गोरखपुर: 175 एकड़ में विकसित होगी खोराबार आवासीय योजना, छह हिस्सों में बंटी रहेगी मेडिसिटी
जीडीए सचिव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि खोराबार में पीपीपी मॉडल से विश्वस्तरीय टाउनशिप एवं मेडिसिटी विकसित की जाएगी। इसके लिए उपाध्यक्ष के निर्देश पर ईओआई जारी कर दिया गया है। 24 नवंबर तक आवेदन किए जा सकेंगे। लोगों को इस योजना में उनकी जरूरत के अनुसार आवास मिलेंगे।
विस्तार
करीब 175 एकड़ में गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की बहुप्रतीक्षित खोराबार आवासीय योजना विकसित होगी। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल में बनने वाली इस टाउनशिप में से 100 एकड़ पर आवासीय टाउनशिप एवं 75 एकड़ में मेडिसिटी विकसित की जाएगी।
इच्छुक फर्मों से आवेदन मंगाने के लिए जीडीए ने एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट (ईओआई) जारी किया है। जीडीए ने वेबसाइट पर ईओआई अपलोड करते हुए आवेदन के लिए अंतिम तिथि 24 नवंबर निर्धारित की है।
ईओआई के मुताबिक इस योजना में विकास से जुड़े सभी कार्य निजी कंपनियां कराएंगी और इसके बदले में जीडीए उन्हें फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर)/फ्लोर स्पेस इंडेक्स (एफएसआइ) देगा। इस योजना में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी आवास भी निजी कंपनी ही बनाकर देगी। जीडीए का खर्च न के बराबर आएगा। फ्लैट का निर्माण आधुनिक तकनीक से किया जाएगा, जिससे कम खर्च आए।
अधिशासी अभियंता किशन सिंह ने बताया कि आवासीय कालोनी में 10 एकड़ क्षेत्रफल का एक केंद्रीय पार्क दिया जाएगा। विश्वस्तरीय ढांचागत विकास होगा। पर्याप्त हरित क्षेत्र भी होगा। चौड़ी सड़कें एवं ग्रीन बेल्ट की सुविधा मिलेगी। खेलकूद की सुविधाएं भी इस योजना में दी जा रही हैं। शैक्षिक, बैंकिंग, वाणिज्यिक अवस्थापना सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। यह योजना बहुमंजिला इमारत एवं भूखंडों का मिश्रण होगी।
छह हिस्सों में बंटी रहेगी मेडिसिटी
75 एकड़ में प्रस्तावित की गई मेडिसिटी को अपने तरह की पहली परियोजना माना जा रहा है। मेडिसिटी की परियोजना को एक जगह स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के दृष्टिगत तैयार किया गया है। 75 एकड़ क्षेत्रफल को छह हिस्सों में बांटकर मेडिसिटी विकसित की जा रही है। एक हिस्से में केवल नर्सिंग कालेज होंगे।
दूसरे हिस्से में क्लिनिक व डाक्टरों के आवास, तीसरे हिस्से में प्रयोगशाला एवं डायग्नोस्टिक केंद्र, चौथे हिस्से में अस्पतालों के लिए अलग लेन होगी। पांचवें हिस्से में होटल, लाउंस एवं आवास, छठवें हिस्से में मेडिसिन माल बनाया जाएगा। इसमें सभी तरह की सर्जिकल एवं दवा की दुकानों की व्यवस्था होगी।
जीडीए सचिव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि खोराबार में पीपीपी मॉडल से विश्वस्तरीय टाउनशिप एवं मेडिसिटी विकसित की जाएगी। इसके लिए उपाध्यक्ष के निर्देश पर ईओआई जारी कर दिया गया है। 24 नवंबर तक आवेदन किए जा सकेंगे। लोगों को इस योजना में उनकी जरूरत के अनुसार आवास मिलेंगे।