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आफत की बाढ़: गोरक्षनगरी के लोगों को श्रीराम की नगरी के मल्लाह दे रहे राहत, बोले- हमें रामजी बचाएंगे
Fri, 10 Sep 2021 02:34 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 10 Sep 2021 02:34 PM IST
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
जलप्लावन की विभीषिका से जूझ रहे गोरक्षनगरी के लोगों को भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या के मल्लाह राहत पहुंचा रहे हैं। गुप्तार घाट,अयोध्या से अपनी नाव लेकर यहां आए केवट भोर से लेकर देर रात तक, लोगों को घर से सड़क और सड़क से घर तक पहुंचा रहे हैं। एकदम निशुल्क, जैसे श्री राम से केवट ने कहा था, नाथ न लूंगा उतराई। बदले में राम ने केवट पर अपना स्नेह उडे़ल दिया था, मोहल्ले के लोग भी इन केवटों पर स्नेह उड़ेल रहे हैं।
गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
इन नाविकों को यहां प्रशासन लाया है, जाहिर है कि इसका भुगतान भी होगा। लेकिन, आपदा के समय में जिस तरह राहत में लगे लोग मौके का फायदा उठाते हैं, वैसी एक भी शिकायत नहीं है। निजी तौर पर किसी से उतराई के लिए इन नाविकों ने किसी से कुछ नहीं मांगा।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
मोहल्ले के रवि, विश्राम, दिनेश आदि बताते हैं कि वैसे तो राजू सुबह पांच बजे से रात में 11 बजे तक अपनी नाव लेकर तत्पर रहते हैं, लेकिन इसके बाद भी अगर कोई पहुंच गया तो ये उसे मना नहीं करते। बदले में किसी से कोई अतिरिक्त चाह नहीं है। नाविक हरिकेश निषाद बहरामपुर गांव के लोगों की सेवा में लगे हैं।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
बांध पर खड़ा एक भी व्यक्ति अगर अपने घर जाना चाहता है तो हरिकेश की सेवाएं उसके लिए उपलब्ध रहती हैं। बिना थके काम करने का यह जज्बा कहां से पाते हैं, के सवाल पर राजू निषाद मुस्कुराते हुए कहते हैं कि हमने तो भगवान श्रीराम को भी सेवा भाव से नदी पार कराया था, आज भी वही कर रहे हैं।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
अयोध्या में हमें रामजी बचाएंगे
अयोध्या के गुप्तार घाट से करीब 20 मल्लाह अपनी नाव समेत गोरखपुर आए हैं। इनमें से कई तो ऐसे हैं जो एक ही परिवार के हैं। बातचीत के क्रम में सरवन निषाद ने बताया कि अपना घर खाली छोड़कर यहां आए हैं। अगर अयोध्या में बाढ़ आए तो गुप्तार घाट का उनका मोहल्ला सबसे पहले प्रभावित होगा। वहां हमें राम जी बचाएंगे और उनके आदेश पर हम यहां बाकी लोगों को।
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