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Gorakhpur News: भ्रष्टाचार की आशंका...दस सालों में हुई खरीद की खंगाली जा सकती हैं फाइलें

Tue, 29 Jul 2025 01:33 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 29 Jul 2025 01:33 AM IST
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Gorakhpur News: Suspicion of corruption...files of purchases made in the last ten years can be scrutinized
महिला रिक्रूट हंगामा प्रकरण : सभी महिला रिक्रूट गेट के बाहर कैसे आईं, इसकी भी हो रही जांच
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पीएसी गेट पर तैनात जवानों के भी दर्ज किए गए बयान

गोरखपुर। महिला रिक्रूट हंगामा मामले में जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। भ्रष्टाचार की आशंका को देखते हुए बीते दस सालों में हुई खरीद की जांच भी होने जा रही है। इस अवधि की फाइलें खंगालने की तैयारी चल रही है। इसके अलावा हंगामें के दिन एक साथ सभी महिला रिक्रूट गेट के बाहर कैसे चली गईं? इन्हें रोका क्यों नहीं गया? अब से सवाल भी जांच के दायरे में आ गया है। इसके लिए जांच अधिकारी ने पीएसी गेट से लेकर रिक्रूट कैंप तक तैनात पुलिस कर्मियों के बयान भी दर्ज किए हैं।
निलंबित किए गए पीएसी के कमांडेंट आनंद कुमार की तैनाती 2 फरवरी 2024 को हुई थी जबकि आरटीसी प्रभारी संजय राय वर्ष 2014 से तैनात थे। सूत्रों के मुताबिक, आरटीसी प्रभारी की तैनाती कहीं और थी लेकिन अपने प्रभाव के चलते वे यहां से हिले नहीं। बताया जा रहा है कि पीएसी कैंप में प्रशिक्षुओं के लिए प्रत्येक वर्ष दो सेट ड्रेस, जूता-मोजा, बाल्टी, कूलर-पंखा आदि की खरीदारी होती है। इसके अलावा संविदा पर फॉलोअर, सफाईकर्मी व धोबी रखे जाते हैं, इन्हें प्रतिदिन के हिसाब से 400 से 500 रुपये दिया जाता है। सूत्रों की माने तो पिछले 10 साल में खरीद और संविदा पर रखे गए कर्मियों में गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। इन सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।
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हंगामे के दिन गेट पर तैनात गार्ड के भी बयान दर्ज
जांच अधिकारी उप सेनानायक अशोक कुमार वर्मा के पास सभी महिला रिक्रूट और ड्यूटी पर तैनात पीएसी जवानों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जांच अधिकारी ने बाहर आने वाले समय के दौरान कैंप से लेकर गेट तक अलग-अलग जो लोग भी ड्यूटी पर थे, उन सभी के बयान दर्ज किए हैं। सभी महिला रिक्रूट और जवानों के बयान का अवलोकन किया जाएगा। इसके बाद इसे रिपोर्ट में दर्ज किया जाएगा। अब तक की जांच में सामने आया है कि महिला रिक्रूट जब आक्रोशित होकर परिसर से बाहर की ओर चलीं तो उन्हें रोकने की कोशिश भी नहीं की गई। उस दौरान कैंप में मौजूद सभी 598 महिला रिक्रूट एक साथ बाहर निकलकर पीएसी गेट के बाहर हंगामा शुरू कर दिया था। हंगामें के बाद शासन ने पीएसी के कमांडेंट आनंद कुमार, आरटीसी प्रभारी संजय राय को निलंबित कर दिया था और साथ ही मामले की जांच भी बैठा दी थी।
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खुफिया एजेंसी को भी नहीं लगी भनक
पीएसी कैंप परिसर में तीन दिनों से अव्यवस्था को महिला रिक्रूट के बीच आक्रोश पनप रहा था लेकिन खुफिया एजेंसी को भी इसकी भनक नहीं लगी। यही वजह रही कि आला अधिकारियों को भी इस प्रकरण की जानकारी हंगामें के बाद हुई। बताया जा रहा है कि इसे लेकर शासन स्तर पर नाराजगी है कि अगर मामला पहले पता होता तो जिस दिन सीएम शहर में थे उस दिन हंगामा को रोका जा सकता था।

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खंगाले जा रहे सीसीटीवी कैमरे
सूत्रों के अनुसार जांच अधिकारी ने बयान दर्ज करने के साथ ही पीएसी परिसर व गेट के भीतर व बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगालना शुरू कर दिया है। बारीकी से देखा जा रहा है कि हंगामे के दिन किसी ने महिला रिक्रूट को बरगलाया तो नहीं था। इसके लिए आसपास दुकानदारों से भी संपर्क किया गया है।

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