{"_id":"64c811b1621d760da8037178","slug":"health-department-gorakhpur-news-c-7-gkp1006-258549-2023-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: दो साल पहले मंगाई गई सेंकाई मशीन के पुर्जे अब पहुंच रहे एम्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: दो साल पहले मंगाई गई सेंकाई मशीन के पुर्जे अब पहुंच रहे एम्स
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के कैंसर रोग विभाग के लिए मंगाई गई रेडिएशन मशीन के पुर्जे दो साल बाद सोमवार को गोरखपुर पहुंचना शुरू हुए। इंग्लैंड से आने वाली पूरी मशीन कब तक पहुंचेगी, इसका सटीक अनुमान अभी एम्स प्रशासन भी नहीं लगा पा रहा है। इस मशीन के शुरू होने से पूर्वांचल के कैंसर रोगियों की सेंकाई की सुविधा एम्स में ही मिल जाती, जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिलती।
एम्स गोरखपुर में कैंसर रोगियों के इलाज के लिए रेडिएशन मशीन मंगाई गई थी। करोड़ों रुपये की इस मशीन को यहां तक लाने की जिम्मेदारी जिस कंपनी पर है, उससे संस्थान कई बार पत्राचार कर चुका है। इस मशीन के कुछ पुर्जे इंग्लैंड से पहले कोलकाता बंदरगाह पहुंचे। वहां से सड़क मार्ग से सोमवार को एम्स लाया गया है। बताया जा रहा है कि अभी मशीन का एक भाग ही आया है, शेष चार भाग आने पर ही यह इंस्टाल की जा सकेगी। इसे एम्स के ओपीडी में स्थापित किया जाएगा, जहां कैंसर पीड़ित मरीजों के प्रभावित भाग की सेंकाई की जाएगी।
इस मशीन के चालू हो जाने पर गोरखपुर-बस्ती मंडल के अलावा बिहार और नेपाल से आने वाले मरीजों को कहीं और जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
एम्स गोरखपुर में कैंसर रोगियों के इलाज के लिए रेडिएशन मशीन मंगाई गई थी। करोड़ों रुपये की इस मशीन को यहां तक लाने की जिम्मेदारी जिस कंपनी पर है, उससे संस्थान कई बार पत्राचार कर चुका है। इस मशीन के कुछ पुर्जे इंग्लैंड से पहले कोलकाता बंदरगाह पहुंचे। वहां से सड़क मार्ग से सोमवार को एम्स लाया गया है। बताया जा रहा है कि अभी मशीन का एक भाग ही आया है, शेष चार भाग आने पर ही यह इंस्टाल की जा सकेगी। इसे एम्स के ओपीडी में स्थापित किया जाएगा, जहां कैंसर पीड़ित मरीजों के प्रभावित भाग की सेंकाई की जाएगी।
विज्ञापन
इस मशीन के चालू हो जाने पर गोरखपुर-बस्ती मंडल के अलावा बिहार और नेपाल से आने वाले मरीजों को कहीं और जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।