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Gorakhpur News: शहर में करते रहे प्रदर्शन, कोई नहीं गया प्रभात के घर....शाम को आया राहुल गांधी का फोन
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गोरखपुर। दो दिन पहले कांग्रेस की तरफ से लखनऊ में विधानसभा भवन घेराव करने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का मुक्की से पिपरौली ब्लॉक के देईपार निवासी प्रभात पांडेय की मौत हो गई थी। अगले दिन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी श्रद्धांजलि देने गांव देईपार पहुंचे थे। लेकिन, शुक्रवार को कोई बड़ा नेता प्रभात के गांव नहीं पहुंचा। कांग्रेस पदाधिकारी दिन भर शहर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन करते रहे। शाम को कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रभात के पिता से फोन पर बात कर सांत्वना दी। प्रभात के चाचा का कहना है कि मौत पर अब तक केवल राजनीति ही हुई है।
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प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता हुए गिरफ्तार
शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के राज्य सभा में दिए गए बयान को लेकर प्रदर्शन के लिए एकत्रित हुए। जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान के नेतृत्व में एमपी तिराहे पर एकत्रित हुए और केंद्रीय गृह मंत्री का पुतला जलाया। जानकारी होने पर पहुंची पुलिस ने जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान, स्नेहलता गौतम, राजेश निषाद, सोनिया शुक्ला, ध्रुपचन्द पासवान और सच्चिदानंद तिवारी आदि को बिना अनुमति सड़क पर प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार कर कैंट थाने भेज दिया। जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान ने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्हें सड़क पर घसीटा गया, जिससे कुर्ता भी फट गया।
इस दौरान शहला अहरारी, प्रेमलता चतुर्वेदी, राकेश यादव, निर्मला वर्मा, जितेन्द्र विश्वकर्मा, सत्येन्द्र निषाद, अनुराग पाण्डेय, गुड्डू तिवारी, सुशीला देवी, बादल चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
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प्रभात के पिता से राहुल गांधी ने की बात, कहा हम सब आपके साथ
गोरखपुर। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रभात पांडेय के पिता दीपक पांडेय से बातकर सांत्वना दी और कहा कि इस दुख की घड़ी में हम सब आपके साथ हैं। किसी भी चीज की जरूरत हो तो हमें बता देना, पार्टी इसकी व्यवस्था करेगी। देईपार ग्राम प्रधान चंद्रभूषण पांडेय ने बताया कि सबसे पहले 5:54 बजे राहुल गांधी की कॉल आई। फिर 6:02 बजे कॉल आई। इसके बाद मोबाइल पर 6:14 मिनट पर कॉल आई तब राहुल गांधी की बात प्रभात के पिता दीपक पांडेय से कराई गई। राहुल के निजी सचिव आलेकर स्वाई ने कॉल की थी। राहुल गांधी ने 3:29 मिनट तक बात की।
पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पिता से घटना के बारे में पूछा तो दीपक रोते हुए बोले मुझ कुछ नहीं पता। दीपक बोले मेरा तो चिराग ही खत्म हो गया, कमाई धमाई का साधन, बुढापे का सहारा सब खत्म हो गया, क्या बचा हमारे पास। पिता ने राहुल गांधी को बताया कि पत्नी दोपहर से ही प्रभात को कॉल कर रही थी, वह फोन नहीं उठा रहा था। पांच बजे कॉल रिसीव हुआ तो कोई बोला कि कार्यालय पर प्रभात बेहोश पड़े हैं। इसके बाद लखनऊ में अपने भाई को कॉल कर सारी बात बताई, थोड़ी देर बाद पता चला कि बेटा नहीं रहा। इसके बाद राहुल ने बोला कि हम सब हैं आपके साथ मम्मी को आपको और पूरे परिवार को मेरा प्यार।
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मां हर दिन वीडियो कॉल पर करती थी बेटे से बात, अब टूटी आस
अमर उजाला ब्यूरो
