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Gorakhpur News: जेमिनी गार्डेनिया सोसाइटी की सर्विस लेन पर दोबारा कब्जा
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जीडीए ने कब्जा हटाकर 36 लाख रुपये से कराई थी इंटरलॉकिंग
गोरखपुर। जेमिनी गार्डेनिया सोसाइटी के पास बनी सर्विस लेन पर कब्जे का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने लगभग 36 लाख रुपये की लागत से अतिक्रमण हटवाकर इंटरलॉकिंग कराई थी ताकि सोसाइटी सीधे देवरिया-गोरखपुर फोरलेन से जुड़ सके। मगर सोसाइटी की ओर से फोरलेन पर विधिवत रास्ता न खोले जाने और सर्विस लेन का समुचित उपयोग न होने से यह प्रयास बेकार साबित हो गया। अब इंटरलॉकिंग सर्विस लेन पर लगभग 15 अस्थायी कब्जे फिर से उभर आए हैं।
करीब डेढ़ दशक से सोसाइटी इस समस्या से जूझ रही है। पूर्व अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह और उपाध्यक्ष डॉ. अनिता अग्रवाल ने कई बार जीडीए अधिकारियों से मुलाकात कर अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन और प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह के निर्देशन में अतिक्रमण का सर्वे किया गया और चरणबद्ध ढंग से अभियान चलाकर जमीन खाली कराई गई थी।
इसके बाद श्याम एसोसिएट्स फर्म ने अप्रैल में तय समय पर इंटरलॉकिंग का कार्य भी पूरा कर दिया। फिलहाल सर्विस लेन पर दोबारा हुए कब्जे से करोड़ों की संपत्ति पर खतरा मंडरा रहा है।
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गोरखपुर। जेमिनी गार्डेनिया सोसाइटी के पास बनी सर्विस लेन पर कब्जे का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने लगभग 36 लाख रुपये की लागत से अतिक्रमण हटवाकर इंटरलॉकिंग कराई थी ताकि सोसाइटी सीधे देवरिया-गोरखपुर फोरलेन से जुड़ सके। मगर सोसाइटी की ओर से फोरलेन पर विधिवत रास्ता न खोले जाने और सर्विस लेन का समुचित उपयोग न होने से यह प्रयास बेकार साबित हो गया। अब इंटरलॉकिंग सर्विस लेन पर लगभग 15 अस्थायी कब्जे फिर से उभर आए हैं।
करीब डेढ़ दशक से सोसाइटी इस समस्या से जूझ रही है। पूर्व अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह और उपाध्यक्ष डॉ. अनिता अग्रवाल ने कई बार जीडीए अधिकारियों से मुलाकात कर अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन और प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह के निर्देशन में अतिक्रमण का सर्वे किया गया और चरणबद्ध ढंग से अभियान चलाकर जमीन खाली कराई गई थी।
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इसके बाद श्याम एसोसिएट्स फर्म ने अप्रैल में तय समय पर इंटरलॉकिंग का कार्य भी पूरा कर दिया। फिलहाल सर्विस लेन पर दोबारा हुए कब्जे से करोड़ों की संपत्ति पर खतरा मंडरा रहा है।
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