{"_id":"686c19e28627ecd626059e77","slug":"gorakhpur-news-preparation-of-mega-block-for-domingarh-gorakhpur-third-line-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-995761-2025-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: डोमिनगढ़-गोरखपुर तीसरी लाइन के लिए मेगा ब्लॉक की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: डोमिनगढ़-गोरखपुर तीसरी लाइन के लिए मेगा ब्लॉक की तैयारी
विज्ञापन
लखनऊ मंडल ने 18 अगस्त से पांच दिन का ब्लॉक मांगा
प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो 40 ट्रेनें होंगी निरस्त, 50 से ज्यादा का रास्ता बदलेगा
गोरखपुर। गोरखपुर जंक्शन से डोमिनगढ़ स्टेशन के बीच तीसरी लाइन के काम को अंतिम रूप देने के लिए रेल प्रशासन ने तैयारी की है। लखनऊ मण्डल ने प्री-इंटरलॉकिंग और नान इंटरलॉकिंग के लिए 18 अगस्त से पांच दिन का मेगा ब्लॉक मांगा है। हालांकि ,अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है लेकिन मेगा ब्लॉक को मंजूरी मिली तो कम से कम 40 ट्रेनें निरस्त की जाएंगी और 50 से ज्यादा ट्रेनें रास्ता बदलकर चलाई जाएंगी।
गोरखपुर-डोमिनगढ़ के बीच तीसरी लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है। अब इस पर प्री-इंटरलॉकिंग और नान इंटरलॉकिंग कार्य होने हैं। इसके बाद मुख्य संरक्षा आयुक्त का निरीक्षण होगा। इसके लिए मेगा ब्लॉक की जरूरत है। रेल प्रशासन ने इसकी तैयारी कर ली है। अगस्त में ऑफ सीजन होने के कारण यात्रियों को कोई खास दिक्कत नहीं होगी। ज्यादातर ट्रेनों को बढ़नी-आनंदनगर और छपरा-भटनी-वाराणसी के रास्ते चलाने की योजना है।
नान इंटरलाकिंग के बाद गोरखपुर से डोमिनगढ़ और नकहा जंगल रूट पर ट्रेनों का निर्बाध संचालन हो सकेगा। ट्रेनें बिना वजह आउटर पर नहीं रुकेंगी।
विज्ञापन
प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो 40 ट्रेनें होंगी निरस्त, 50 से ज्यादा का रास्ता बदलेगा
गोरखपुर। गोरखपुर जंक्शन से डोमिनगढ़ स्टेशन के बीच तीसरी लाइन के काम को अंतिम रूप देने के लिए रेल प्रशासन ने तैयारी की है। लखनऊ मण्डल ने प्री-इंटरलॉकिंग और नान इंटरलॉकिंग के लिए 18 अगस्त से पांच दिन का मेगा ब्लॉक मांगा है। हालांकि ,अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है लेकिन मेगा ब्लॉक को मंजूरी मिली तो कम से कम 40 ट्रेनें निरस्त की जाएंगी और 50 से ज्यादा ट्रेनें रास्ता बदलकर चलाई जाएंगी।
गोरखपुर-डोमिनगढ़ के बीच तीसरी लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है। अब इस पर प्री-इंटरलॉकिंग और नान इंटरलॉकिंग कार्य होने हैं। इसके बाद मुख्य संरक्षा आयुक्त का निरीक्षण होगा। इसके लिए मेगा ब्लॉक की जरूरत है। रेल प्रशासन ने इसकी तैयारी कर ली है। अगस्त में ऑफ सीजन होने के कारण यात्रियों को कोई खास दिक्कत नहीं होगी। ज्यादातर ट्रेनों को बढ़नी-आनंदनगर और छपरा-भटनी-वाराणसी के रास्ते चलाने की योजना है।
विज्ञापन
नान इंटरलाकिंग के बाद गोरखपुर से डोमिनगढ़ और नकहा जंगल रूट पर ट्रेनों का निर्बाध संचालन हो सकेगा। ट्रेनें बिना वजह आउटर पर नहीं रुकेंगी।