{"_id":"6ab19bd9a9bd99171606edb8","slug":"hole-in-the-heart-found-to-be-the-cause-of-breathlessness-successfully-treated-with-a-device-at-brd-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1458388-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: सांस फूलने की वजह निकला दिल में छेद, बीआरडी में डिवाइस से सफल उपचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: सांस फूलने की वजह निकला दिल में छेद, बीआरडी में डिवाइस से सफल उपचार
विज्ञापन
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग में डॉक्टरों ने 23 वर्षीय महिला के हृदय में जन्मजात छेद (एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट-एएसडी) को डिवाइस की मदद से सफलतापूर्वक बंद कर दिया। महिला को मेहनत करने पर सांस फूलने और धड़कन तेज होने की शिकायत थी। जांच और इकोकार्डियोग्राफी में हृदय के ऊपरी दोनों कक्षों के बीच करीब 18 मिलीमीटर का छेद मिला।
चिकित्सकों ने मरीज को एएसडी डिवाइस क्लोजर के लिए भर्ती किया। डॉ. साकेत रामराइका और उनकी टीम ने प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया।
इसके लिए करीब 24 मिलीमीटर के उपयुक्त डिवाइस का इस्तेमाल किया गया। प्रक्रिया के बाद जांच में डिवाइस अपनी सही स्थिति में पाया गया और छेद पूरी तरह बंद मिला। मरीज की स्थिति संतोषजनक रही और किसी विशेष जटिलता की सूचना नहीं मिली। मरीज को सफलतापूर्वक मोबिलाइज किया गया और वह फिलहाल स्वस्थ एवं स्थिर है।
प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने इस सफलता पर कार्डियोलॉजी विभाग की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक और नवीनतम तकनीकों का विस्तार मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज पूर्वांचल समेत आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी की नई तकनीकों को लगातार विस्तार दे रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चिकित्सकों ने मरीज को एएसडी डिवाइस क्लोजर के लिए भर्ती किया। डॉ. साकेत रामराइका और उनकी टीम ने प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया।
इसके लिए करीब 24 मिलीमीटर के उपयुक्त डिवाइस का इस्तेमाल किया गया। प्रक्रिया के बाद जांच में डिवाइस अपनी सही स्थिति में पाया गया और छेद पूरी तरह बंद मिला। मरीज की स्थिति संतोषजनक रही और किसी विशेष जटिलता की सूचना नहीं मिली। मरीज को सफलतापूर्वक मोबिलाइज किया गया और वह फिलहाल स्वस्थ एवं स्थिर है।
विज्ञापन
प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने इस सफलता पर कार्डियोलॉजी विभाग की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक और नवीनतम तकनीकों का विस्तार मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज पूर्वांचल समेत आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी की नई तकनीकों को लगातार विस्तार दे रहा है।
विज्ञापन