{"_id":"682f74f5558bd859b50caad8","slug":"gorakhpur-news-he-became-an-addict-while-playing-dj-father-said-son-loves-children-gorakhpur-news-c-7-gkp1006-945997-2025-05-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: डीजे बजाते-बजाते बन गया नशेड़ी, पिता बोले-बच्चों से प्रेम करता है बेटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: डीजे बजाते-बजाते बन गया नशेड़ी, पिता बोले-बच्चों से प्रेम करता है बेटा
विज्ञापन
खोराबार से नौ माह की बच्ची चोरी करने के आरोपी आकाश उर्फ कनवा के पिता विश्वनाथ हैं नामी पेंटर
पिता बोले- बच्चों में हमेशा बांटता रहता है टॉफी-चाकलेट
गोरखपुर। खोराबार इलाके में नौ माह की बच्ची के अपहरण का आरोपी आकाश उर्फ कनवा (26) छह साल से शादी, विवाह और पार्टी में डीजे बजाता है। डीजे बजाते-बजाते वह गलत संगत में आकर नशेड़ी हो गया। इस वजह से उलटी-सीधी हरकतें भी करता है। बच्चों से वह बहुत प्रेम करता है। गांव के बच्चों को हमेशा टॉफी-चॉकलेट लाकर देता है।
ये बातें आरोपी के पिता विश्वनाथ ने पुलिस को बताई थीं। बेटे की हरकत का विरोध भी किया था। रामनगर कड़जहां के प्रधान टोला निवासी आरोपी के पिता विश्वनाथ और मां ज्ञानमति देवी से भी पुलिस ने पूछताछ की थी। दोनों ने पुलिस को बताया था कि बेटे की हरकतों से वे भी परेशान रहते हैं, लेकिन आकाश कभी किसी बच्चे को चोट नहीं पहुंचा सकता। इससे पहले घर पर आए रिश्तेदार के बच्चे को भी वह लेकर कहीं चला गया था। हमलोग तीन से चार घंटे तक परेशान हुए थे। कहीं बच्चा नहीं मिला। बाद में आकाश खुद ही बच्चे को गोद में लेकर वापस आया था। तब भी उसे बहुत डांट फटकार लगाई गई थी। इसी तरह गांव में कहीं भी बच्चे देखता है, वहां पहुंचकर उन्हें खेलाने लगता है।
घर की परेशानी से छुटकारा पाने को करा चुके हैं पूजा-पाठ
विश्वनाथ ने बताया कि पांच बेटे और दो बेटियां हैं। एक बेटी की शादी हो चुकी है। विश्वनाथ ने बताया कि वह पेंटिंग का कोर्स कर चुके हैं। इसकी बदौलत उन्हें अच्छा पेंटर भी माना जाता है। इसलिए काम की कमी नहीं रहती है। घर पर बड़ा बेटा संदीप मानसिक मंदित है। उससे कोई भी 20 रुपये देकर दिनभर मजदूरी करा लेता है। उसे कुछ भी होश नहीं रहता है। छह साल से आकाश भी परेशान कर रहा है। उसकी हरकतों की वजह से आए दिन लोग शिकायत लेकर आते हैं। उन्होंने कहा कि सोचा था पांच बेटे हैं, सभी मिलकर काम करेंगे तो घर की आर्थिक स्थिति मजबूत हो जाएगी। लेकिन हमेशा अशांति रहती है। घर की शांति के लिए वह कई बार पूजा-पाठ भी करा चुके हैं।
विज्ञापन
बच्ची को पाकर खुश है पूरा परिवार
रामनगर कड़जहां स्थित रमाकांत के घर में शानवी के मिलने के बाद एहतियात बरता जा रहा है। बृहस्पतिवार को घर पर रमाकांत की पत्नी ज्ञांती देवी शानवी को अपने साथ लेकर घूम रही थीं। उन्होंने बताया कि पोती मिल गई, अब उन्हें किसी से मतलब नहीं है। शानवी के बाबा की लापरवाही की वजह से आरोपी बच्ची को दूर लेकर निकल गया। अब ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। वहीं शानवी की मां रेखा ने कहा कि अब हमेशा बेटियों को अपनी आंखों के सामने ही रखती हैं।
