गोरखपुर विश्वविद्यालय: उच्चस्तरीय समिति प्रवेश प्रक्रिया की करेगी समीक्षा, कुलपति ने समिति का किया गठन
गोविवि कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि प्रवेश मानदंड और वेटेज आवंटन में सुधार के लिए समिति का गठन किया गया है। यह प्रयास विश्वविद्यालय को मजबूत करेगा और इसकी निरंतर सफलता में योगदान देगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया की समीक्षा एवं सुधार के लिए कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति शैक्षणिक कार्यक्रमों में प्रवेश पाने के इच्छुक आवेदकों के लिए प्रवेश मानदंड और वेटेज के आवंटन से संबंधित सुधारों की समीक्षा करेगी और महत्वपूर्ण सुझाव देगी।
इस समिति में अधिष्ठाता विधि संकाय, अधिष्ठाता कला संकाय, अधिष्ठाता वाणिज्य संकाय, अधिष्ठाता विज्ञान संकाय एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण सदस्य होंगे। इसके साथ ही समिति में कुलपति की ओर से नामित छात्र प्रतिनिधि और एक अन्य सदस्य भी होंगे। इस समिति का उद्देश्य वर्तमान प्रवेश प्रक्रिया की समीक्षा करना, सुधार के क्षेत्रों की पहचान करना और निष्पक्षता, पारदर्शिता और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के साथ विश्वविद्यालय के लक्ष्यों के अनुरूप परिवर्तनों का प्रस्ताव करना होगा।
प्रवेश के मानदंड की समीक्षा कर सुधार पर तैयार होगी रिपोर्ट
समिति वर्तमान प्रवेश मानदंड का मूल्यांकन करने और प्रक्रिया में ताकत और कमजोरियों की पहचान करेगी। साथ ही वर्तमान प्रवेश प्रक्रिया के साथ उनके अनुभवों और सुधार के लिए उनके सुझावों के संबंध में छात्रों, संकाय और प्रशासनिक कर्मचारियों से प्रतिक्रिया प्राप्त करेगी। प्रवेश मानदंड और आवेदन के विभिन्न पहलुओं, जैसे शैक्षणिक प्रदर्शन, मानकीकृत परीक्षण स्कोर, पाठ्येतर गतिविधियों और अन्य प्रासंगिक कारकों को दिए गए वेटेज में सुधार के लिए सिफारिशों का एक सेट विकसित करेगी। समिति एक व्यापक रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसमें प्रस्तावित परिवर्तनों, उनके पीछे के तर्क और कार्यान्वयन के लिए एक समय व रूपरेखा प्रस्तुत करेगी।
अनुसंधान पर दिया जाएगा जोर
गोविवि कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि प्रवेश मानदंड और वेटेज आवंटन में सुधार के लिए समिति का गठन किया गया है। यह प्रयास विश्वविद्यालय को मजबूत करेगा और इसकी निरंतर सफलता में योगदान देगा। विश्वविद्यालय के प्रवेश मानदंडों की नियमित समीक्षा और समायोजन यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि हम सर्वोत्तम और सबसे विविध प्रतिभाओं को आकर्षित करना जारी रखें।