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गोरखपुर: शहर के सुंदरीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं में मदद करेगा एचयूआरएल
Sat, 09 Apr 2022 12:01 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 09 Apr 2022 12:01 PM IST
सार
खाद कारखाने का संचालन करने वाली एचयूआरएल ने जिला प्रशासन से किया एमओयू, प्रशासन के प्रस्ताव बनाकर देने पर सीएसआर के तहत फंड उपलब्ध कराएगा एचयूआरएल।
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गोरखपुर खाद कारखाना
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर खाद कारखाना संचालित करने वाला हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) शहर के सुंदरीकरण से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कराने में जिला प्रशासन की मदद करेगा। इस संबंध में एचयूआरएल के अधिकारियों ने गत बृहस्पतिवार को डीएम विजय किरन आनंद के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। प्रशासन विभिन्न क्षेत्रों में विकास या जरूरी संसाधन से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर एचयूआरएल को देगा, जिसके बाद कंपनी सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) फंड के तहत प्रशासन को धन मुहैया कराएगा।
एचयूआरएल इसके पहले भी कोरोना काल में ऑक्सीजन प्लांट, रामगढ़ताल के सुंदरीकरण व प्राथमिक विद्यालयों, गांवों की मरम्मत, सुंदरीकरण समेत अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित करने के लिए करीब 40 करोड़ रुपये का प्रस्ताव स्वीकृत कर चुका है। इसपर काम चल रहा है। करीब छह कस्तूरबा विद्यालयों एवं राजकीय विद्यालयों की मरम्मत एवं सुंदरीकरण आदि के लिए 6.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है, जिसके जल्द ही स्वीकृत हो जाने की उम्मीद है।
अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के क्रम में ही एचयूआरएल ने जिले में शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य सुविधाएं, पानी, शौचालय और ड्रेनेज व्यवस्था, कूड़ा प्रबंधन, महिलाओं के उत्थान, पौध रोपण, मछली पालन, पशुपालन, कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न कार्यों को कराने के लिए प्रशासन के साथ एमओयू किया है।
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एचयूआरएल वरिष्ठ महाप्रबंधक सुबोध दीक्षित ने कहा कि जिले में खेती-किसानी से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, पीने के पानी, पशुपालन, महिलाओं के उत्थान समेत विभिन्न क्षेत्रों में कार्य और जरूरी संसाधनों को उपलब्ध कराने के लिए एचयूआरएल ने डीएम के साथ एमओयू किया है। प्रशासन जैसे-जैसे इन कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराता जाएगा, एचयूआरएल अपने सीएसआर फंड से धन उपलब्ध कराता जाएगा।
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एचयूआरएल इसके पहले भी कोरोना काल में ऑक्सीजन प्लांट, रामगढ़ताल के सुंदरीकरण व प्राथमिक विद्यालयों, गांवों की मरम्मत, सुंदरीकरण समेत अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित करने के लिए करीब 40 करोड़ रुपये का प्रस्ताव स्वीकृत कर चुका है। इसपर काम चल रहा है। करीब छह कस्तूरबा विद्यालयों एवं राजकीय विद्यालयों की मरम्मत एवं सुंदरीकरण आदि के लिए 6.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है, जिसके जल्द ही स्वीकृत हो जाने की उम्मीद है।
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अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के क्रम में ही एचयूआरएल ने जिले में शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य सुविधाएं, पानी, शौचालय और ड्रेनेज व्यवस्था, कूड़ा प्रबंधन, महिलाओं के उत्थान, पौध रोपण, मछली पालन, पशुपालन, कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न कार्यों को कराने के लिए प्रशासन के साथ एमओयू किया है।
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एचयूआरएल वरिष्ठ महाप्रबंधक सुबोध दीक्षित ने कहा कि जिले में खेती-किसानी से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, पीने के पानी, पशुपालन, महिलाओं के उत्थान समेत विभिन्न क्षेत्रों में कार्य और जरूरी संसाधनों को उपलब्ध कराने के लिए एचयूआरएल ने डीएम के साथ एमओयू किया है। प्रशासन जैसे-जैसे इन कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराता जाएगा, एचयूआरएल अपने सीएसआर फंड से धन उपलब्ध कराता जाएगा।