ग्रीन लैंड हॉस्पिटल में तीन बच्चों की मौत मामला: स्वास्थ्य विभाग की चूक, मानक से कम भेजा वैक्सीन का नमूना
ग्रीनलैंड हॉस्पिटल में पांच मार्च को तीन नवजातों को नियमित टीका के तहत बीसीजी, हेपेटाइटिस बी और ओरल पोलियो वैक्सीन लगाई गई थी। टीका लगने के बाद से तीनों बच्चों की हालत बिगड़ गई। इसमें से एक की छह मार्च और दूसरे की 12 मार्च को मौत हो गई। जबकि, तीसरे की मौत 17 मार्च को हुई थी।
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गोरखपुर जिले में करीम नगर चरगांवा स्थित ग्रीनलैंड हॉस्पिटल से जब्त वैक्सीन मामले में स्वास्थ्य विभाग से बड़ी चूक हुई है। मानक से कम नमूना भेजने की वजह से वैक्सीन की जांच नहीं हो सकी। इस पर ड्रग विभाग ने सीएमओ को पत्र भेजकर पर्याप्त नमूना मांगा है, जिससे कि जांच हो सके और मामले की सही जानकारी मिल सके कि आखिर तीनों मासूमों की मौत का कारण क्या था?
ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से वैक्सीन जांच के लिए पत्र मिला था। जिसके बाद अस्पताल से स्वास्थ्य विभाग ने ओरल पोलियो वैक्सीन, हेपेटाइटिस-बी और बीसीजी का वायल जब्त किया था। तीनों वैक्सीन बच्चों को लगाए गए थे। लगने के बाद एक-एक कर तीनों बच्चों की मौत बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में इलाज के दौरान हो गई थी।
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स्वास्थ्य विभाग से तीनों वैक्सीन का एक-एक वायल जांच के मिला था, जिसे जांच के लिए उन्हें हिमाचल प्रदेश के कसौली स्थित वैक्सीन जांच केंद्र पर भेजा गया था। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि तीनों वैक्सीन के वायल जांच के लिए कम थे, जिस पर कसौली से पत्र भेजकर जांच के लिए वैक्सीन की पर्याप्त खुराक मांगी है। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दे दी गई है।
यह है मामला
ग्रीनलैंड हॉस्पिटल में पांच मार्च को तीन नवजातों को नियमित टीका के तहत बीसीजी, हेपेटाइटिस बी और ओरल पोलियो वैक्सीन लगाई गई थी। टीका लगने के बाद से तीनों बच्चों की हालत बिगड़ गई। इसमें से एक की छह मार्च और दूसरे की 12 मार्च को मौत हो गई। जबकि, तीसरे की मौत 17 मार्च को हुई थी।
तीनों नवजातों के परिजनों की तरफ से बीआरडी मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधीर गुप्ता और उनके सहयोगियों के खिलाफ चिलुआताल थाना में केस दर्ज कराया गया है। साथ ही ग्रीनलैंड हॉस्पिटल को सील कर दिया गया है। मामले की जांच भी पुलिस की तरफ से की जा रही है। इसके अलावा तीनों नवजातों का पोस्टमार्टम भी कराया गया, जिसमें मौत का कारण न पता चलने की वजह से विसरा भी सुरक्षित रखा गया है।
ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से हेपेटाइटिस बी, ओरल पोलिया और बीसीजी की वैक्सीन के सैंपल मिले थे, जिसे जांच के लिए हिमाचल प्रदेश के कसौली भेजा गया था। वहां से सैंपल की पर्याप्त डोज न मिलने की बात बताई गई है, जिस पर स्वास्थ्य विभाग से वैक्सीन के पर्याप्त डोज मांगे गए हैं, जिससे की जल्द से जल्द सैंपल की जांच कराई जा सके।