फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Infected kidney removed for first time in Gorakhpur Medical college

Gorakhpur: गोरखपुर BRD में पहली बार निकाली गई संक्रमित किडनी, ऐसे बचाई गई युवक की जान

Sat, 23 Jul 2022 09:57 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 23 Jul 2022 09:57 AM IST
सार

डॉ. पवन ने बताया कि दाई तरफ की किडनी काम नहीं कर रही थी। संक्रमण की वजह से उसका आकार बढ़ गया था। इसकी वजह से उसमें मवाद बन गया था। खून में यूरिया की मात्रा भी बढ़ गई थी। किडनी से यूरिन की तरफ जाने वाली नली सिकुड़ गई थी। इसकी वजह से उसे ज्यादा दर्द था।

विज्ञापन
Infected kidney removed for first time in Gorakhpur Medical college
ऑपरेशन करते डॉक्टर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पहली बार मरीज की संक्रमित किडनी निकालकर सफल ऑपरेशन किया गया है। जन्मजात किडनी की बीमारी से मरीज परेशान था। इसकी वजह से उसकी एक किडनी खराब हो गई थी। बीआरडी की यूरोलॉजी विभाग की टीम ने लेप्रोस्कोपिक विधि से ऑपरेशन कर संक्रमित किडनी को निकाला है।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, महानगर के बक्शीपुर निवासी 19 वर्षीय युवक पेट दर्द से दो साल से परेशान था। इलाज कराता रहा, लेकिन कोई डॉक्टर मर्ज नहीं समझ पाया। बताया जा रहा है कि इस बीच वह बिना डिग्री वाले के संपर्क आ गया। युवक की सांस फूलने लगी तो वह चेस्ट फिजीशियन के पास पहुंचा। जहां उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजी में दिखाने की सलाह दी गई।
विज्ञापन


बुधवार को उसे यूरोलॉजी विभाग में डॉ. पवन कुमार की निगरानी में भर्ती किया गया। गुरुवार को जांच कर उसका ऑपरेशन किया गया। डॉ. पवन ने बताया कि दाई तरफ की किडनी काम नहीं कर रही थी। संक्रमण की वजह से उसका आकार बढ़ गया था। इसकी वजह से उसमें मवाद बन गया था। खून में यूरिया की मात्रा भी बढ़ गई थी। किडनी से यूरिन की तरफ जाने वाली नली सिकुड़ गई थी। इसकी वजह से उसे ज्यादा दर्द था।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह बीमारी उसे जन्मजात थी। जन्म से ही किडनी से निकलने वाली यूरिन की नली सिकुड़ी हुई थी। इस बीमारी को पैल्विक यूरेट्रिक जक्शन आब्सट्रेक्शन कहते हैं। इसमें चार इंच का चीरा लगाकर किडनी को निकाला गया। अगर यह निकाला नहीं जाता तो धीरे-धीरे पेशाब की नली संक्रमित हो जाती, जो मरीज के लिए जानलेवा हो जाती। सही समय पर संक्रमित किडनी निकाल दी है। अब मरीज की हालत में सुधार है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed