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नवजात का सौदा: मुनाफे की चाह में मासूमों की जान से खेल रहे ये 'सौदागर'- अर्पित हॉस्पिटल का मैनेजर गिरफ्तार

Sun, 16 Feb 2025 11:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sun, 16 Feb 2025 11:05 AM IST
सार

देवरिया जिले के सलेमपुर क्षेत्र के वार्ड नंबर 11 भरौली निवासी लक्ष्मी देवी ने गुलरिहा थाने में तहरीर देकर 108 नंबर की एंबुलेंस के चालक व ईएमटी पर केस दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि 17 जनवरी को देवरानी लीलावती देवी के नवजात बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर 108 नंबर एंबुलेंस चालक और ईएमटी मिलकर गुमराह कर अर्पित हॉस्पिटल में बेच दिया था, जहां पर उनका शोषण किया गया था।

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In Gorakhpur, Manager of Arpit Hospital arrested for horse-trading of patients
गिरफ्तरा अस्पताल का मैनेजर तुषार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मरीज माफिया से गठजोड़ और मरीजों की खरीद-फरोख्त के आरोप में अर्पित हॉस्पिटल के मैनेजर राजघाट के रायगंज निवासी तुषार टेकड़ीवाल को गुलरिहा पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। देवरिया के बीमार नवजात को हॉस्पिटल में भर्ती कराने के लिए मैनेजर तुषार और निजी एंबुलेंस चालक अमन से मोबाइल पर बात हुई थी।

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अमन को पुलिस ने पहले ही पकड़कर जेल भिजवा दिया था। साक्ष्य मिलने पर मैनेजर को भी गिरफ्तार कर जेल भिजवाया गया है। गुलरिहा पुलिस के अनुसार, देवरिया जिले से 17 जनवरी को परिजन नवजात को 108 नंबर की एंबुलेंस से लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज आए थे।
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यहां पर 108 के चालक व ईएमटी ने मिलकर दलाल अमन गुप्ता को मरीज (नवजात) को बेच दिया था। इसके बदल अमन ने उन्हें रुपये दिए थे। इसके बाद अमन अपनी सेटिंग वाले कई अस्पतालों को फोन करके मरीज खरीदने का प्रस्ताव रखा था, इस दौरान अर्पित हॉस्पिटल के मैनेजर तुषार टेकड़ीवाल से मरीज को लेकर रेट तय हुआ।
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इसको लेकर दोनों के बीच कई बार बात हुई। इसके बाद मरीज को निजी एंबुलेंस चालक अमन गुप्ता ने अर्पित हॉस्पिटल में पहुंचाया था। इस दौरान जांच में यह यह भी बात सामने आई है कि अर्पित हॉस्पिटल के मैनेजर ने कमीशन का खर्चा निकालने के लिए पहले ही दिन परिजनों से 40 हजार रुपए वसूल लिए थे।

तुषार ने पुलिस को बताया कि वह इस कार्य को पिछले कई वर्षों से कर रहा था। गंभीर मरीजों को लाने पर दलाल को मोटी रकम दी जाती थी। ऐसे मरीजों के परिजनों से तत्काल अधिक से अधिक रुपये जमा करा लिए जाते हैं, ताकि कमिशन का रुपया तत्काल निकल जाए।

देवरिया की महिला ने दर्ज कराया था केस
देवरिया जिले के सलेमपुर क्षेत्र के वार्ड नंबर 11 भरौली निवासी लक्ष्मी देवी ने गुलरिहा थाने में तहरीर देकर 108 नंबर की एंबुलेंस के चालक व ईएमटी पर केस दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि 17 जनवरी को देवरानी लीलावती देवी के नवजात बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर 108 नंबर एंबुलेंस चालक और ईएमटी मिलकर गुमराह कर अर्पित हॉस्पिटल में बेच दिया था, जहां पर उनका शोषण किया गया था।

गुलरिहा पुलिस ने केस दर्ज करके आरोपी 108 नंबर की एंबुलेंस के चालक व ईएमटी को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। पूछताछ में अमन का नाम सामने आने पर उसे भी गिरफ्तार कर जेल भिजवाया गया। जांच में अब हॉस्पिटल मैनेजर तुषार के खिलाफ साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई की गई है। इस मामले में बहुत जल्द हॉस्पिटल से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है।


हॉस्पिटल मैनेजर की मरीज माफिया से साठगांठ मिली है, साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया गया है। अभी जांच चल रही है। और भी आरोपियों के नाम सामने आए हैं:अभिनव त्यागी, एसपी सिटी

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