पिपरौली (गोरखपुर)। दीपक पांडेय के घर का इकलौता चिराग प्रभात पांडेय लखनऊ में जरूर रहता था, पर उसकी हर गतिविधियों पर मां माधुरी पांडेय की नजर रहती थी। प्रभात सुबह और शाम खाना खाते समय वीडियो कॉल करता था। मां जब उसे खाते हुए देख लेती थी तभी तसल्ली मिलती थी। भले ही बेटा दूर था, लेकिन हर घंटे उससे बात होती थी।
शुक्रवार को देईपार गांव में एक तरफ पिता दीपक पांडेय गुमसुम होकर हाथ में तीर लिए बैठे थे। वहीं एक कोने पर उनके पिता प्रभात के बाबा बीमार हाल में उदास बैठे दिखे। दिन भर मिलने जुलने वाले लोग आते जाते रहे। सभी लोग संतावना देकर परिवार का हौसला बढ़ा चले जा रहे थे। लेकिन परिवार के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पिता दीपक पांडेय बार-बार यही कह रहे हैं, मेरा सबकुछ खत्म हो गया। सोचा था बेटा अब बड़ा हो गया है, अब सारी परेशानी दूर हो गई। मेरा सपना था कि बेटे की धूमधाम से शादी करूं, वह भी टूट गया। बचपन में उसे खुश करने के लिए दिन भर कंधे पर बैठाकर घुमाता था। इसी कंधे पर पर उसे फिर ले गया, इस बार वो चुपचाप हमेशा के लिए चला गया। मेरे जीवन का अब तक का सबसे कष्टदायी दिन था। जिसके शरीर पर जरा सी खरोच बर्दाश्त नहीं करता था, उसी बेटे का दाह संस्कार अपने हाथों से किया है।
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बचपन में मेरे पास रहता था प्रभात
प्रभात के बाबा उमाकांत पांडेय बताते हैं कि नाती बचपन में मेरे पास हमेशा रहता था। उसे देखकर मेरा सीना चौड़ा हो जाता था। मेरा नाती बहुत तेज था, गांव में भी सबकी मदद करता था। उम्र के इस पड़ाव में जब नाती मुझे संभालता, वो छोड़कर चला गया। इसकी भरपाई कोई नहीं कर पाएगा। बाबा की निगाहें अभी भी नाती को तलाश रही हैं।
प्रभात को यादकर रोने लगे ग्रामीण
देईपार गांव में प्रभात की मौत से सन्नाटा पसरा है। प्रभात को यादकर ग्रामीण भी रो पड़ रहे हैं। गांव के शशिप्रकाश पांडेय ने बताया कि प्रभात हम लोगों के बच्चों की तरह रहता था। गांव के बच्चों से अच्छा संबंध था। इतना सरल स्वभाव का था, सबसे हंसकर ही बोलता था। इस दुख की घड़ी में पूरा गांव परिवार के साथ है। इसी तरह गांव के दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि प्रभात का उसका चेहरा ही नहीं भूल पा रहे हैं। बहुत ही मिलनसार लड़का था। हमारे परिवार से बहुत ही करीब था। किसी के घर शादी विवाह में भी वह हमेशा काम संभाल लेता था।
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प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता हुए गिरफ्तार
शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के राज्य सभा में दिए गए बयान को लेकर प्रदर्शन के लिए एकत्रित हुए। जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान के नेतृत्व में एमपी तिराहे पर एकत्रित हुए और केंद्रीय गृह मंत्री का पुतला जलाया। जानकारी होने पर पहुंची पुलिस ने जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान, स्नेहलता गौतम, राजेश निषाद, सोनिया शुक्ला, ध्रुपचन्द पासवान और सच्चिदानंद तिवारी आदि को बिना अनुमति सड़क पर प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार कर कैंट थाने भेज दिया। जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान ने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्हें सड़क पर घसीटा गया, जिससे कुर्ता भी फट गया।
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इस दौरान शहला अहरारी, प्रेमलता चतुर्वेदी, राकेश यादव, निर्मला वर्मा, जितेन्द्र विश्वकर्मा, सत्येन्द्र निषाद, अनुराग पाण्डेय, गुड्डू तिवारी, सुशीला देवी, बादल चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
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प्रभात के पिता से राहुल गांधी ने की बात, कहा हम सब आपके साथ
