फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   In Gorakhpur, Seeing her son's dead body, Nikita hugged her father and burst into tears.

मोहद्दीपुर हादसा: बेटे का शव देख पिता से लिपटकर फफक पड़ीं निकिता, चीखना चाह रही थी- चीख न सकी

Mon, 16 Dec 2024 11:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Mon, 16 Dec 2024 11:56 AM IST
सार

रविवार शाम करीब 4:30 बजे मेडिकल कॉलेज से अंगद का शव आया। पिकअप पर बेटे अंगद का शव था। परिजनों ने शव को बाहर निकाला और व्हीलचेयर पर बैठीं निकिता के पास ले गए। घायल निकिता अंगद का पैर पकड़कर इशारे से उसके चेहरे से सफेद कपड़ा हटाने के लिए कहने लगीं। परिजनों ने कपड़ा नहीं हटाया, उनके हाथ से अंगद का पैर छुड़ाकर फिर गाड़ी में शव रख दिया।

विज्ञापन
In Gorakhpur, Seeing her son's dead body, Nikita hugged her father and burst into tears.
हॉस्पिटल के बाहर व्हील चेयर पर बैठी निकिता और साथ में परिजन और कालोनी के लोग।

विस्तार

मोहद्दीपुर हादसे में पति और दो बेटियों को खोने के बाद निकिता ने घर का आखिरी चिराग बेटे अंगद को भी खो दिया। परिजन रविवार को अंगद की मौत के बाद सफेद कपड़े में लिपटा शव लेकर निजी अस्पताल में भर्ती निकिता के पास पहुंचे।
विज्ञापन


पति और दो बेटियों और अंगद की मौत की जानकारी दी गई। निकिता का जबड़ा टूटा है इसलिए वह चाहकर भी चीख नहीं पाई। उनकी आंखों से आंसू गिरने लगे। पास खड़े पिता रविंद्र कुमार से लिपटकर निकिता फफक पड़ीं।
विज्ञापन


शनिवार शाम करीब पांच बजे अंगद ने मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके बाद परिवार ने फैसला किया कि अब हादसे में बची निकिता को सारी सच्चाई बता दी जाए। पति और दो बेटियों को आखिरी बार वह नहीं देख सकीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


आखिरी चिराग अपने बेटे को वह एक बार देख लें। रविवार को मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम कराने के बाद अंगद का शव लेकर परिजन गोरखनाथ इलाके के अंश हॉस्पिटल में पहुंचे। यहां ससुराल मोहद्दीपुर और मायके जटेपुर उत्तरी की 25 से 30 महिलाएं निकिता को संभालने के लिए पहले ही पहुंच गई थीं।

व्हीलचेयर पर सड़क पर लाई गईं निकिता
रविवार शाम करीब 4:30 बजे मेडिकल कॉलेज से अंगद का शव आया। इसके बाद अंश हॉस्पिटल के वार्ड में भर्ती निकिता को व्हीलचेयर से बाहर सड़क तक लाया गया। पिकअप पर बेटे अंगद का शव था। परिजनों ने शव को बाहर निकाला और व्हीलचेयर पर बैठीं निकिता के पास ले गए।

घायल निकिता अंगद का पैर पकड़कर इशारे से उसके चेहरे से सफेद कपड़ा हटाने के लिए कहने लगीं। परिजनों ने कपड़ा नहीं हटाया, उनके हाथ से अंगद का पैर छुड़ाकर फिर गाड़ी में शव रख दिया। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद महिलाएं और पुरुष की आंखों में आंसू आए गए।

सड़क पर अगल-बगल से देख रहे लोगों की आंखें भी नम हो गईं। इसके बाद निकिता को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। अभी तक उसके जबड़े का ऑपरेशन नहीं हो सका है।


देर शाम राजघाट पर अंतिम संस्कार किया निकिता के ससुर राजेंद्र कुमार ने बताया कि हादसे के बाद से ही निकिता हर दिन इशारे से पति और बच्चों से मिलाने के लिए कहती रहीं, उसे कुछ भी नहीं बताया गया था। बार-बार वीडियो कॉल पर देखने के लिए कहती थीं।

अंगद की मौत के बाद सारी सच्चाई बता दी गई। अंगद की मौत की सूचना पर मोहद्दीपुर के लेबर कॉलोनी में स्थित विक्रांत के घर भीड़ लग गई थी। देर शाम अंगद का राजघाट में अंतिम संस्कार किया गया।

छह दिसंबर को हुआ था हादसा
छह दिसंबर की देर रात एक रेसर बाइक ने विक्रांत की बाइक में टक्कर मारी थी। हादसे में विक्रांत (34) और उनकी दो साल बेटी लाडो, एक साल की बेटी परी के अलावा रुस्तमपुर के मोनू चौहान (32) और बेतियाहाता हनुमान मंदिर के सूरज (20) की मौत हो गई।


वहीं, विक्रांत की पत्नी निकिता (30) और पांच साल के बेटे अंगद के साथ ही तीसरा बाइक सवार कुशीनगर अहिरौली निवासी चिन्मयानंद मिश्रा (25) गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों घायलों को मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। शनिवार को अंगद की भी मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed