{"_id":"68852e50c4d5e500a00604f1","slug":"gorakhpur-news-we-have-come-to-biharif-we-dont-get-the-ransom-we-will-take-him-to-jharkhand-and-shoot-him-dead-gorakhpur-news-c-7-hsr1010-1015982-2025-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: बिहार आ गए हैं...फिरौती नहीं मिली तो झारखंड ले जाकर मार देंगे गोली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: बिहार आ गए हैं...फिरौती नहीं मिली तो झारखंड ले जाकर मार देंगे गोली
विज्ञापन
बदमाशों के चंगुल से छूटे एयरफोर्स के रिटायर्ड कर्मी ने सुनाई आपबीती, गलत लोकेशन बताकर धमका रहे थे
परिवार से मिलते ही फूट-फूटकर रो पड़े, बोले-12 घंटे तक अहसास हुआ कि नरक में आ गए हैं
गोरखपुर। अपहरण करने वाले बदमाशों के चंगुल से छूटने के बाद रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी अशोक जायसवाल शुक्रवार की रात जब परिवार से मिले तो फूट-फूटकर रो पड़े। शनिवार को उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई। बताया कि बदमाशों ने उनकी आंख पर पट्टी बांध दी थी। फिर कार में घुमाने के दौरान बदमाश उन्हें गलत लोकेशन बताकर जान से मारने की धमकी दे रहे थे। वह बार-बार बोल रहे थे कि बिहार पहुंच गए हैं। थोड़ी देर में झारखंड पहुंच जाएंगे। यदि फिरौती की रकम नहीं मिली तो वहीं पर गोली मार देंगे।
अशोक ने बताया कि कौवाबाग अंडरपास पर बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद जबरदस्ती कार में बैठा लिया। अंदर बैठाकर कनपट्टी पर तमंचा सटा दिया और आंखों पर पट्टी बांध दी। उन्होंने विरोध किया तो एक आरोपी करुणेश ने दो थप्पड़ जड़ दिए। इसके बाद वे कार में बैठाकर घुमाने लगे। कार में चालक और तीन अन्य बदमाश थे। उनको बीच वाली सीट पर बैठाया गया था। दोनों तरफ एक-एक बदमाश बैठे थे।
उन्होंने बताया कि बदमाश दो कार से चल रहे थे। थोड़ी देर बाद उन्हें दूसरी कार में बैठा दिया गया। आंखों पर पट्टी बंधे होने की वजह से कुछ पता नहीं चला कि कहां जा रहे हैं। इसके बाद एक पेट्रोल पंप से बदमाशों ने 1000 रुपये का तेल डलवाया। अशोक ने कहा कि बदमाश उन्हें रास्ते भर धमकी दे रहे थे। बोल रहे थे-पांच करोड़ रुपये दे दो नहीं तो तुम्हारी हत्या कर देंगे।
विज्ञापन
उन्हाेंने बदमाशों से कहा कि एक दिन तो मरना ही है। हत्या करना तो लाश उनके घर के पास फेंक देना ताकि परिवार अंतिम संस्कार कर सके। फिर बदमाशों ने कहा-तुम्हारे घर की आलमारी में 12 करोड़ रुपये रखे हैं। हमें सब जानकारी है। वीडियो कॉल करके अपनी पत्नी से कहो कि रुपये दिखाए। कार में बैठाने के बाद बदमाश पांच करोड़ की डिमांड करते-करते एक करोड़ रुपये तक आ गए। उसके बाद शाम को कहा कि 15 लाख भी मिल जाएगा तो छोड़ देंगे।
धमकी दी कि अब बिहार पहुंच गए हैं, झारखंड पहुंचने वाले हैं। वहीं पर ले जाकर उनकी हत्या कर देंगे। अशोक ने बताया कि बदमाशों ने दिनभर में उन्हें दो बार पेशाब कराने के लिए नीचे उतारा। कुछ भी खाने-पीने को नहीं दिया। बताया कि उस दौरान लग रहा था कि नरक में आ गए हैं। लग रहा था कि अब दोबारा परिवार से नहीं मिल पाएंगे।
पिता और भाई का भी हो चुका है अपहरण
अशोक ने बताया कि उनके परिवार में पहले भी लोगों का अपहरण हो चुका है। वह चार भाई हैं। बड़े भाई की मौत हो चुकी है। एक भाई निचलौल और दूसरे बंगलूरू में रहते हैं। पिता बड़ेलाल प्रसाद का 1995 में बिहार के बेतिया में अपहरण हो गया था। वह वहीं पर व्यापारी थे। इसके पहले 1985 में बड़े भाई मुरारी प्रसाद का भी बेतिया से ही अपहरण हुआ था।
--
सीएम कार्यालय से आई थी कॉल
