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Gorakhpur News: चार लाख की अवैध लाइन बनाने में जेई निलंबित
Mon, 27 May 2024 05:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 27 May 2024 05:07 AM IST
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गोरखपुर। देवरिया के सलेमपुर में केला पकाने के कोल्ड स्टोरेज के लिए चार लाख रुपये की लाइन अवैध तरीके से बनाने के मामले में बिजली निगम के जेई लवलेश सिंह काे निलंबित कर दिया गया। टीसी की धनराशि जमा कराए बिना ही लाइन बना दी गई। इसमें 12 विभागीय खंभे भी लगाए गए। मीटर लगने में हुई देर के बाद उपभोक्ता ने मुख्य अभियंता गोरखपुर आशु कालिया से शिकायत की, तो जांच में पूरे खेल का खुलासा हुआ।
संतकबीरनगर निवासी राधेश्याम यादव ने देवरिया के सलेमपुर में कोल्ड स्टोरेज का काम शुरू किया है। उनकी शिकायत पर मुख्य अभियंता ने जांच समिति गठित की थी। अधिशासी अभियंता राकेश कुमार वर्मा की जांच में फर्जी तरीके से लाइन बनाकर विभागीय क्षति पहुंचाने की पुष्टि हुई है। इस मामले में अवर अभियंता लवलेश सिंह के साथ संविदा कर्मी असलम भी दोषी पाया गया है।
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लगा दिए थे 12 विभागीय पोल
उपभाेक्ता ने कोल्ड स्टोरेज के लिए 18 केवी क्षमता का कनेक्शन निर्गत करने के लिए विभागीय पोर्टल पर आवेदन किया था। उसके बाद जेई ने चार लाख रुपये का इस्टीमेट बनाकर पोर्टल पर अपलोड कर दिया। फिर टीसी की धनराशि या 15 प्रतिशत सुपरविजन चार्ज जमा कराने से पहले ही 300 मीटर लाइन बना दी गई, जिसमें 10 खंभे सिंगल और 12 खंभे डबल लगाए गए। ये सभी खंभे विभागीय थे। मौके पर 25 केवीए का ट्रांसफाॅर्मर लगाया गया और तीन तारों की लाइन बनाई गई। मीटर लगने में देरी हुई तो उपभोक्ता ने शिकायत कर दी।
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उखाड़ी गई अवैध लाइन
जांच में लाइन अवैध मिली तो बिजली निगम ने पूरी लाइन उखड़वाकर सभी सामान कब्जे में ले लिए। उसके बाद उपभोक्ता से निर्धारित शुल्क जमा कराकर नई लाइन बनाई गई है। उपभोक्ता राधेश्याम के अनुसार उन्होंने पहले भी कनेक्शन के लिए रुपये जमा किए थे, लेकिन वह बिजली निगम के खाते में जमा नहीं हुई थी।
कोट
देवरिया के उपभोक्ता ने शिकायत की थी कि कोल्ड स्टोरेज के कनेक्शन में देरी की जा रही है। इस मामले की जांच हुई तो चार लाख रुपये की लाइन अवैध रूप से बनाने का मामला सामने आया। इस मामले में जेई को निलंबित करके विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
- आशु कालिया, मुख्य अभियंता गोरखपुर
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संतकबीरनगर निवासी राधेश्याम यादव ने देवरिया के सलेमपुर में कोल्ड स्टोरेज का काम शुरू किया है। उनकी शिकायत पर मुख्य अभियंता ने जांच समिति गठित की थी। अधिशासी अभियंता राकेश कुमार वर्मा की जांच में फर्जी तरीके से लाइन बनाकर विभागीय क्षति पहुंचाने की पुष्टि हुई है। इस मामले में अवर अभियंता लवलेश सिंह के साथ संविदा कर्मी असलम भी दोषी पाया गया है।
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लगा दिए थे 12 विभागीय पोल
उपभाेक्ता ने कोल्ड स्टोरेज के लिए 18 केवी क्षमता का कनेक्शन निर्गत करने के लिए विभागीय पोर्टल पर आवेदन किया था। उसके बाद जेई ने चार लाख रुपये का इस्टीमेट बनाकर पोर्टल पर अपलोड कर दिया। फिर टीसी की धनराशि या 15 प्रतिशत सुपरविजन चार्ज जमा कराने से पहले ही 300 मीटर लाइन बना दी गई, जिसमें 10 खंभे सिंगल और 12 खंभे डबल लगाए गए। ये सभी खंभे विभागीय थे। मौके पर 25 केवीए का ट्रांसफाॅर्मर लगाया गया और तीन तारों की लाइन बनाई गई। मीटर लगने में देरी हुई तो उपभोक्ता ने शिकायत कर दी।
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उखाड़ी गई अवैध लाइन
जांच में लाइन अवैध मिली तो बिजली निगम ने पूरी लाइन उखड़वाकर सभी सामान कब्जे में ले लिए। उसके बाद उपभोक्ता से निर्धारित शुल्क जमा कराकर नई लाइन बनाई गई है। उपभोक्ता राधेश्याम के अनुसार उन्होंने पहले भी कनेक्शन के लिए रुपये जमा किए थे, लेकिन वह बिजली निगम के खाते में जमा नहीं हुई थी।
कोट
देवरिया के उपभोक्ता ने शिकायत की थी कि कोल्ड स्टोरेज के कनेक्शन में देरी की जा रही है। इस मामले की जांच हुई तो चार लाख रुपये की लाइन अवैध रूप से बनाने का मामला सामने आया। इस मामले में जेई को निलंबित करके विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
- आशु कालिया, मुख्य अभियंता गोरखपुर