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Gorakhpur News: मरीज को जिंदा बताकर किया रेफर, रास्ते में पता चला हो गई है मौत- परिजनों ने किया हंगामा
Tue, 30 Sep 2025 02:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 30 Sep 2025 02:26 AM IST
सार
बिहार प्रांत के बेतिया निवासी अंशिका (14) को शनिवार को उसके परिजनों ने फातिमा रोड स्थित मानसी हॉस्पिटल में गंभीर हालत में भर्ती कराया था। रविवार को दोपहर में अस्पताल प्रशासन ने मरीज को गंभीर बताकर लखनऊ रेफर कर दिया। परिजन 10 हजार रुपये में एंबुलेंस बुक कराकर मरीज को लखनऊ ले जा रहे थे कि ट्रांसपोर्टनगर के पास देखा कि मरीज की मौत हो गई है।
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हंगामा करते परिजन
- फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
विस्तार
पादरी बाजार (गोरखपुर)। शाहपुर इलाके के फातिमा बाईपास स्थित मानसी हॉस्पिटल ने मरीज का एक दिन इलाज करने के बाद रविवार को लखनऊ रेफर कर दिया। परिजन रविवार की दोपहर एंबुलेंस से लखनऊ ले जा रहे थे कि ट्रांसपोर्टनगर के पास पता चला की मरीज की मौत हो गई है।
इसके बाद एंबुलेंस रोककर हंगामा करने लगे। परिजनों ने कंपाउंडर और एंबुलेंस चालक की पिटाई कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कराया। इसके बाद परिजन शव लेकर बिहार चले गए। हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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इसके बाद एंबुलेंस रोककर हंगामा करने लगे। परिजनों ने कंपाउंडर और एंबुलेंस चालक की पिटाई कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कराया। इसके बाद परिजन शव लेकर बिहार चले गए। हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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जानकारी के अनुसार, बिहार प्रांत के बेतिया निवासी अंशिका (14) को शनिवार को उसके परिजनों ने फातिमा रोड स्थित मानसी हॉस्पिटल में गंभीर हालत में भर्ती कराया था। रविवार को दोपहर में अस्पताल प्रशासन ने मरीज को गंभीर बताकर लखनऊ रेफर कर दिया।
परिजन 10 हजार रुपये में एंबुलेंस बुक कराकर मरीज को लखनऊ ले जा रहे थे कि ट्रांसपोर्टनगर के पास देखा कि मरीज की मौत हो गई है। एंबुलेंस में मौजूद कंपाउंडर से पूछने पर बताया कि मरीज जिंदा है।
परिजन 10 हजार रुपये में एंबुलेंस बुक कराकर मरीज को लखनऊ ले जा रहे थे कि ट्रांसपोर्टनगर के पास देखा कि मरीज की मौत हो गई है। एंबुलेंस में मौजूद कंपाउंडर से पूछने पर बताया कि मरीज जिंदा है।
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इस पर नाराज परिजनों ने कंपाउंडर और एंबुलेंस चालक की पिटाई कर दी। परिजन एंबुलेंस चालक से 10 हजार रुपये किराया वापस मांगने लगे। चालक ने रुपये देने से मना किया तो परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा कर शांत कराया। इसके बाद परिजन शव लेकर बिहार चले गए।
मरीज की हालत गंभीर थी। उसे जिंदा रेफर किया गया था: मुन्ना मिश्रा, मैनेजर, मानसी हॉस्पिटल
मरीज की हालत गंभीर थी। उसे जिंदा रेफर किया गया था: मुन्ना मिश्रा, मैनेजर, मानसी हॉस्पिटल