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गंगेश हत्याकांड: दो भाइयों की हत्या... लाडली पूछती है-पापा कहां हैं; भाभी का दर्द- हत्यारे जेल से बाहर क्यों?
Tue, 03 Sep 2024 03:19 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 03 Sep 2024 03:19 PM IST
सार
गोरखपुर में दो सगे भाइयों की हत्या के बाद घर में कोई पुरुष अभिभावक नहीं बचा है। बच्चों की देखरेख के साथ पैरवी भी अब महिलाओं के जिम्मे है।
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Gorakhpur News
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पहले योगेश पांडेय फिर उनके भाई गंगेश की हत्या के बाद गोरखपुर के कैंट इलाके में महेवा स्थित उनके घर में अब कोई पुरुष अभिभावक नहीं बचा है। योगेश की पत्नी पुष्पा पति की हत्या की मुख्य गवाह हैं। वह अपने दो बच्चों और देवर गंगेश की पत्नी व बेटी की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं।
अभी तक वह पति के केस की पैरवी के लिए कोर्ट का चक्कर लगा रही थीं। देवर गंगेश की हत्या के बाद अब वह आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाने और पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों में भागदौड़ कर रही हैं। सोमवार को पुष्पा ने बताया कि देवर गंगेश दिल्ली की एक कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर थे।
वह पति की हत्या में गवाह थे, इसलिए केस की तारीख पर गोरखपुर आते थे। उन्हें भी आरोपियों ने मार दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया, विसरा रिपोर्ट भी आ गई। इसके बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि देवर की हत्या करने वाले आरोपियों की हर हाल में गिरफ्तारी होनी चाहिए।
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पुष्पा की बड़ी बेटी आराधना प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है। बेटा हर्ष बीएससी कर रहा है। वहीं गंगेश की दो वर्ष की बेटी घर पर पिता को ढूंढती है। पुष्पा ने बताया कि गंगेश अपनी बेटी को बहुत मानते थे। कभी उसे अपने से अलग नहीं होने देते थे।
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अभी तक वह पति के केस की पैरवी के लिए कोर्ट का चक्कर लगा रही थीं। देवर गंगेश की हत्या के बाद अब वह आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाने और पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों में भागदौड़ कर रही हैं। सोमवार को पुष्पा ने बताया कि देवर गंगेश दिल्ली की एक कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर थे।
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वह पति की हत्या में गवाह थे, इसलिए केस की तारीख पर गोरखपुर आते थे। उन्हें भी आरोपियों ने मार दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया, विसरा रिपोर्ट भी आ गई। इसके बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि देवर की हत्या करने वाले आरोपियों की हर हाल में गिरफ्तारी होनी चाहिए।
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पुष्पा की बड़ी बेटी आराधना प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है। बेटा हर्ष बीएससी कर रहा है। वहीं गंगेश की दो वर्ष की बेटी घर पर पिता को ढूंढती है। पुष्पा ने बताया कि गंगेश अपनी बेटी को बहुत मानते थे। कभी उसे अपने से अलग नहीं होने देते थे।
पुष्पा ने बताया कि पति की मौत के बाद ससुर की भी कुछ ही दिन बाद मौत हो गई। इसके बाद घर की जिम्मेदारी देवर गंगेश ही संभाल रहे थे।
योगेश की हत्या में 16 को होगी सुनवाई
पुष्पा ने बताया कि पति की हत्या के केस की अगली सुनवाई 16 सितंबर को सिविल कोर्ट में होनी है। इस केस में अभी तक पुलिस द्वारा गंगेश का डेथ सर्टिफिकेट नहीं लगाया गया है। इससे केस की सुनवाई पर असर पड़ रहा है। हम लोगों से कहा गया था कि पुलिस घर पर जाकर सत्यापन करेगी, इसके बाद रिपोर्ट भेजेगी। अभी तक पुलिस घर सत्यापन करने नहीं आई। योगेश की हत्या की मुख्य गवाह पुष्पा हैं, साथ ही इसमें उनके पति के तीन दोस्तों की भी गवाही होनी है।
पुष्पा ने बताया कि पति की हत्या के केस की अगली सुनवाई 16 सितंबर को सिविल कोर्ट में होनी है। इस केस में अभी तक पुलिस द्वारा गंगेश का डेथ सर्टिफिकेट नहीं लगाया गया है। इससे केस की सुनवाई पर असर पड़ रहा है। हम लोगों से कहा गया था कि पुलिस घर पर जाकर सत्यापन करेगी, इसके बाद रिपोर्ट भेजेगी। अभी तक पुलिस घर सत्यापन करने नहीं आई। योगेश की हत्या की मुख्य गवाह पुष्पा हैं, साथ ही इसमें उनके पति के तीन दोस्तों की भी गवाही होनी है।
13 जून को कैंट थाने में दर्ज हुआ था केस
कैंट इलाके के गोलघर गणेश चौक के पास संदिग्ध हालात में गंगेश की मौत हुई थी। गंगेश की भाभी पुष्पा पांडेय की तहरीर पर कैंट थाने में 13 जून को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर रामदरश राय, उनके बेटे राहुल राय, राहुल यादव, राहुल पांडेय, दीपनारायण पांडेय के साथ दो अधिवक्ताओं पर पुलिस ने केस दर्ज किया था।
कैंट इलाके के गोलघर गणेश चौक के पास संदिग्ध हालात में गंगेश की मौत हुई थी। गंगेश की भाभी पुष्पा पांडेय की तहरीर पर कैंट थाने में 13 जून को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर रामदरश राय, उनके बेटे राहुल राय, राहुल यादव, राहुल पांडेय, दीपनारायण पांडेय के साथ दो अधिवक्ताओं पर पुलिस ने केस दर्ज किया था।
इस तरह हुई योगेश की हत्या, जंगल में फेंका शव
वर्ष 2017 में 10 नवंबर को रुपये के लेनदेन को लेकर योगेश पांडेय की हत्या की गई थी। इस घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया था कि योगेश और मुख्य आरोपी राहुल राय आठ साल पुराने दोस्त थे। योगेश ने राहुल को ब्याज पर रुपये दिए थे, जिसे वापस न देना पड़े, इसके लिए उन्हें स्कूल में बुलाया।
वर्ष 2017 में 10 नवंबर को रुपये के लेनदेन को लेकर योगेश पांडेय की हत्या की गई थी। इस घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया था कि योगेश और मुख्य आरोपी राहुल राय आठ साल पुराने दोस्त थे। योगेश ने राहुल को ब्याज पर रुपये दिए थे, जिसे वापस न देना पड़े, इसके लिए उन्हें स्कूल में बुलाया।
स्कूल में कर्मचारी राहुल यादव और राहुल पांडेय के साथ मिलकर योगेश की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसका शव कैंपियरगंज के जंगल में ले जाकर फेंक दिया। इंदिरानगर स्थित पार्षद के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद से इस घटना का खुलासा पुलिस ने किया था।