ये है घटना
खोराबार इलाके में सोमवार को तिलक कार्यक्रम से नौ माह की बच्ची शानवी को युवक गोद में लेकर भाग गया। इसके बाद हड़कंप मच गया था। घटना की सूचना पर खोराबार पुलिस के साथ ही सीओ कैंट भी मौके पर पहुंच गए। आस-पास के थानों पर सूचना देकर पुलिस की आठ टीमें चारों तरफ आरोपी की तलाश करने लगीं। तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद देर रात क्षेत्र से ही आरोपी युवक को पुलिस ने पकड़ लिया और उसके पास से बच्ची को लेकर परिजन को सौंप दिया। शानवी को लेकर उसके बाबा रमाकांत तिलक में गए थे। शानवी के पिता पिंटू एक हादसे में घायल होने के बाद से ही कोमा में हैं। घर पर शानवी की बड़ी बहन और मां रेखा हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -
सिर कूचकर मासूम की हुई थी हत्या, छह माह बाद भी इंतजार
बांसगांव इलाके के भैंसा रानी गांव में नवंबर 2024 को डेढ़ साल के दिव्यांश की सिर कूचकर हत्या कर दी गई थी। पड़ोस में रहने वाले सिरफिरे रंजीत को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। आरोपी ने पुलिस को बताया था कि दिव्यांश को हंसता देखकर उसका सिर कूच दिया था। रंजीत इस समय जेल की बैरक में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। उसकी हर माह डाक्टर जांच करते हैं। दिव्यांश की दादी सुगना देवी ने भावुक होते हुए कहा कि पोता किसी न किसी रूप में फिर उनके घर आएगा। दिव्यांश की मां नीतू ने कहा कि रंजीत ने बेटे को आंखों के सामने ही ईंट से कूचकर मार डाला था। उसको फांसी हो तभी कलेजे को ठंडक पहुंचेगी। गांव के दिनेश ने बताया कि रंजीत के घर पर कोई नहीं रहता है। उसके भाई का परिवार दिल्ली में रहता है। गांव में सभी लोग रंजीत का बहिष्कार कर चुके हैं।
विज्ञापन
पिता बोले- बच्चों में हमेशा बांटता रहता है टॉफी-चाकलेट
गोरखपुर। खोराबार इलाके में नौ माह की बच्ची के अपहरण का आरोपी आकाश उर्फ कनवा (26) छह साल से शादी, विवाह और पार्टी में डीजे बजाता है। डीजे बजाते-बजाते वह गलत संगत में आकर नशेड़ी हो गया। इस वजह से उलटी-सीधी हरकतें भी करता है। बच्चों से वह बहुत प्रेम करता है। गांव के बच्चों को हमेशा टॉफी-चॉकलेट लाकर देता है।
ये बातें आरोपी के पिता विश्वनाथ ने पुलिस को बताई थीं। बेटे की हरकत का विरोध भी किया था। रामनगर कड़जहां के प्रधान टोला निवासी आरोपी के पिता विश्वनाथ और मां ज्ञानमति देवी से भी पुलिस ने पूछताछ की थी। दोनों ने पुलिस को बताया था कि बेटे की हरकतों से वे भी परेशान रहते हैं, लेकिन आकाश कभी किसी बच्चे को चोट नहीं पहुंचा सकता। इससे पहले घर पर आए रिश्तेदार के बच्चे को भी वह लेकर कहीं चला गया था। हमलोग तीन से चार घंटे तक परेशान हुए थे। कहीं बच्चा नहीं मिला। बाद में आकाश खुद ही बच्चे को गोद में लेकर वापस आया था। तब भी उसे बहुत डांट फटकार लगाई गई थी। इसी तरह गांव में कहीं भी बच्चे देखता है, वहां पहुंचकर उन्हें खेलाने लगता है।
विज्ञापन
