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संशोधित: आंबेडकर महासभा भवन शिफ्ट हुआ तो देशव्यापी आंदोलन
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बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया की ओर से गांधी प्रेक्षागृह, लखनऊ में हुए सम्मेलन में एससी-एसटी वर्ग की समस्याओं पर चर्चा
गोरखपुर। बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया की ओर से गांधी प्रेक्षागृह, लखनऊ में सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें प्रदेश की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा की गई। विधानसभा मार्ग पर स्थापित आंबेडकर महासभा भवन को कहीं और शिफ्ट करने की तैयारी पर विरोध जताया गया।
सम्मेलन में उपस्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के पौत्र एवं आरपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्य अतिथि डॉ. भीमराव जसवंत आंबेडकर ने कहा कि प्रदेश में व्याप्त ज्वलंत समस्याओं के बारे में ज्ञापन देने के लिए मुख्यमंत्री से समय मांगा गया था, लेकिन नहीं दिया गया। इसलिए जनता के समक्ष समस्याओं को उठाया जा रहा है। डॉ. जसवंत आंबेडकर ने कहा कि आंबेडकर महासभा भवन को कहीं और शिफ्ट किया जाना बुद्ध और डॉ आंबेडकर के अनुयायियों का घोर अपमान है। वहां पर डॉ. आंबेडकर का अस्थि कलश रखा गया है। अगर सरकार ने हटाया तो देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। आगामी चुनाव में यह मुद्दा भी बनेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 27 हजार प्राथमिक विद्यालयों को बंद करके दूसरे स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है। इसका विरोध करते हैं। इन स्कूलों में शिक्षक बढ़ाए जाएं, क्योंकि ये शिक्षामित्र व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहारे चल रहे हैं।
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डॉ. आंबेडकर ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने एससी, एसटी के आर्थिक विकास के लिए स्पेशल कंपोनेंट प्लान-2009 बनाया था लेकिन इसमें कुछ कमियां थीं। इसे लागू करने में भी लापरवाही बरती गई। प्रदेश सरकार इन कमजोर वर्ग के लिए आर्थिक नीतियां बनाकर लागू कराए। सम्मेलन में एससी-एसटी व पिछड़े वर्ग को समाज की मुख्य धारा में जोड़ने और आरक्षण नीतियों का सही से अनुपालन कराने का मुद्दा उठाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने किया।
इस दौरान फिरंगी माली, मौलाना कासिफ, आरपीआई के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व आयकर आयुक्त डॉ. राम समुझ, प्रो. प्रज्ञा कीर्ति, सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रभूषण यादव आदि मौजूद रहे।
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गोरखपुर। बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया की ओर से गांधी प्रेक्षागृह, लखनऊ में सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें प्रदेश की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा की गई। विधानसभा मार्ग पर स्थापित आंबेडकर महासभा भवन को कहीं और शिफ्ट करने की तैयारी पर विरोध जताया गया।
सम्मेलन में उपस्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के पौत्र एवं आरपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्य अतिथि डॉ. भीमराव जसवंत आंबेडकर ने कहा कि प्रदेश में व्याप्त ज्वलंत समस्याओं के बारे में ज्ञापन देने के लिए मुख्यमंत्री से समय मांगा गया था, लेकिन नहीं दिया गया। इसलिए जनता के समक्ष समस्याओं को उठाया जा रहा है। डॉ. जसवंत आंबेडकर ने कहा कि आंबेडकर महासभा भवन को कहीं और शिफ्ट किया जाना बुद्ध और डॉ आंबेडकर के अनुयायियों का घोर अपमान है। वहां पर डॉ. आंबेडकर का अस्थि कलश रखा गया है। अगर सरकार ने हटाया तो देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। आगामी चुनाव में यह मुद्दा भी बनेगा।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में 27 हजार प्राथमिक विद्यालयों को बंद करके दूसरे स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है। इसका विरोध करते हैं। इन स्कूलों में शिक्षक बढ़ाए जाएं, क्योंकि ये शिक्षामित्र व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहारे चल रहे हैं।
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डॉ. आंबेडकर ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने एससी, एसटी के आर्थिक विकास के लिए स्पेशल कंपोनेंट प्लान-2009 बनाया था लेकिन इसमें कुछ कमियां थीं। इसे लागू करने में भी लापरवाही बरती गई। प्रदेश सरकार इन कमजोर वर्ग के लिए आर्थिक नीतियां बनाकर लागू कराए। सम्मेलन में एससी-एसटी व पिछड़े वर्ग को समाज की मुख्य धारा में जोड़ने और आरक्षण नीतियों का सही से अनुपालन कराने का मुद्दा उठाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने किया।
इस दौरान फिरंगी माली, मौलाना कासिफ, आरपीआई के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व आयकर आयुक्त डॉ. राम समुझ, प्रो. प्रज्ञा कीर्ति, सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रभूषण यादव आदि मौजूद रहे।