{"_id":"620363e513853b3180106e5f","slug":"gorakhpur-university-acharya-prof-kamlesh-gupta-suspension-withdrawn","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर विश्वविद्यालय: आचार्य प्रो. कमलेश गुप्त का निलंबन वापस, सात शिक्षकों का रुका हुआ वेतन होगा जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर विश्वविद्यालय: आचार्य प्रो. कमलेश गुप्त का निलंबन वापस, सात शिक्षकों का रुका हुआ वेतन होगा जारी
Wed, 09 Feb 2022 12:19 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 09 Feb 2022 12:19 PM IST
सार
विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रो. कमलेश गुप्त के निलंबन प्रकरण पर जांच समिति गठित की थी। जांच समिति की अंतरिम संस्तुति को स्वीकार करते हुए प्रो. गुप्त का निलंबन, समिति की अंतिम रिपोर्ट प्राप्त होने तक वापस लेने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. कमलेश कुमार गुप्त का सत्याग्रह। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने हिंदी विभाग के आचार्य प्रो. कमलेश गुप्त का निलंबन जांच समिति की अंतिम रिपोर्ट आने तक वापस ले लिया है। इसके साथ ही सात शिक्षकों का एक दिन का कटा हुआ वेतन भी जारी किया जाएगा।
उधर, प्रो. गुप्त ने बुधवार दिन में 11:45 बजे से प्रशासनिक भवन पर धरना देने का निर्णय लिया है। प्रो गुप्त ने कहा है कि उनका धरना कुलपति को हटाए जाने तक चलता रहेगा।
प्रो. कमलेश गुप्त, कुलपति को हटाए जाने और उनके कार्यकाल के आय-व्यय की जांच की मांग लेकर 21 दिसंबर 2021 को प्रशासनिक भवन पर धरने पर बैठे थे। उनके समर्थन में सात शिक्षक भी आ गए। जिसे अनुशासनहीनता मानते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रो. कमलेश को निलंबित कर दिया था और सात शिक्षकों के एक दिन का वेतन रोकने का निर्णय लिया था।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रो. कमलेश गुप्त के निलंबन प्रकरण पर जांच समिति गठित की थी। जांच समिति की अंतरिम संस्तुति को स्वीकार करते हुए प्रो. गुप्त का निलंबन, समिति की अंतिम रिपोर्ट प्राप्त होने तक वापस लेने का निर्णय लिया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सात शिक्षकों का एक दिन का रुका हुआ वेतन भी जारी करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संबंधित शिक्षकों से अपेक्षा की है, वे पूर्ण सत्यनिष्ठा और कर्तव्यनिष्ठा से कार्य करेंगें। विश्वविद्यालय की परिनियमावली में निहित आचार संहिता का अनुपालन करेंगे।
विज्ञापन
उधर, प्रो. गुप्त ने बुधवार दिन में 11:45 बजे से प्रशासनिक भवन पर धरना देने का निर्णय लिया है। प्रो गुप्त ने कहा है कि उनका धरना कुलपति को हटाए जाने तक चलता रहेगा।
विज्ञापन
प्रो. कमलेश गुप्त, कुलपति को हटाए जाने और उनके कार्यकाल के आय-व्यय की जांच की मांग लेकर 21 दिसंबर 2021 को प्रशासनिक भवन पर धरने पर बैठे थे। उनके समर्थन में सात शिक्षक भी आ गए। जिसे अनुशासनहीनता मानते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रो. कमलेश को निलंबित कर दिया था और सात शिक्षकों के एक दिन का वेतन रोकने का निर्णय लिया था।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रो. कमलेश गुप्त के निलंबन प्रकरण पर जांच समिति गठित की थी। जांच समिति की अंतरिम संस्तुति को स्वीकार करते हुए प्रो. गुप्त का निलंबन, समिति की अंतिम रिपोर्ट प्राप्त होने तक वापस लेने का निर्णय लिया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सात शिक्षकों का एक दिन का रुका हुआ वेतन भी जारी करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संबंधित शिक्षकों से अपेक्षा की है, वे पूर्ण सत्यनिष्ठा और कर्तव्यनिष्ठा से कार्य करेंगें। विश्वविद्यालय की परिनियमावली में निहित आचार संहिता का अनुपालन करेंगे।