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जीएसटी चोरी: बर्तन मंगा रहे किलो में, एमआरपी स्टीकर लगा बेच रहे फुटकर में- धंधेबाजों के लिए यही उनका 'सोना'

Mon, 27 May 2024 11:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो रोहित सिंह, गोरखपुर
रोहित सिंह, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Mon, 27 May 2024 11:48 AM IST
सार

शहर में स्टील के अलावा पीतल व अन्य धातुओं के बर्तनों की भारी मांग रहती है। मांग के चलते शहर में रोजाना लाखों का माल इधर से उधर हो रहा है। जीएसटी विभाग के सूत्रों की मानें तो प्रतिदिन गोरखपुर में 50 से 70 गाड़ी बर्तन के सामान गोरखपुर में लाए जाते हैं। इन बर्तनों को गोरखपुर के अलावा आस-पास के कस्बों और ग्रामीण इलाकों में भी भेजा जाता है। धंधेबाज बिना ईवे बिल के ही अपना माल जयपुर या अन्य जगहों से गोरखपुर लेकर आ जाते हैं।

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In Gorakhpur, GST evasion- Utensils are being ordered in kilos, they are selling in retail with MRP stickers.
स्टेनलेस स्टील के बर्तन( फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से धंधेबाज, बर्तन के धंधे से आम ग्राहकों और सरकार को चूना लगा रहे हैं। वे बाहर से किलो के भाव पर बर्तन मंगाते हैं और फिर उसपर स्टीकर लगाकर एमआरपी पर बेच दे रहे। इससे जीएसटी की चोरी तो हो ही रही, आम ग्राहकों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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अधिकारियों के ध्यान नहीं देने से बर्तन का यह अवैध धंधा खूब फल-फूल रहा है। मिलीभगत की गवाही, यह आंकड़ा दे रहा कि पिछले एक साल के भीतर जीएसटी की टीम ने किसी बर्तन व्यापारी के यहां छापा नहीं मारा।
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शहर में स्टील के अलावा पीतल व अन्य धातुओं के बर्तनों की भारी मांग रहती है। मांग के चलते शहर में रोजाना लाखों का माल इधर से उधर हो रहा है। जीएसटी विभाग के सूत्रों की मानें तो प्रतिदिन गोरखपुर में 50 से 70 गाड़ी बर्तन के सामान गोरखपुर में लाए जाते हैं।
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इन बर्तनों को गोरखपुर के अलावा आस-पास के कस्बों और ग्रामीण इलाकों में भी भेजा जाता है। धंधेबाज बिना ईवे बिल के ही अपना माल जयपुर या अन्य जगहों से गोरखपुर लेकर आ जाते हैं। इस दौरान सभी सेंटर पर इनकी सेटिंग काम आ जाती है।

सूत्रों ने बताया कि जयपुर, हरियाणा (जरादरी), पु्खराया, झांसी, कानपुर, दिल्ली और अन्य जगहों से यहां बर्तन आते हैं। इन बर्तनों पर 18 फीसदी जीएसटी है। बर्तनों के धंधे में टैक्स चोरी बड़े पैमाने पर फर्जी बिल व पर्चियों पर लाखों की खरीद-फरोख्त से हो रही है।

माल कहां से आ रहा है और कहां उतर रहा है, यह पता करना मुश्किल है। इसके अलावा फर्जी फर्मों के नाम पर भी एक जगह से दूसरी जगह इन सामान को भेजा जाता है। सेटिंग की वजह से पहले तो इनकी गाड़ी रोकी नहीं जाएगी। ऐसे में जयपुर से गोरखपुर पहुंचने पर इस ई-वे बिल को कैंसिल कर दिया जाता है।
 

In Gorakhpur, GST evasion- Utensils are being ordered in kilos, they are selling in retail with MRP stickers.
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Istock
इसका फायदा होता है कि फर्म की तरफ से व्यापार ऑडिट में आएगा ही नहीं। जयपुर के व्यापारी को सीधे जीएसटी का फायदा होता है। इसके बाद गोरखपुर का धंधेबाज इन बर्तनों पर स्टीकर लगाकर बाजार में इन्हें एमआरपी के हिसाब से बेचना शुरू कर देता है। ऐसे में किलो के दर से लिए गए सामान का फुटकर में एमआरपी पर मोटा मुनाफा हो जाता है।

200 से 350 रुपये किलो के भाव से बिकते हैं
जयपुर के बाजार में हड़मान दस्ता, छोटे-बड़े चम्मच, खुरपी, कड़ाई, कोठी, बक्सा, भगौना, ट्रे, कश्तियां, चाना व छाला से लेकर छोटे बक्से, बड़े बक्से कई प्रकार के लोहे व स्टील के बर्तन मिल जाते हैं। लोहे के सामान को 120 रुपये किलो, एल्यूमीनियम को 200 व स्टील को 300 से 350 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचा जाता है।

जबकि, ये फुटकर दुकानदार के पास आकर सीधे इनके दामों में मोटा उछाल आ जाता है। बर्तन कारोबार से जुड़े सूत्र ने बताया कि मुंबई से 300 रुपये प्रति किलो के हिसाब से चम्मच आते हैं। इन चम्मच और कांटों को प्रति पीस 70 रुपये के दर से दुकानदार यहां बेचते हैं। इसके अलावा दर्जन और छह पीस लेने पर 800 रुपये तक ले लेते हैं। प्रति पीस पर स्टीकर लगाकर उसे कंपनी का बना देते हैं।

दबाव पड़ा तो एमआरपी पर 20 प्रतिशत तक देते हैं छूट
शहर में धंधेबाज भी अपने धंधे का मुनाफा और सेटिंग खूब निभाते हैं। दाम कम करवाने के लिए ग्राहक ने किसी प्रभावशाली शख्स से फोन कराया तो दुकानदार 20 प्रतिशत तक एमआरपी के दाम में छूट दे देंगे। ऐसा करके भी धंधेबाज घाटे में नहीं रहते, क्योंकि ये सामान तो किलो के हिसाब से मंगवाए गए होते हैं।

एडिशनल कमिश्नर ग्रेड प्रथम, जीएसटी विमल कुमार राय ने बताया कि दुकानदारों को सामान्य ग्राहकों के विश्वास के साथ नहीं खेलना चाहिए। अभी कुछ दिन पहले दूसरे प्रदेश का बिना लिखा-पढ़ी के आए बर्तन को ट्रेन से टीम ने जब्त किया था। सूचना मिली थी कि ऐसे ही बर्तन शहर और आसपास खपाए जा रहे हैं।

टीम जल्दी ही इस पर कार्रवाई करेगी। विभागीय संलिप्तता मिली तो भी कार्रवाई तय है। जयपुर और दूसरे राज्यों से आए बर्तन पर अलग से एमआरपी स्टीकर लगाकर व्यापार की सूचना मिली है। ये अपराध की श्रेणी में भी आता है।
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