Gorakhpur News: दिन में गर्मी...रात में सर्दी से बढ़ा इंफ्लुएंजा और वायरस का खतरा- ऐसे करें खुद को सुरक्षित
सुबह धूप निकलना, दोपहर में ठंडी हवा और शाम को गलन शुरू हो गई है। अचानक से
मौसम में इतना तेज परिवर्तन इंसानों के लिए ठीक नहीं है। लोग इंफ्लुएंजा और वायरस के खतरे से जूझने लगे हैं।
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जलवायु परिवर्तन का असर मौसम पर अब साफ साफ देखा जा सकता है। इस साल दिसंबर के मध्य तक सर्दी का असर कम रहा, तो वहीं जनवरी और आधी फरवरी तक तेज सर्दी झेलनी पड़ी। अब एक सप्ताह से हर दिन अलग-अलग मौसम का सामना करना पड़ रहा है। इस वजह से लोग बीमार पड़ने लगे हैं। सर्दी, खांसी, जुकाम, गले में खराश, पेट दर्द, डायरिया जैसे लक्षण आ रहे हैं।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. बीके सुमन बताते हैं कि एक सप्ताह से ओपीडी में बुखार और सांस के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसकी वजह एक तो मौसम में परिवर्तन और दूसरे उसके अनुरूप व्यवहार का न होना ही अधिक है। ऐसे वक्त में अगर शुगर, ब्लड प्रेशर व अस्थमा के मरीज अपना ध्यान नहीं रखेंगे तो उन्हें अटैक भी आ सकता है।
आरएमआरसी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अशोक पांडेय बताते हैं कि यह मौसम वायरस के लिए मुफीद है। इसी वजह से अभी जो लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं, उन्हें दो से तीन सप्ताह तक परेशान होना पड़ रहा है। ऐसे मरीजों में एंटीबायोटिक का भी असर कम होता है। अगर बच्चों का इम्यून सिस्टम कमजोर हुआ तो वे इसकी चपेट में आ सकते हैं।
ये करें उपाय
गुनगुना पानी पीएं और गुनगुने पानी से ही नहाएं।
ताजा व हल्का भोजन करें, पेय पदार्थ की मात्रा बढ़ाएं।
बुखार होने पर बिना डॉक्टर से सलाह लिए एंटी बायोटिक का प्रयोग न करें।
मच्छरदानी का प्रयोग करें, मच्छरों से बीमारी फैलती है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने वाले आहार लें।
अगर सुबह मार्निंग वॉक पर जा रहे हैं तो गर्म कपड़े, जूते आदि पहनकर निकलें।
मधुमेह, रक्तचाप और अस्थमा के मरीज अपनी नियमित दवा लेते रहें।