गोरखपुर। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रभात पांडेय के पिता दीपक पांडेय से बातकर सांत्वना दी और कहा कि इस दुख की घड़ी में हम सब आपके साथ हैं। किसी भी चीज की जरूरत हो तो हमें बता देना, पार्टी इसकी व्यवस्था करेगी। देईपार ग्राम प्रधान चंद्रभूषण पांडेय ने बताया कि सबसे पहले 5:54 बजे राहुल गांधी की कॉल आई। फिर 6:02 बजे कॉल आई। इसके बाद मोबाइल पर 6:14 मिनट पर कॉल आई तब राहुल गांधी की बात प्रभात के पिता दीपक पांडेय से कराई गई। राहुल के निजी सचिव आलेकर स्वाई ने कॉल की थी। राहुल गांधी ने 3:29 मिनट तक बात की।
पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पिता से घटना के बारे में पूछा तो दीपक रोते हुए बोले मुझ कुछ नहीं पता। दीपक बोले मेरा तो चिराग ही खत्म हो गया, कमाई धमाई का साधन, बुढापे का सहारा सब खत्म हो गया, क्या बचा हमारे पास। पिता ने राहुल गांधी को बताया कि पत्नी दोपहर से ही प्रभात को कॉल कर रही थी, वह फोन नहीं उठा रहा था। पांच बजे कॉल रिसीव हुआ तो कोई बोला कि कार्यालय पर प्रभात बेहोश पड़े हैं। इसके बाद लखनऊ में अपने भाई को कॉल कर सारी बात बताई, थोड़ी देर बाद पता चला कि बेटा नहीं रहा। इसके बाद राहुल ने बोला कि हम सब हैं आपके साथ मम्मी को आपको और पूरे परिवार को मेरा प्यार।
मां हर दिन वीडियो कॉल पर करती थी बेटे से बात, अब टूटी आस
अमर उजाला ब्यूरो
पिपरौली (गोरखपुर)। दीपक पांडेय के घर का इकलौता चिराग प्रभात पांडेय लखनऊ में जरूर रहता था, पर उसकी हर गतिविधियों पर मां माधुरी पांडेय की नजर रहती थी। प्रभात सुबह और शाम खाना खाते समय वीडियो कॉल करता था। मां जब उसे खाते हुए देख लेती थी तभी तसल्ली मिलती थी। भले ही बेटा दूर था, लेकिन हर घंटे उससे बात होती थी।
शुक्रवार को देईपार गांव में एक तरफ पिता दीपक पांडेय गुमसुम होकर हाथ में तीर लिए बैठे थे। वहीं एक कोने पर उनके पिता प्रभात के बाबा बीमार हाल में उदास बैठे दिखे। दिन भर मिलने जुलने वाले लोग आते जाते रहे। सभी लोग संतावना देकर परिवार का हौसला बढ़ा चले जा रहे थे। लेकिन परिवार के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पिता दीपक पांडेय बार-बार यही कह रहे हैं, मेरा सबकुछ खत्म हो गया। सोचा था बेटा अब बड़ा हो गया है, अब सारी परेशानी दूर हो गई। मेरा सपना था कि बेटे की धूमधाम से शादी करूं, वह भी टूट गया। बचपन में उसे खुश करने के लिए दिन भर कंधे पर बैठाकर घुमाता था। इसी कंधे पर पर उसे फिर ले गया, इस बार वो चुपचाप हमेशा के लिए चला गया। मेरे जीवन का अब तक का सबसे कष्टदायी दिन था। जिसके शरीर पर जरा सी खरोच बर्दाश्त नहीं करता था, उसी बेटे का दाह संस्कार अपने हाथों से किया है।
बचपन में मेरे पास रहता था प्रभात
प्रभात के बाबा उमाकांत पांडेय बताते हैं कि नाती बचपन में मेरे पास हमेशा रहता था। उसे देखकर मेरा सीना चौड़ा हो जाता था। मेरा नाती बहुत तेज था, गांव में भी सबकी मदद करता था। उम्र के इस पड़ाव में जब नाती मुझे संभालता, वो छोड़कर चला गया। इसकी भरपाई कोई नहीं कर पाएगा। बाबा की निगाहें अभी भी नाती को तलाश रही हैं।
प्रभात को यादकर रोने लगे ग्रामीण
देईपार गांव में प्रभात की मौत से सन्नाटा पसरा है। प्रभात को यादकर ग्रामीण भी रो पड़ रहे हैं। गांव के शशिप्रकाश पांडेय ने बताया कि प्रभात हम लोगों के बच्चों की तरह रहता था। गांव के बच्चों से अच्छा संबंध था। इतना सरल स्वभाव का था, सबसे हंसकर ही बोलता था। इस दुख की घड़ी में पूरा गांव परिवार के साथ है। इसी तरह गांव के दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि प्रभात का उसका चेहरा ही नहीं भूल पा रहे हैं। बहुत ही मिलनसार लड़का था। हमारे परिवार से बहुत ही करीब था। किसी के घर शादी विवाह में भी वह हमेशा काम संभाल लेता था।