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Gorakhpur News: ई-ऑफिस में तब्दील होगा गोरखपुर विकास प्राधिकरण
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गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण बहुत जल्द ई-ऑफिस में तब्दील हो जाएगा। शुक्रवार को सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-फाइल क्रिएशन और मूवमेंट का प्रशिक्षण मिला। प्राधिकरण में म्यूटेशन (नाम दर्ज) और कार्यालय से संबंधित समस्त कार्य ई-ऑफिस के माध्यम से होंगे।
प्राधिकरण के सचिव उदय प्रताप सिंह ने बताया कि प्राधिकरण में ई-ऑफिस का प्रारंभ (गो-लाइव) किया जा चुका है। शुक्रवार सुबह 11 बजे से शुरू हुई प्रशिक्षण कार्यशाला में मेसर्स एएम साल्युशन प्राइवेट लिमिटेड के प्रशिक्षकों ने कर्मचारियों और अधिकारियों को ई-ऑफिस में कामकाज करने की जानकारी उपलब्ध कराई। उन्होंने बताया कि एक-एक कर जल्द ही प्राधिकरण के सभी अनुभाग ई-ऑफिस में तब्दील होंगे। इससे न केवल काम काज में तेजी आएगी बल्कि पारदर्शिता भी आएगी। विभाग की सभी आवासीय और व्यावसायिक योजनाओं की जानकारी फाइलों से निकल कर डेटा में तब्दील होगा। प्राधिकरण उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने बताया कि वर्तमान में कोई जानकारी लेने के लिए संबंधित बाबू को बुलाना पड़ता है। किन्ही वजह से उसके अनुपस्थित होने पर न केवल काम में देरी होती है बल्कि काम को बोझ बढ़ जाता है। बैठक में चीफ इंजीनियर किशन सिंह, अधिशासी अभियंता नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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प्राधिकरण के सचिव उदय प्रताप सिंह ने बताया कि प्राधिकरण में ई-ऑफिस का प्रारंभ (गो-लाइव) किया जा चुका है। शुक्रवार सुबह 11 बजे से शुरू हुई प्रशिक्षण कार्यशाला में मेसर्स एएम साल्युशन प्राइवेट लिमिटेड के प्रशिक्षकों ने कर्मचारियों और अधिकारियों को ई-ऑफिस में कामकाज करने की जानकारी उपलब्ध कराई। उन्होंने बताया कि एक-एक कर जल्द ही प्राधिकरण के सभी अनुभाग ई-ऑफिस में तब्दील होंगे। इससे न केवल काम काज में तेजी आएगी बल्कि पारदर्शिता भी आएगी। विभाग की सभी आवासीय और व्यावसायिक योजनाओं की जानकारी फाइलों से निकल कर डेटा में तब्दील होगा। प्राधिकरण उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने बताया कि वर्तमान में कोई जानकारी लेने के लिए संबंधित बाबू को बुलाना पड़ता है। किन्ही वजह से उसके अनुपस्थित होने पर न केवल काम में देरी होती है बल्कि काम को बोझ बढ़ जाता है। बैठक में चीफ इंजीनियर किशन सिंह, अधिशासी अभियंता नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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