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Gorakhpur News: हवाला कारोबार
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हवाला के धंधे की जड़ें तलाशेगा आयकर विभाग
साहबगंज मंडी, बिसाता मंडी और हिंदी बाजार हवाला के धंधे के बड़े केंद्र
व्यापारी के हिसाब नहीं दे पाने पर उसे सरकारी खाते में दर्ज किया जाएगा
रोहित सिंह
गोरखपुर। वाहन चेकिंग के दौरान पकड़ी गई रकम में हेराफेरी के मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इसकी जांच आयकर विभाग भी करेगा। चूंकि, व्यापारी ने खुद स्वीकार किया है कि वह रकम व्यापार के सिलसिले में एक जगह से दूसरी जगह ले जा रहा था, ऐसे में आयकर विभाग रकम के स्रोत, आय और फर्म के सापेक्ष जमा करवाए जाने वाले आयकर की भी जांच होगी। आयकर विभाग इस रकम के हवाला नेटवर्क की जांच करेगा। इसमें पीड़ित के बयान भी दर्ज होंगे। इसी आधार पर आयकर विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
चुनाव आचार संहिता के दौरान या सामान्य अवस्था में भी अगर 10 लाख रुपये से ज्यादा की रकम किसी के पास से बरामद होती है तो इसकी सूचना संबंधित जांच एजेंसी, आयकर विभाग को भी देती है। ऐसे में जब व्यापारी के पास से पुलिस ने 50 लाख रुपये गलत तरीके से लिए और मामला खुलने पर उसे बरामद भी कर लिया तो अब इन रुपयों की ट्रैवल हिस्ट्री की भी जांच करनी होगी। इसकी जांच आयकर विभाग करेगा।
आयकर विभाग से जुड़े सूत्र ने बताया कि रुपये बरामद होने के साथ आपराधिक कृत्य (हवाला) के लिए पुलिस ने संबंधित पर कार्रवाई कर दी, लेकिन अब जांच का विषय है कि ये रुपये आखिर किसके थे। सूत्र ने बताया कि व्यापारी ने केस दर्ज कराने में उल्लेख किया है कि प्रतिदिन रुपयों का कलेक्शन कर लाते थे। अब सवाल उठता है कि नकदी कलेक्शन और एकत्र धनराशि पर आयकर उनके द्वारा जमा कराया जाता था या सरकार को टैक्स की चोरी से आर्थिक क्षति पहुंचाई जाती थी, इसकी भी जांच की जाएगी। इसके अलावा कि आखिर 85 लाख रुपये नकद, वह भी बाइक से ले जाने की क्या जरूरत पड़ी, इसकी भी जांच होगी।
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इनकम टैक्स वारंट देकर थाने से लेगा कैश का रिकाॅर्ड
इनकम टैक्स के सूत्र ने बताया कि अगर किसी थाने में व्यापारी की गाड़ी या उसके पास से 10 लाख रुपये से अधिक की रकम बरामद होती है तो फ्लाइंग स्क्वायड का काम शुरू हो जाता है। ये थाने से सूचना लेकर इनकम टैक्स, लखनऊ को देते हैं। इस टीम में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी रहते हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर इनकम टैक्स की टीम सीधे संबंधित थाने पर वारंट लेकर जाती है। इसी वारंट के आधार के पर रुपये की सुपुर्दगी लेकर बयान के लिया बुलवाया जाता है। अगर बयान तथ्यपरक नहीं लगे तो पैसों को विभाग के अधीन रखते हुए समन जारी किया जाता है। फिर जांच आगे बढ़ती है।
हवाला के धंधेबाजों की चांदी
चुनाव के बीच हवाला का धंधा भी चढ़ जाता है। सूत्र बताते हैं कि एक करोड़ रुपये हवाला की रकम को एक से दूसरी तरफ करने पर 50 हजार रुपये का सीधा फायदा हो जाता है। इसके बदले हवाला की रकम को सुरक्षित जगह तक पहुंचाना होता है। हिंदी बाजार का सराफा व्यापार हवाला के धंधे के लिए खासा प्रचलित है। इसके अलावा साहबगंज का खूनीपुर चौक, शाहमाहरूफ और बिसाता मंडी इसका एक बड़ा अड्डा है।
साहबगंज मंडी से हवाला का बड़ा खेल
सूत्रों ने बताया कि साहबगंज और मछली मंडी के नेटवर्क से प्रतिदिन 150 करोड़ रुपये से अधिक हवाला का धंधा होता है। सूत्र ने बताया कि अभी कुछ वर्ष पहले एक व्यापारी के यहां से हवाला के 52 लाख रुपये गलत तरीके से कुरियर लेकर चला गया था। इसकी जानकारी तक किसी को नहीं हो सकी। अवैध सोने के धंधे के साथ दाल और साहबगंज मंडी में थोक का कारोबार करने वाले भी हवाला के इस नेटवर्क की मजबूत कड़ी हैं।
कोट
पुलिस के कार्रवाई की जानकारी मिली है। व्यापारी के पास से मिले रुपयों का आयकर विभाग भी अपने नियमों के तहत जांच करवाएगा। चुनाव के दौरान सामान्य तौर पर इतनी बड़ी धनराशि लेकर ट्रैवल करना, ये सामान्य बात नहीं है। टीम भी इन रुपयों को लेकर नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
