दर्द को गैस समझकर न टालें: करते हैं स्मोकिंग...पीते हैं शराब तो हो जाएं सतर्क
डॉ. कुनाल बताते हैं कि जीवनशैली, खान-पान और नियमित चिकित्सा जांच के बारे में सतर्क रहने की आवश्यकता है। विशेष रूप से डायबिटीज के मरीज, हाइपरटेंशन से पीड़ित लोग और जिनको पहले से ही दिल की बीमारी है, ऐसे मरीजों को नियमित रूप से हार्ट के टेस्ट कराने चाहिए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वह खुद डॉक्टर थे और दोस्त से मिलने आए थे, तभी सीने में दर्द हुआ और जान चली गई, तो डीएवी कॉलेज की छात्रा बैडमिंटन खेलते समय गिरी और अस्पताल पहुंचने से पहले उसकी जान चली गई। यह महज एक उदाहरण ये समझाने के लिए युवाओं का दिल बीमार हो चुका है।
डॉक्टर कहते हैं, अगर स्मोकिंग करते हैं, शराब पीते हैं या फिर खेल, व्यायाम करते हैं तो आप को सजग रहने की जरूरत हैं। अपने दिल की जांच करा लें, ताकि यह धोखा न दे जाए। अभी ताजा मामला बहराइच में सामने आया है। गोरखपुर के एकला के रहने वाले सिपाही शिवरतन मौर्या (36) कुर्सी से उठे और गिरे फिर जान चली गई। इनकी मौत भी हार्ट अटैक से हुई है।
डॉक्टर बताते हैं, इसकी वजह हाइपर ट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी हो सकती है। युवावस्था में हृदय रोग नहीं होता, हर दर्द एसिडिटी की वजह से हो रहा है, अब इस तरह की भ्रांतियों से बाहर निकलें। इस तरह की सोच की वजह से ही लोग शुरुआती लक्षणों की अनदेखी करते हैं और फिर अचानक हार्ट अटैक से उनकी जान चली जाती है। इस तरह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
इसे भी पढ़ें: घबराएं नहीं पर सतर्क रहें...सर्दी-जुखाम की तरह हो रहा कोरोना
दूसरा सीने में होने वाला हर दर्द गैस नहीं होता है। अक्सर लोग पहले लक्ष्मण को ऐसे ही टाल देते हैं और गंभीर परिणाम सामने आता है। स्पोर्ट्स या फिर ज्यादा व्यायाम के समय ही होता है, जिससे अचानक जान चली जाती है। इसके लिए सजग रहने की जरूरत है, क्योंकि इस तरह के केस में परिवार की हिस्ट्री बहुत जरूरी है। जिसके घर में भी कोई हृदय रोगी रहा हो, उसे नियमित जांच करानी ही चाहिए।
हाल के दिनों में ये मामले आए सामने
- 16 नवंबर को देवरिया, भटवलिया निवासी डॉ. अभिषेक कुमार (30) की मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी। वह अपने साथी डॉक्टरों से मिलने आए थे।
- एक दिसंबर : डीएवी कॉलेज में बैडमिंटन खेलते समय गौरी मिश्रा नाम की छात्रा की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी।
- 12 दिसंबर : एम्स में एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र शशांक शेखर (26) को हार्ट अटैक आया था। उसे आनन-फानन भर्ती कराया गया था।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में कब्जों के लिए इस्तेमाल हो रहे पोल हटाए,बाल विहार-गोलघर के लिए खोजी पार्किंग
डॉ. कुनाल बताते हैं कि जीवनशैली, खान-पान और नियमित चिकित्सा जांच के बारे में सतर्क रहने की आवश्यकता है। विशेष रूप से डायबिटीज के मरीज, हाइपरटेंशन से पीड़ित लोग और जिनको पहले से ही दिल की बीमारी है, ऐसे मरीजों को नियमित रूप से हार्ट के टेस्ट कराने चाहिए। स्पोर्ट्स करने वाले बच्चों को भी जांच करानी चाहिए। इसके बचाव का सीधा कोई उपाय नहीं है, लेकिन अगर फैमिली में हृदय रोगी हैं तो इसकी जांच करा लेनी चाहिए। युवा समझ कर खुद को जांच से रोकना ही भारी पड़ता है।