बोले- गुणवत्तापूर्ण काम कराना ही उनकी प्राथमिता
यदि किसी ने उस रुपये को पाने के लिए दावा किया तो प्रक्रिया पूरी करने के बाद रकम दी जाती है। जो रकम भूल जाती है, उसकी जानकारी के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से केंद्रीयकृत वेब पोर्टल अनक्लेम्ड डिपाजिट गेटवे टू एक्सेस इंफार्मेशन लांच किया गया है। इस पर आवेदन करके कोई भी ग्राहक जानकारी पा सकता है।
बैंक अधिकारियों का कहना है कि इससे लावारिस जमा खातों की पहचान हो सकेगी। बैंक अधिकारियों के अनुसार, एसबीआई में आठ हजार 86 करोड़, पीएनबी में पांच हजार 340 करोड़ और केनरा बैंक में चार हजार 558 करोड़ लावारिस धनराशि के रूप में पड़ी है।
बैंक अधिकारियों के अनुसार, एसबीआई में आठ हजार 86 करोड़, पीएनबी में पांच हजार 340 करोड़ और केनरा बैंक में चार हजार 558 करोड़ रुपये लावारिस धनराशि के रूप में पड़ी है।
इसे भी पढ़ें: पिपराइच में मासूम से शोहदे ने की शर्मनाक हरकत, पंचायत बोली- मामला कर दो रफा-दफा
इन सात बैंकों से शुरू हुई सेवा
- भारतीय स्टेट बैंक
- पंजाब नेशनल बैंक
- साउथ इंडियन बैंक लिमिटेड
- डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड
- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
- धनलक्ष्मी बैंक लिमिटेड
- सिटी बैंक
इसे भी पढ़ें: चोरी से बढ़ा रहे थे व्यापार: फर्जी ई-वे बिल बना भेज रहे थे 16 करोड़ का कबाड़, जीएसटी टीम ने पकड़ा
ऐसे करें आवेदन
इसे भी पढ़ें: स्वस्थ पेशे की बीमार तस्वीर: मुफ्त इलाज, जांच-दवा में भी गरीबों का खून चूस रहे दलाल
लीड बैंक मैनेजर मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि 17 अगस्त से पोर्टल को शुरू कर दिया गया है। इस पर आवेदन करके लोग जानकारी पा सकते हैं। अभी इससे सात बैंकों को जोड़ा गया है। 15 अक्तूबर तक अन्य बैंक भी इस नई व्यवस्था से जुड़ जाएंगे। लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।