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Gorakhpur News: संक्रमित गर्भवती को मिलेगा तुरंत इलाज, 10 बेड का संचारी वार्ड शुरू
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महिला अस्पताल में संचारी रोग को लेकर 10 बेड की सुविधा शुरू
मौसम में पनपने वाले संक्रमण से गर्भवती होती है ज्यादा दिक्कत
गोरखपुर। बदलते मौसम के कारण संक्रमण पीड़ित महिलाओं के लिए राहत की खबर है। जिला महिला अस्पताल में 10 बेड का संचारी रोग वार्ड शुरू किया गया है। यहां संक्रमण से पीड़ित गर्भवती को प्राथमिकता देकर तत्काल इलाज की सुविधा मिलेगी।
एसआईसी डॉ. शोभावती ने बताया कि कोविड काल के दौरान निर्मित 10 बेड वाले आइसोलेशन वार्ड को संक्रमण से प्रभावित गर्भवती के लिए सुरक्षित किया गया है। मानसून के मौसम में मलेरिया, डेंगू, टायफाइड, वायरल बुखार और पेट की बीमारियां का संक्रमण गर्भवती महिलाओं को तेजी से अपनी चपेट में लेता है। संक्रमण के कारण गर्भस्थ शिशु पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में संक्रमण ग्रस्त गर्भवती को सामान्य वार्ड में भर्ती करने से अन्य मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा रहता था। 10 बेड की अलग व्यवस्था होने से संक्रमण को नियंत्रित भी किया जा सकता है और विशेष निगरानी में गर्भवती का बेहतर इलाज भी किया जा सकता है।
स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें गर्भवती महिलाएं
डॉ. नजमा मलिक ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान चटपटी चीजें खाने के लिए कई महिलाएं बाहर की चीजें खा लेती हैं। यह गर्भवती के साथ गर्भस्थ शिशु को भी नुकसान पहुंचाता है। बासी भोजन, खुले में रखा या बाहर का खाद्य पदार्थ ना खाएं। घर के आसपास पानी जमा ना होने दें, मच्छरदानी का उपयोग करें, खांसी-जुकाम होने पर लोगों से दूरी बनाएं। साथ ही कोई समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
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मौसम में पनपने वाले संक्रमण से गर्भवती होती है ज्यादा दिक्कत
गोरखपुर। बदलते मौसम के कारण संक्रमण पीड़ित महिलाओं के लिए राहत की खबर है। जिला महिला अस्पताल में 10 बेड का संचारी रोग वार्ड शुरू किया गया है। यहां संक्रमण से पीड़ित गर्भवती को प्राथमिकता देकर तत्काल इलाज की सुविधा मिलेगी।
एसआईसी डॉ. शोभावती ने बताया कि कोविड काल के दौरान निर्मित 10 बेड वाले आइसोलेशन वार्ड को संक्रमण से प्रभावित गर्भवती के लिए सुरक्षित किया गया है। मानसून के मौसम में मलेरिया, डेंगू, टायफाइड, वायरल बुखार और पेट की बीमारियां का संक्रमण गर्भवती महिलाओं को तेजी से अपनी चपेट में लेता है। संक्रमण के कारण गर्भस्थ शिशु पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में संक्रमण ग्रस्त गर्भवती को सामान्य वार्ड में भर्ती करने से अन्य मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा रहता था। 10 बेड की अलग व्यवस्था होने से संक्रमण को नियंत्रित भी किया जा सकता है और विशेष निगरानी में गर्भवती का बेहतर इलाज भी किया जा सकता है।
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स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें गर्भवती महिलाएं
डॉ. नजमा मलिक ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान चटपटी चीजें खाने के लिए कई महिलाएं बाहर की चीजें खा लेती हैं। यह गर्भवती के साथ गर्भस्थ शिशु को भी नुकसान पहुंचाता है। बासी भोजन, खुले में रखा या बाहर का खाद्य पदार्थ ना खाएं। घर के आसपास पानी जमा ना होने दें, मच्छरदानी का उपयोग करें, खांसी-जुकाम होने पर लोगों से दूरी बनाएं। साथ ही कोई समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
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