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यूपी में घोटाला: छात्राएं आईं नहीं और भोजन के नाम पर गटक गए नौ करोड़, शासन ने मांगा जवाब

Fri, 28 May 2021 01:52 PM IST
vivek shukla पुनीत कुमार मिश्र, संतकबीरनगर।
पुनीत कुमार मिश्र, संतकबीरनगर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 28 May 2021 01:52 PM IST
सार

प्रदेश के 18 जिलों में कस्तूरबा विद्यालयों में हुई अनियमितता, शासन ने सभी जिलों के बीएसए से मांगा जवाब

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Irregularity in Kasturba schools in 18 districts of UP
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उत्तर प्रदेश के 18 जिलों के कस्तूरबा विद्यालयों में छात्राएं आईं नहीं और उनके भोजन के नाम पर नौ करोड़ रुपये अधिकारियों ने निकाल लिए। मामला शासन में पहुंचा तो इन जिलों के बीएसए से जवाब तलब किया गया है। इसके साथ ही कई बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई है। शासन के इस आदेश से बीएसए कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है।

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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई होती है। यह पूरी तरह से आवासीय विद्यालय है। छात्राएं विद्यालय में रहती हैं और उनके भोजन, स्टेशनरी, साबुन, तेल व अन्य जरूरी सामान के लिए शासन स्तर से बजट दिया जाता है। इधर, कोरोना काल के चलते विद्यालय बंद हैं और छात्राएं अपने घर हैं।
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11 फरवरी से लेकर 31 मार्च के बीच में छात्राओं के भोजन, सामान व अन्य मद में प्रदेश के 18 जिलों में नौ करोड़ रुपये निकाल लिए गए। मामला प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड सूचना से खुला। प्रेरणा पोर्टल पर छात्राओं की विद्यालयों में उपस्थिति की सूचना शून्य दर्शाया गया है।
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राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने इन जिलों के बीएसए से जवाब मांगा है कि प्रेरणा पोर्टल पर छात्राओं की उपस्थिति न होने के बावजूद भोजन मद, मेडिकल केयर, कंटीजेंसी मद एवं स्टेशनरी मद में शत-प्रतिशत धनराशि का भुगतान किया गया है। जो वित्तीय अनियमितता में आता है।

 

जांच में जुटे अधिकारी

भुगतान की पूरी रिपोर्ट डीसी बालिका शिक्षा, सहायक एवं वित्त लेखाधिकारी, बीएसए के संयुक्त हस्ताक्षर से साक्ष्यों सहित 15 जून तक परियोजना कार्यालय को उपलब्ध कराएं। यह प्रकरण अनियमितता से संबंधित है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।

प्रभारी बीएसए ध्रुव प्रसाद जायसवाल ने कहा कि उन्होंने अभी 10 दिन पूर्व चार्ज लिया है। कार्यालय के कर्मचारियों ने इस मामले को छिपाया। दूसरे के जरिए उन्हें पत्र मिला है। इस मामले में डीसी बालिका शिक्षा, सहायक एवं वित्त लेखाधिकारी व वार्डेन से जवाब तलब किया गया है।

सीडीओ अतुल मिश्रा ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। डीएम दिव्या मित्तल ने कहा अभी इस मामले की जानकारी नहीं मिली है। यदि ऐसा मामला है तो जांच कराकर संबंधित लोगों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)

इन जिलों में निकाली गई है रकम
बरेली-84 लाख, बिजनौर में 74 लाख, देवरिया में 68 लाख, फतेहपुर में 31 लाख, गाजियाबाद में 18 लाख, गोंडा में 96 लाख, कांशीराम नगर में 31 लाख, मऊ में 23 लाख, मेरठ में 26 लाख, मुरादाबाद में 39 लाख, प्रतापगढ़ में 76 लाख, रायबरेली में 63 लाख, संतकबीरनगर में 38 लाख, श्रावस्ती में 26 लाख, सोनभद्र में 26 लाख, सुल्तानपुर में 44 लाख, उन्नाव में 47 लाख, वाराणसी में 37 लाख रुपये।
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