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Gorakhpur: दिल्ली से पार्सल बुकिंग के सहारे हिंदी बाजार आ रहे आभूषण जब्त, ऐसे हुआ खुलासा
Tue, 16 Jan 2024 02:00 PM IST
अनुज कुमार
रोहित सिंह, अमर उजाला , गोरखपुर
रोहित सिंह, अमर उजाला , गोरखपुर
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 16 Jan 2024 02:00 PM IST
सार
दिल्ली से पार्सल बुकिंग के सहारे हिंदी बाजार आ रहे आभूषण जब्त कर लिए गए हैं। दिल्ली एनसीआर स्थित कूरियर कंपनी के कार्गो कस्टम ने अपने कब्जे में ले लिया है। गोरखपुर के हिंदी बाजार और कुशीनगर के लिए पार्सल की बुकिंग थी।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : Pixabay
विस्तार
कस्टम विभाग की टीम ने दिल्ली से गोरखपुर के हिंदी बाजार और कुशीनगर में जीएसटी चोरी कर भेजे जा रहे आभूषणों को रविवार देर रात जब्त कर लिया। ये आभूषण करीब 1700 ग्राम के हैं। इनमें हार-कंगन, चेन, अंगूठी और अन्य आभूषण शामिल हैं।
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शहर के कुछ सराफा व्यापारियों के अलावा कुशीनगर के व्यापारी ने भी दिल्ली के करोलबाग से इन आभूषणों को पार्सल के रूप में बुक करवाया था। इसी पार्सल को लाते समय देर रात कस्टम की टीम ने दिल्ली-एनसीआर स्थित कूरियर कंपनी के कार्गो से जब्त कर लिया।
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दरअसल, दिल्ली के करोलबाग में अवैध सोने की आपूर्ति खूब होती है। अक्सर एजेंसियों की कार्रवाई में दिल्ली के करोलबाग बाजार का नाम सामने आता है। इस बार करोलबाग से हिंदी बाजार के हाल्सीगंज और गोपी गली के व्यापारी के पास भेजे जाने के लिए आभूषण की बुकिंग की गई थी। सूत्रों ने बताया कि करोलबाग में अवैध सोने से कारीगर बेहद उम्दा दर्जे के आभूषणों को तैयार करते हैं, जिसे देश के अलग-अलग राज्यों के शहरों में पार्सल के माध्यम से भेजा जाता है। तैयार आभूषणों को दूसरी जगह भेजते समय फर्म के नाम, क्षमता और अन्य जानकारी जरूरी होती है, लेकिन इसी में धंधेबाज खेल कर जाते हैं।
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तैयार आभूषणों को एक कूरियर कंपनी के माध्यम से दूसरे बाजार से भेजा जाता है। इसका फायदा होता है कि धंधेबाज जीएसटी चोरी कर लेते हैं। जैसे, एक करोड़ रुपये का आभूषण बाजार से पार्सल कर भेजा गया तो सीधे तीन प्रतिशत का लाभ व्यापारी ने पहले ही ले लिया। बिना जीएसटी पंजीकरण के भेजे जाने पर तीन लाख रुपये का फायदा हो जाता है।
इसके बाद फुटकर व्यापारी अपने हिसाब से सोने-चांदी के भाव पर जीएसटी जोड़कर इसे ग्राहकों को बेच देते हैं। यह क्रम लंबे समय से चला आ रहा था। रविवार को कस्टम के मुखबिर से सूचना मिली कि कार्गो में गोरखपुर और कुशीनगर का सामान जा रहा है। छापा मारकर बस्ती की कार्गो कंपनी के कर्मचारी से उस बुकिंग की खरीद-बिक्री के साथ बुकिंग की पर्ची मांगी गई। कर्मचारी पैकिंग पर लिखा सिर्फ नाम ही दिखा सका। इसपर हिंदी बाजार के व्यापारी और कुशीनगर के व्यापारी का नाम लिखा था।
जीएसटी चोरी के झंझट में फंस जाते हैं व्यापारी
व्यापारी भी जीएसटी चोरी कर और ग्राहकों से सोने-चांदी के असल दाम वसूल कर लाभ कमाने के चक्कर में फंस जाते हैं। अब, पकड़ा गया सोना जब्त कर लिया गया है। एजेंसी के सूत्र ने बताया कि जिनके नाम से पार्सल की बुकिंग की जानकारी कूरियर कंपनी ने दी है, उन्हें अब खरीद-बिक्री का दस्तावेज दिखाना होगा। इसके बाद फर्म के खरीद-बिक्री की जांच पड़ताल की जाएगी। जुर्माना भरने के बाद न्यायालय के आदेश पर इसे वापस छोड़ा जाएगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो इसे जब्त कर सरकारी कोष में जमा कर दिया जाएगा।
दिल्ली कनेक्शन में मामा-भांजा हो चुके हैं गिरफ्तार
सोने की अवैध तस्करी में बस्ती के मामा और भांजे पिछले कुछ दिनों पहले गिरफ्तार हो चुके हैं। डीआरआई ने लखनऊ के पास इन्हें गिरफ्तार किया था। ये मामा-भांजे भी दिल्ली से लखनऊ भेजे गए अवैध सोने की खेप को आयोध्या, बस्ती, गोंडा, संतकबीरनगर और गोरखपुर के हिंदी बाजार में खपाते थे।