-शिखा दरबारी-मुख्य आयकर आयुक्त, आयकर विभाग
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साहबगंज मंडी, बिसाता मंडी और हिंदी बाजार हवाला के धंधे के बड़े केंद्र
व्यापारी के हिसाब नहीं दे पाने पर उसे सरकारी खाते में दर्ज किया जाएगा
रोहित सिंह
गोरखपुर। वाहन चेकिंग के दौरान पकड़ी गई रकम में हेराफेरी के मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इसकी जांच आयकर विभाग भी करेगा। चूंकि, व्यापारी ने खुद स्वीकार किया है कि वह रकम व्यापार के सिलसिले में एक जगह से दूसरी जगह ले जा रहा था, ऐसे में आयकर विभाग रकम के स्रोत, आय और फर्म के सापेक्ष जमा करवाए जाने वाले आयकर की भी जांच होगी। आयकर विभाग इस रकम के हवाला नेटवर्क की जांच करेगा। इसमें पीड़ित के बयान भी दर्ज होंगे। इसी आधार पर आयकर विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
चुनाव आचार संहिता के दौरान या सामान्य अवस्था में भी अगर 10 लाख रुपये से ज्यादा की रकम किसी के पास से बरामद होती है तो इसकी सूचना संबंधित जांच एजेंसी, आयकर विभाग को भी देती है। ऐसे में जब व्यापारी के पास से पुलिस ने 50 लाख रुपये गलत तरीके से लिए और मामला खुलने पर उसे बरामद भी कर लिया तो अब इन रुपयों की ट्रैवल हिस्ट्री की भी जांच करनी होगी। इसकी जांच आयकर विभाग करेगा।
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आयकर विभाग से जुड़े सूत्र ने बताया कि रुपये बरामद होने के साथ आपराधिक कृत्य (हवाला) के लिए पुलिस ने संबंधित पर कार्रवाई कर दी, लेकिन अब जांच का विषय है कि ये रुपये आखिर किसके थे। सूत्र ने बताया कि व्यापारी ने केस दर्ज कराने में उल्लेख किया है कि प्रतिदिन रुपयों का कलेक्शन कर लाते थे। अब सवाल उठता है कि नकदी कलेक्शन और एकत्र धनराशि पर आयकर उनके द्वारा जमा कराया जाता था या सरकार को टैक्स की चोरी से आर्थिक क्षति पहुंचाई जाती थी, इसकी भी जांच की जाएगी। इसके अलावा कि आखिर 85 लाख रुपये नकद, वह भी बाइक से ले जाने की क्या जरूरत पड़ी, इसकी भी जांच होगी।
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इनकम टैक्स वारंट देकर थाने से लेगा कैश का रिकाॅर्ड
इनकम टैक्स के सूत्र ने बताया कि अगर किसी थाने में व्यापारी की गाड़ी या उसके पास से 10 लाख रुपये से अधिक की रकम बरामद होती है तो फ्लाइंग स्क्वायड का काम शुरू हो जाता है। ये थाने से सूचना लेकर इनकम टैक्स, लखनऊ को देते हैं। इस टीम में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी रहते हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर इनकम टैक्स की टीम सीधे संबंधित थाने पर वारंट लेकर जाती है। इसी वारंट के आधार के पर रुपये की सुपुर्दगी लेकर बयान के लिया बुलवाया जाता है। अगर बयान तथ्यपरक नहीं लगे तो पैसों को विभाग के अधीन रखते हुए समन जारी किया जाता है। फिर जांच आगे बढ़ती है।
हवाला के धंधेबाजों की चांदी
चुनाव के बीच हवाला का धंधा भी चढ़ जाता है। सूत्र बताते हैं कि एक करोड़ रुपये हवाला की रकम को एक से दूसरी तरफ करने पर 50 हजार रुपये का सीधा फायदा हो जाता है। इसके बदले हवाला की रकम को सुरक्षित जगह तक पहुंचाना होता है। हिंदी बाजार का सराफा व्यापार हवाला के धंधे के लिए खासा प्रचलित है। इसके अलावा साहबगंज का खूनीपुर चौक, शाहमाहरूफ और बिसाता मंडी इसका एक बड़ा अड्डा है।
साहबगंज मंडी से हवाला का बड़ा खेल
सूत्रों ने बताया कि साहबगंज और मछली मंडी के नेटवर्क से प्रतिदिन 150 करोड़ रुपये से अधिक हवाला का धंधा होता है। सूत्र ने बताया कि अभी कुछ वर्ष पहले एक व्यापारी के यहां से हवाला के 52 लाख रुपये गलत तरीके से कुरियर लेकर चला गया था। इसकी जानकारी तक किसी को नहीं हो सकी। अवैध सोने के धंधे के साथ दाल और साहबगंज मंडी में थोक का कारोबार करने वाले भी हवाला के इस नेटवर्क की मजबूत कड़ी हैं।
कोट
पुलिस के कार्रवाई की जानकारी मिली है। व्यापारी के पास से मिले रुपयों का आयकर विभाग भी अपने नियमों के तहत जांच करवाएगा। चुनाव के दौरान सामान्य तौर पर इतनी बड़ी धनराशि लेकर ट्रैवल करना, ये सामान्य बात नहीं है। टीम भी इन रुपयों को लेकर नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
-शिखा दरबारी-मुख्य आयकर आयुक्त, आयकर विभाग