{"_id":"5ef60f122ddcfc5fe33ae6c2","slug":"icmr-bans-corona-test-of-three-private-labs-in-gorakhpur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आईसीएमआर ने गोरखपुर के तीन निजी लैबों की कोरोना जांच पर लगाई रोक, ये है बड़ी वजह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईसीएमआर ने गोरखपुर के तीन निजी लैबों की कोरोना जांच पर लगाई रोक, ये है बड़ी वजह
Sat, 27 Jun 2020 09:13 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 27 Jun 2020 09:13 AM IST
सार
- शासन की ओर से मिली थी अनुमति, आईसीएमआर ने नहीं दिए थे जांच के निर्देश
- तत्काल प्रभाव से सीएमओ ने तीनों लैबों को जांच से रोका
विज्ञापन
कोरोना वायरस।
- फोटो : PTi
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर शहर के जिन तीन निजी लैबों को ट्रूनेट मशीन से कोरोना जांच की अनुमति मिली थी, उस पर आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) ने रोक लगा दी है। आईसीएमआर के निर्देश पर शासन की ओर से इन तीन निजी लैबों को तत्काल प्रभाव से जांच रोकने के निर्देश दिए गए है।
विज्ञापन
बताया जाता है कि आईसीएमआर ने जांच की अनुमति नहीं दी थी। बिना आईसीएमआर की अनुमति के ही यह लैब जांच कर रहे थे। सीएमओ ने शुक्रवार को ही तीनों लैबों को जांच करने से मना कर दिया है। अग्रिम आदेश तक तीनों लैब जांच नहीं कर सकते हैं।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक शहर के तिलक पैथालॉजी को 21 जून को, गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय, लाइफ डायग्नोस्टिक सेंटर को 22 जून को जांच की कोरोना जांच की अनुमति दी गई थी। इन तीनों लैबों में ट्रूनेट मशीन से जांच की सुविधा दी गई थी।
विज्ञापन
इसके लिए बकायदा 2500 रुपये शुल्क निर्धारित किए गए थे। अनुमति मिलने के बाद तीनों लैब जांच भी करते हुए इसकी रिपोर्ट शासन के पोर्टल पर अपलोड कर रहे थे। लेकिन इसकी जानकारी आईसीएमआर को नहीं दी गई थी। बताया जाता है कि आईसीएमआर ने इस पर आपत्ति जताई। इसके बाद शासन को निर्देश दिया कि तत्काल प्रभाव से जांच रोकी जाए। इसके बाद शासन ने तीनों लैबों के जांच पर रोक लगा दी है।
आईसीएमआर को नहीं दी गई थी जानकारी
बताया जाता है कि शासन की ओर से इन लैबों को कोरोना जांच की अनुमति दी गई थी। लेकिन इसकी जानकारी आईसीएमआर को नहीं दी गई थी। जबकि पूरे देश में आईसीएमआर की अनुमति पर ही कोरोना की जांच निजी लैब कर रहे हैं। अनुमति से पहले आईसीएमआर की वेबसाइट पर लैब के सभी डिटेल भेजने होते हैं। इसके बाद आईसीएमआर एक लॉगिन आईडी और पासवर्ड देता है, जिस पर मरीजों की पूरी जानकारी शेयर करनी होती है।
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने कहा कि शासन की ओर से तीनों लैबों को अनुमति मिली थी। लेकिन आईसीएमआर ने अनुमति नहीं दी थी। इसकी वजह से आईसीएमआर ने इस पर आपत्ति जताई है। इस पर शासन ने तीनों लैबों पर कोरोना जांच पर रोक लगा दी है। यह रोक अग्रिम आदेश तक लगाई गई है।
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने कहा कि शासन की ओर से तीनों लैबों को अनुमति मिली थी। लेकिन आईसीएमआर ने अनुमति नहीं दी थी। इसकी वजह से आईसीएमआर ने इस पर आपत्ति जताई है। इस पर शासन ने तीनों लैबों पर कोरोना जांच पर रोक लगा दी है। यह रोक अग्रिम आदेश तक लगाई गई है।