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समूह लोन प्रकरण : मुख्य आरोपी को क्लीनचिट देने वाले दरोगा के खिलाफ जांच शुरू

Thu, 31 Jul 2025 12:36 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 31 Jul 2025 12:36 AM IST
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Gorakhpur News: Group loan case: Investigation started against the inspector who gave clean chit to the main accused
इंडस इंड बैंक में 8.85 लाख रुपये गबन के मुख्य आरोपी को विवेचक ने दी थी क्लीनचिट
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एसएसपी ने एसपी नार्थ को दिए जांच के आदेश, गोला थाना क्षेत्र का मामला
गोरखपुर। भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन लिमिटेड सब्सिडीयरी इंडस इंड बैंक में हुए गबन के मामले में मुख्य आरोपी को क्लीनचिट देने वाले दरोगा अजय कुमार के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। एसएसपी राजकरन नय्यर के निर्देश पर एसपी नॉर्थ इसकी जांच कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, अक्तूबर 2023 में बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक दिनेश कुमार ने कुल 19 महिला सदस्यों के मृत्यु प्रमाण पत्र पर जताते हुए गोला थाने में तहरीर दी थी। इसमें पूर्व शाखा प्रबंधक बृजेश कुमार सरोज को मुख्य आरोपी बनाया था और उनके पिता रामबली पर गाली और धमकी देने का आरोप लगाया था। तहरीर में बताया गया था बृजेश ने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए समूह की कई महिला सदस्यों के पति को मृत दिखाकर उनके बीमा के रुपये खुद हड़प लिए। इसके अलावा महिला सदस्यों को बीमा कंपनी से क्लेम कराकर मृत्यु दावा राशि उनके खाते में भिजवा दी। इसके पूर्व इन्हीं सदस्यों को लोन बांटकर रुपये में भी गड़बड़झाला किया। आरोपियों ने कुल सात लाख रुपये अधिक का गबन किया। जब यह केस दर्ज हुआ था तो कस्बे के तत्कालीन दरोगा चंदन राय को विवेचक बनाया गया। उनके स्थानांतरण के बाद दरोगा अजय कुमार को विवेचना मिली। उन्होंने विवेचना के दौरान मुख्य आरोपी शाखा प्रबंधक का नाम ही निकाल दिया और समूह की महिलाओं पर आरोप मढ़ दिया। जब इसकी जानकारी अधिकारियों को हुई तो बीते वर्ष अगस्त माह में उनसे विवेचना लेकर मुख्य आरोपी का नाम जोड़ने और इस केस में तेज कार्यवाही करने के लिए दरोगा देवेंद्र सिंह यादव को विवेचक बनाया गया।
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सीओ ने की थी जांच
देवेंद्र सिंह यादव ने मुख्य आरोपी बृजेश का नाम जोड़ते हुए जांच शुरू की तो उन्हें बैंक कर्मचारियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिले, लेकिन वे किसी भी आरोपी बैंककर्मी को गिरफ्तार नहीं कर पाए। चार महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसका संज्ञान लेकर अधिकारियों ने विवेचक से बैंककर्मियों को गिरफ्तार न करने का कारण पूछा, जिस पर वे समुचित जवाब न देकर बैंक में तैनात कर्मचारियों का सहयोग न करने की बात कहने लगे। इस पर अधिकारियों ने उन्हें फटकार लगाते हुए विवेचना से हटाते हुए एसओ गोला को जांच दे दी थी। सीओ मनोज पांडेय ने उच्चाधिकारियों को इस केस में गलत विवेचना किए जाने की रिपोर्ट प्रेषित कर दी थी।
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कोट
इंडसइंड बैंक की विवेचना में मुख्य आरोपी का नाम निकालने के मामले में दरोगा के खिलाफ जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी नॉर्थ
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