अशोक ने बताया कि शुक्रवार की रात आठ बजे के करीब मुख्यमंत्री कार्यालय से पत्नी डॉ. सुषमा के नंबर पर कॉल आया था। उनका हाल-चाल लिया गया। उन्होंने पति की सकुशल घर वापसी के लिए पुलिस प्रशासन को धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि बदमाश अपने मोबाइल फोन के जरिये सोशल मीडिया पर उनकी अपहरण की खबर चलने की पूरी जानकारी लेते रहे। उन्हें लग गया था कि पुलिस अब उनके पीछे पड़ गई है।
--
विज्ञापन
परिवार से मिलते ही फूट-फूटकर रो पड़े, बोले-12 घंटे तक अहसास हुआ कि नरक में आ गए हैं
गोरखपुर। अपहरण करने वाले बदमाशों के चंगुल से छूटने के बाद रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी अशोक जायसवाल शुक्रवार की रात जब परिवार से मिले तो फूट-फूटकर रो पड़े। शनिवार को उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई। बताया कि बदमाशों ने उनकी आंख पर पट्टी बांध दी थी। फिर कार में घुमाने के दौरान बदमाश उन्हें गलत लोकेशन बताकर जान से मारने की धमकी दे रहे थे। वह बार-बार बोल रहे थे कि बिहार पहुंच गए हैं। थोड़ी देर में झारखंड पहुंच जाएंगे। यदि फिरौती की रकम नहीं मिली तो वहीं पर गोली मार देंगे।
अशोक ने बताया कि कौवाबाग अंडरपास पर बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद जबरदस्ती कार में बैठा लिया। अंदर बैठाकर कनपट्टी पर तमंचा सटा दिया और आंखों पर पट्टी बांध दी। उन्होंने विरोध किया तो एक आरोपी करुणेश ने दो थप्पड़ जड़ दिए। इसके बाद वे कार में बैठाकर घुमाने लगे। कार में चालक और तीन अन्य बदमाश थे। उनको बीच वाली सीट पर बैठाया गया था। दोनों तरफ एक-एक बदमाश बैठे थे।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि बदमाश दो कार से चल रहे थे। थोड़ी देर बाद उन्हें दूसरी कार में बैठा दिया गया। आंखों पर पट्टी बंधे होने की वजह से कुछ पता नहीं चला कि कहां जा रहे हैं। इसके बाद एक पेट्रोल पंप से बदमाशों ने 1000 रुपये का तेल डलवाया। अशोक ने कहा कि बदमाश उन्हें रास्ते भर धमकी दे रहे थे। बोल रहे थे-पांच करोड़ रुपये दे दो नहीं तो तुम्हारी हत्या कर देंगे।
विज्ञापन
उन्हाेंने बदमाशों से कहा कि एक दिन तो मरना ही है। हत्या करना तो लाश उनके घर के पास फेंक देना ताकि परिवार अंतिम संस्कार कर सके। फिर बदमाशों ने कहा-तुम्हारे घर की आलमारी में 12 करोड़ रुपये रखे हैं। हमें सब जानकारी है। वीडियो कॉल करके अपनी पत्नी से कहो कि रुपये दिखाए। कार में बैठाने के बाद बदमाश पांच करोड़ की डिमांड करते-करते एक करोड़ रुपये तक आ गए। उसके बाद शाम को कहा कि 15 लाख भी मिल जाएगा तो छोड़ देंगे।
धमकी दी कि अब बिहार पहुंच गए हैं, झारखंड पहुंचने वाले हैं। वहीं पर ले जाकर उनकी हत्या कर देंगे। अशोक ने बताया कि बदमाशों ने दिनभर में उन्हें दो बार पेशाब कराने के लिए नीचे उतारा। कुछ भी खाने-पीने को नहीं दिया। बताया कि उस दौरान लग रहा था कि नरक में आ गए हैं। लग रहा था कि अब दोबारा परिवार से नहीं मिल पाएंगे।
पिता और भाई का भी हो चुका है अपहरण
अशोक ने बताया कि उनके परिवार में पहले भी लोगों का अपहरण हो चुका है। वह चार भाई हैं। बड़े भाई की मौत हो चुकी है। एक भाई निचलौल और दूसरे बंगलूरू में रहते हैं। पिता बड़ेलाल प्रसाद का 1995 में बिहार के बेतिया में अपहरण हो गया था। वह वहीं पर व्यापारी थे। इसके पहले 1985 में बड़े भाई मुरारी प्रसाद का भी बेतिया से ही अपहरण हुआ था।
सीएम कार्यालय से आई थी कॉल
अशोक ने बताया कि शुक्रवार की रात आठ बजे के करीब मुख्यमंत्री कार्यालय से पत्नी डॉ. सुषमा के नंबर पर कॉल आया था। उनका हाल-चाल लिया गया। उन्होंने पति की सकुशल घर वापसी के लिए पुलिस प्रशासन को धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि बदमाश अपने मोबाइल फोन के जरिये सोशल मीडिया पर उनकी अपहरण की खबर चलने की पूरी जानकारी लेते रहे। उन्हें लग गया था कि पुलिस अब उनके पीछे पड़ गई है।