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Gorakhpur News: मरीज माफिया के खुलासा से सकते में स्वास्थ्य विभाग
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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पकड़े गए मरीज माफिया के खुलासे की चर्चा बृहस्पतिवार को पूरे दिन स्वास्थ्य विभाग मेंं बनी रही। हर कोई जानना चाहता था कि आखिर वह कौन साहब हैं, जिनका नाम पूछताछ में आया है। चर्चा यह भी है कि इस साहब और पकड़े गए दलाल के बीच व्हाट्सएप पर भी चैटिंग हुई है।
दो दिन पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों ने दो लोगों को मरीजों की दलाली के आशंका में पकड़कर पुलिस को सौंपा था। इसमें से एक व्यक्ति को पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया था, लेकिन दूसरे से पूछताछ चल रही है। चूंकि कॉलेज प्रशासन ने कोई तहरीर नहीं दी है, इसलिए किसी के खिलाफ अभी केस दर्ज नहीं हुआ है, लेकिन, यह बताया जा रहा है कि पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इस अस्पताल का नाम बदलकर कुछ दिन पहले ही पंजीकरण कराया गया था और इसका पंजीकरण भी महज एक महीने के लिए ही वैध था।
पकड़े गए दलाल ने स्वास्थ्य विभाग के एक अफसर का नाम बताया है। इसके बाद से ही प्रकरण अधिक चर्चा में है। बृहस्पतिवार को पूरे दिन सीएमओ कार्यालय और जिला अस्पताल में इस बात की चर्चा रही कि आखिर वह कौन है, जिसका नाम दलाल ने पुलिस को बताया है। वहीं इस मामले में पुलिस की तरफ से विजिलेंस जांच की सिफारिश के बाद मामला और उलझता दिख रहा है। कहा जा रहा है कि अगर पुलिस के पास नाम पहुंच गया है तो यह भी हो सकता है कि इस मामले में जल्द ही गिरफ्तारी शुरू हो जाए।
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दो दिन पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों ने दो लोगों को मरीजों की दलाली के आशंका में पकड़कर पुलिस को सौंपा था। इसमें से एक व्यक्ति को पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया था, लेकिन दूसरे से पूछताछ चल रही है। चूंकि कॉलेज प्रशासन ने कोई तहरीर नहीं दी है, इसलिए किसी के खिलाफ अभी केस दर्ज नहीं हुआ है, लेकिन, यह बताया जा रहा है कि पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इस अस्पताल का नाम बदलकर कुछ दिन पहले ही पंजीकरण कराया गया था और इसका पंजीकरण भी महज एक महीने के लिए ही वैध था।
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पकड़े गए दलाल ने स्वास्थ्य विभाग के एक अफसर का नाम बताया है। इसके बाद से ही प्रकरण अधिक चर्चा में है। बृहस्पतिवार को पूरे दिन सीएमओ कार्यालय और जिला अस्पताल में इस बात की चर्चा रही कि आखिर वह कौन है, जिसका नाम दलाल ने पुलिस को बताया है। वहीं इस मामले में पुलिस की तरफ से विजिलेंस जांच की सिफारिश के बाद मामला और उलझता दिख रहा है। कहा जा रहा है कि अगर पुलिस के पास नाम पहुंच गया है तो यह भी हो सकता है कि इस मामले में जल्द ही गिरफ्तारी शुरू हो जाए।
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