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Gorakhpur News: नगर निगम को मिला ग्लोबल वॉटरटेक अवॉर्ड-2025
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दिल्ली में आयोजित हुआ समारोह, मेयर के नेतृत्व में पहुंची थी टीम
गोरखपुर। ग्लोबल एनर्जी एंड एनवायरनमेंट फाउंडेशन (जीईईएफ) ने बृहस्पतिवार को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में नगर निगम को ग्लोबल वॉटरटेक अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया। नगर निगम को यह पुरस्कार उसकी अभिनव अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेंटर (यूएफएमसी) परियोजना के लिए दिया गया। जिसे स्मार्ट वॉटर रेजिलिएंस प्रोजेक्ट ऑफ द ईयर श्रेणी में चुना गया। यह सम्मान भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने प्रदान किया।
मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने बताया कि इस परियोजना से गोरखपुर में जलभराव की समस्या लगभग 65 प्रतिशत तक कम हो गई है। जिन क्षेत्रों में पहले कई दिनों तक पानी भरा रहता था, अब कुछ ही घंटों में स्थिति सामान्य हो जाती है। उन्होंने कहा कि यह पहल गोरखपुर की जलवायु सहनशीलता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पूर्व जल शक्ति सचिव व टेरी के डिस्टिंग्विष्ठ फेलो डॉ. श्यामल कुमार सरकार ने गोरखपुर को अन्य शहरों के लिए आदर्श मॉडल करार दिया। समारोह में महाप्रबंधक जलकल रघुवेंद्र कुमार, सहायक नगर आयुक्त अविनाश प्रताप सिंह, परियोजना प्रबंधक राजीव पांडेय और सेंटर हेड डॉ. सौम्या श्रीवास्तव सहित पूरी यूएफएमसी टीम मौजूद रही।
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गोरखपुर। ग्लोबल एनर्जी एंड एनवायरनमेंट फाउंडेशन (जीईईएफ) ने बृहस्पतिवार को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में नगर निगम को ग्लोबल वॉटरटेक अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया। नगर निगम को यह पुरस्कार उसकी अभिनव अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेंटर (यूएफएमसी) परियोजना के लिए दिया गया। जिसे स्मार्ट वॉटर रेजिलिएंस प्रोजेक्ट ऑफ द ईयर श्रेणी में चुना गया। यह सम्मान भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने प्रदान किया।
मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने बताया कि इस परियोजना से गोरखपुर में जलभराव की समस्या लगभग 65 प्रतिशत तक कम हो गई है। जिन क्षेत्रों में पहले कई दिनों तक पानी भरा रहता था, अब कुछ ही घंटों में स्थिति सामान्य हो जाती है। उन्होंने कहा कि यह पहल गोरखपुर की जलवायु सहनशीलता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पूर्व जल शक्ति सचिव व टेरी के डिस्टिंग्विष्ठ फेलो डॉ. श्यामल कुमार सरकार ने गोरखपुर को अन्य शहरों के लिए आदर्श मॉडल करार दिया। समारोह में महाप्रबंधक जलकल रघुवेंद्र कुमार, सहायक नगर आयुक्त अविनाश प्रताप सिंह, परियोजना प्रबंधक राजीव पांडेय और सेंटर हेड डॉ. सौम्या श्रीवास्तव सहित पूरी यूएफएमसी टीम मौजूद रही।
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