घर की परेशानी से छुटकारा पाने को करा चुके हैं पूजा-पाठ
विश्वनाथ ने बताया कि पांच बेटे और दो बेटियां हैं। एक बेटी की शादी हो चुकी है। विश्वनाथ ने बताया कि वह पेंटिंग का कोर्स कर चुके हैं। इसकी बदौलत उन्हें अच्छा पेंटर भी माना जाता है। इसलिए काम की कमी नहीं रहती है। घर पर बड़ा बेटा संदीप मानसिक मंदित है। उससे कोई भी 20 रुपये देकर दिनभर मजदूरी करा लेता है। उसे कुछ भी होश नहीं रहता है। छह साल से आकाश भी परेशान कर रहा है। उसकी हरकतों की वजह से आए दिन लोग शिकायत लेकर आते हैं। उन्होंने कहा कि सोचा था पांच बेटे हैं, सभी मिलकर काम करेंगे तो घर की आर्थिक स्थिति मजबूत हो जाएगी। लेकिन हमेशा अशांति रहती है। घर की शांति के लिए वह कई बार पूजा-पाठ भी करा चुके हैं।
विज्ञापन
बच्ची को पाकर खुश है पूरा परिवार
रामनगर कड़जहां स्थित रमाकांत के घर में शानवी के मिलने के बाद एहतियात बरता जा रहा है। बृहस्पतिवार को घर पर रमाकांत की पत्नी ज्ञांती देवी शानवी को अपने साथ लेकर घूम रही थीं। उन्होंने बताया कि पोती मिल गई, अब उन्हें किसी से मतलब नहीं है। शानवी के बाबा की लापरवाही की वजह से आरोपी बच्ची को दूर लेकर निकल गया। अब ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। वहीं शानवी की मां रेखा ने कहा कि अब हमेशा बेटियों को अपनी आंखों के सामने ही रखती हैं।
ये है घटना
खोराबार इलाके में सोमवार को तिलक कार्यक्रम से नौ माह की बच्ची शानवी को युवक गोद में लेकर भाग गया। इसके बाद हड़कंप मच गया था। घटना की सूचना पर खोराबार पुलिस के साथ ही सीओ कैंट भी मौके पर पहुंच गए। आस-पास के थानों पर सूचना देकर पुलिस की आठ टीमें चारों तरफ आरोपी की तलाश करने लगीं। तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद देर रात क्षेत्र से ही आरोपी युवक को पुलिस ने पकड़ लिया और उसके पास से बच्ची को लेकर परिजन को सौंप दिया। शानवी को लेकर उसके बाबा रमाकांत तिलक में गए थे। शानवी के पिता पिंटू एक हादसे में घायल होने के बाद से ही कोमा में हैं। घर पर शानवी की बड़ी बहन और मां रेखा हैं।
सिर कूचकर मासूम की हुई थी हत्या, छह माह बाद भी इंतजार
बांसगांव इलाके के भैंसा रानी गांव में नवंबर 2024 को डेढ़ साल के दिव्यांश की सिर कूचकर हत्या कर दी गई थी। पड़ोस में रहने वाले सिरफिरे रंजीत को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। आरोपी ने पुलिस को बताया था कि दिव्यांश को हंसता देखकर उसका सिर कूच दिया था। रंजीत इस समय जेल की बैरक में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। उसकी हर माह डाक्टर जांच करते हैं। दिव्यांश की दादी सुगना देवी ने भावुक होते हुए कहा कि पोता किसी न किसी रूप में फिर उनके घर आएगा। दिव्यांश की मां नीतू ने कहा कि रंजीत ने बेटे को आंखों के सामने ही ईंट से कूचकर मार डाला था। उसको फांसी हो तभी कलेजे को ठंडक पहुंचेगी। गांव के दिनेश ने बताया कि रंजीत के घर पर कोई नहीं रहता है। उसके भाई का परिवार दिल्ली में रहता है। गांव में सभी लोग रंजीत का बहिष्कार कर चुके हैं।