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Gorakhpur News: सुकरौली में स्क्रैप कारोबारी के यहां जीएसटी का छापा
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फोटो परिचय- करते जीएसटी अधिकारी
मौके पर ही कारोबारी से 2.77 लाख रुपये जमा कराए गए
एडिश्नल कमिश्नर ग्रेट टू के निर्देश पर एसआईबी की टीम ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मंडलीय जीएसटी की टीम ने बुधवार सुबह कुशीनगर जिले के सुकरौली में एक व्यापारी की फर्म पर छापा मारा। जीएसटी अधिकारियों के मुताबिक, लोहे के स्क्रैप के कारोबारी ने अपनी फर्म से प्रतिमाह व्यापार 12 हजार रुपये का आय प्रमाणपत्र दिखाया था। जबकि, फर्म के रिकार्ड के अनुसार पिछले वर्ष व्यापारी ने दो करोड़ रुपये का स्टाक मंगवाया था। ऐसे में करोड़ों रुपये के स्टाक पर भी 12 हजार रुपये प्रतिमाह आय का प्रमाणपत्र बनवा कर टैक्स की चोरी पकड़ी गई।
एडिश्नल कमिश्नर ग्रेड टू संजय कुमार के निर्देश पर ज्वाइंट कमिश्नर उदित नारायण सिंह के साथ सुनील वर्मा की टीम ने सुकरौली की कश्यप फर्म पर छापा मारा। मौके पर निदेशक दयानंद मिले। उनके प्रपत्रों की जांच की गई तो उनके पास 12 हजार रुपये आय का प्रमाणपत्र मिला। गोदाम और फर्म के अन्य कागजों की जांच की गई तो इनके द्वारा वित्तीय वर्ष 2023 और 2024 में दो करोड़ रुपये के लोहे का स्क्रैप मंगवाया गया था। ऐसे, पीछे से मंगाए जा रहे स्क्रैप पर तो इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लेते हुए आगे खुद टैक्स जमा नहीं कर रहे थे।
सूत्रों ने बताया कि आईटीसी में जीएसटी आईटीसी धोखाधड़ी तब होती है जब लोग इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) प्रणाली का दुरुपयोग करते हैं। जैसे, व्यवसायों को अपने भविष्य के कर भुगतान को कम करने के लिए खरीदी गई चीजों पर भुगतान किए गए करों का उल्लेख दिखा दिया जाता। ऐसे कागजों पर आईटीसी भुगतान दिखाते हुए खरीदे गए सामान का आगे व्यापार का क्रम में टैक्स का भुगतान कम करना होता है। ऐसे ही व्यापारी लगातार कर की चोरी करते रहते हैं। इसी सूचना पर मौके पर जाकर जीएसटी टीम ने संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल थी।
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ज्वाइंट कमिश्नर अनिल वर्मा ने बताया कि मौके पर ही व्यापारी से 2.77 लाख रुपये जमा करवाए गए। अभी और जमा करवाए जाएंगे। लोहे के स्क्रैप पर नियमानुसार दिए जाने वाले कर की चोरी पाई गई। जबकि, 12 हजार रुपये आय का इनके पास प्रमाणपत्र मिला है।
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मौके पर ही कारोबारी से 2.77 लाख रुपये जमा कराए गए
एडिश्नल कमिश्नर ग्रेट टू के निर्देश पर एसआईबी की टीम ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मंडलीय जीएसटी की टीम ने बुधवार सुबह कुशीनगर जिले के सुकरौली में एक व्यापारी की फर्म पर छापा मारा। जीएसटी अधिकारियों के मुताबिक, लोहे के स्क्रैप के कारोबारी ने अपनी फर्म से प्रतिमाह व्यापार 12 हजार रुपये का आय प्रमाणपत्र दिखाया था। जबकि, फर्म के रिकार्ड के अनुसार पिछले वर्ष व्यापारी ने दो करोड़ रुपये का स्टाक मंगवाया था। ऐसे में करोड़ों रुपये के स्टाक पर भी 12 हजार रुपये प्रतिमाह आय का प्रमाणपत्र बनवा कर टैक्स की चोरी पकड़ी गई।
एडिश्नल कमिश्नर ग्रेड टू संजय कुमार के निर्देश पर ज्वाइंट कमिश्नर उदित नारायण सिंह के साथ सुनील वर्मा की टीम ने सुकरौली की कश्यप फर्म पर छापा मारा। मौके पर निदेशक दयानंद मिले। उनके प्रपत्रों की जांच की गई तो उनके पास 12 हजार रुपये आय का प्रमाणपत्र मिला। गोदाम और फर्म के अन्य कागजों की जांच की गई तो इनके द्वारा वित्तीय वर्ष 2023 और 2024 में दो करोड़ रुपये के लोहे का स्क्रैप मंगवाया गया था। ऐसे, पीछे से मंगाए जा रहे स्क्रैप पर तो इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लेते हुए आगे खुद टैक्स जमा नहीं कर रहे थे।
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सूत्रों ने बताया कि आईटीसी में जीएसटी आईटीसी धोखाधड़ी तब होती है जब लोग इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) प्रणाली का दुरुपयोग करते हैं। जैसे, व्यवसायों को अपने भविष्य के कर भुगतान को कम करने के लिए खरीदी गई चीजों पर भुगतान किए गए करों का उल्लेख दिखा दिया जाता। ऐसे कागजों पर आईटीसी भुगतान दिखाते हुए खरीदे गए सामान का आगे व्यापार का क्रम में टैक्स का भुगतान कम करना होता है। ऐसे ही व्यापारी लगातार कर की चोरी करते रहते हैं। इसी सूचना पर मौके पर जाकर जीएसटी टीम ने संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल थी।
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ज्वाइंट कमिश्नर अनिल वर्मा ने बताया कि मौके पर ही व्यापारी से 2.77 लाख रुपये जमा करवाए गए। अभी और जमा करवाए जाएंगे। लोहे के स्क्रैप पर नियमानुसार दिए जाने वाले कर की चोरी पाई गई। जबकि, 12 हजार रुपये आय का इनके पास प्रमाणपत्र मिला है।