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UP: शेयर मार्केट में मुनाफा...SBI बैंक मैनेजर से ही ठग लिए 2.50 लाख रुपये- व्हाट्सएप पर हो रहा था लाखों का खेल

Thu, 07 May 2026 01:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Thu, 07 May 2026 01:41 AM IST
सार

रुआती चरण में खाते में मुनाफा दिखाकर पीड़ित का विश्वास और मजबूत किया गया। इसके बाद आरोपियों ने आईपीओ और अन्य निवेश योजनाओं में अधिक रकम लगाने का दबाव बनाया। हालांकि जब पीड़ित ने अपने पैसे निकालने की कोशिश की तो विभिन्न तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी बहाने बनाकर निकासी रोक दी गई।

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Initially shown profit, later withdrawal stopped, FIR lodged in cyber police station
साइबर ठगी - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

शेयर बाजार में अधिक मुनाफा कमाने के लालच में एक बैंक अधिकारी साइबर ठगों के जाल में फंसकर 42.50 लाख रुपये गंवा बैठे। वह भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने साइबर थाने में तहरीर देकर मामला दर्ज कराया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

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जानकारी के अनुसार, बैंक मैनेजर जनवरी के अंत और फरवरी की शुरुआत में व्हाट्सएप पर बने दो निवेश समूहों से जुड़े थे। इन ग्रुपों में शामिल कुछ लोगों ने खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताते हुए भारी मुनाफे का दावा किया था। नियमित ऑनलाइन सत्रों के जरिये निवेश के टिप्स दिए जाते थे और कुछ सदस्यों द्वारा कथित मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा कर भरोसा बनाया जाता था।

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ठगों ने खुद को बड़े निवेश समूहों और विदेशी संस्थागत निवेशकों से जुड़ा हुआ बताया। साथ ही फर्जी दस्तावेज और रिपोर्ट दिखाकर यह विश्वास दिलाया गया कि उनके माध्यम से प्री-ओपन मार्केट में ट्रेडिंग कर बड़ा लाभ कमाया जा सकता है। इसी भरोसे में पीड़ित को एक एप डाउनलोड कराकर ट्रेडिंग खाता खुलवाया गया और निवेश के नाम पर रकम जमा कराई गई।

शुरुआती चरण में खाते में मुनाफा दिखाकर पीड़ित का विश्वास और मजबूत किया गया। इसके बाद आरोपियों ने आईपीओ और अन्य निवेश योजनाओं में अधिक रकम लगाने का दबाव बनाया। हालांकि जब पीड़ित ने अपने पैसे निकालने की कोशिश की तो विभिन्न तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी बहाने बनाकर निकासी रोक दी गई।
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कुछ समय बाद जब संदेह बढ़ा तो पीड़ित ने जांच कराई। जांच में सामने आया कि जिन कंपनियों, कार्यक्रमों और निवेश योजनाओं का हवाला दिया जा रहा था, वे पूरी तरह फर्जी थीं। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

साइबर थाना प्रभारी राशिद खान के अनुसार, यह एक सुनियोजित साइबर ठगी का मामला है, जिसमें पहले छोटे मुनाफे का लालच देकर विश्वास जीता जाता है और बाद में बड़ी रकम हड़प ली जाती है। फिलहाल पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है। बैंक खातों और ट्रांजेक्शन डिटेल की भी गहन जांच की जा रही है।
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