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Gorakhpur News: बदमाशों ने हिस्ट्रीशीटर दिनेश के सिर में मारी थीं दो गोलियां
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हिस्ट्रीशीटर हत्याकांड: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर्फ दो गोलियां लगने का जिक्र
आरोपियों की तलाश में पुलिस दे रही दबिश, बाइक नहीं चलाना जानता था दिनेश
गोरखपुर। बेलीपार थाना क्षेत्र के ऊंचगांव के समीप गोरखपुर-वाराणसी हाईवे पर बदमाशों ने हिस्ट्रीशीटर और निषाद पार्टी के कार्यकर्ता दिनेश (40) को दौड़ाकर सिर में दो गोलियां मारी थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, गोलियां सिर के दाहिने तरफ मारी गईं, जो बाएं हिस्से में जाकर फंस गईं। पोस्टमार्टम के दौरान गोलियों को निकाला गया। रिपोर्ट में सिर्फ दो गोली ही लगने का जिक्र किया गया है।
रविवार को पुलिस की मौजूदगी में मलांव चंदा घाट पर दिनेश का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस आरोपियों की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही है।
जानकारी के मुताबिक, भरवलिया गांव निवासी दिनेश गोरखपुर शहर में रहता था। शनिवार को वह गांव आ रहा था। उसे गोरखपुर से बाइक से गांव निवासी संजय निषाद लेकर आ रहा था। रविवार को अंतिम संस्कार के दौरान लोग चर्चा करते मिले कि दिनेश बाइक चलाना नहीं जानता था। लोगों के अनुसार, दिनेश किसी न किसी के साथ बाइक से आता-जाता था। शनिवार को उसने गांव निवासी संजय निषाद को गोरखपुर बुलाया और उसके साथ गांव आ रहा था।
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पुलिस के पहरे में हुआ दाह संस्कार, उमड़ी भीड़
पोस्टमार्टम के बाद अपराह्न तीन बजे शव लाया गया भरवलिया गांव
घर से घाट तक तैनात रही पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
महावीर छपरा/कसिहार (गोरखपुर)। दिनेश का शव पोस्टमार्टम के बाद अपराह्न तीन बजे बेलीपार के भरवलिया गांव पुलिस के पहरे में लाया गया इस दौरान ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। शव गांव पहुंचते ही परिवार वालों में चीख-पुकार मच गई। इसके कुछ देर बाद शव मलांव चंदा घाट ले जाया गया। वहां दाह संस्कार किया गया। दिनेश के बड़े भाई किशोर ने मुखाग्नि दी।
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इस दौरान दिनेश के गांव के साथ हरदिया, कसिहार चौराहा व मलांव चंदा घाट तक पीएसी व पुलिस के जवान जगह-जगह तैनात रहे। इसमें सादी वर्दी में भी काफी संख्या में पुलिस वाले शामिल थे।
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आपराधिक प्रवृत्ति की वजह से पत्नी रह रही थीं मायके
मऊ में बच्चों के साथ रह रहीं संध्या पहुंचीं ससुराल, रो-रोकर बुरा हाल
चार माह पहले पति से हुई थी बातचीत, दिनेश ने संध्या के पास किया था फोन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दिनेश की पत्नी संध्या को शनिवार शाम जैसे ही पति की हत्या की खबर मिली, उनके होश उड़ गए। वह अपने मायके मऊ जिले के पिडउर सिंहपुर से दोनों बच्चों के साथ ससुराल पहुंचीं। चर्चा है कि दिनेश की आपराधिक प्रवृत्ति को लेकर दोनों में अनबन के बाद एक वर्ष से वह बच्चों के साथ अपने मायके रह रही थीं।
वह बार-बार पति को याद कर रोते हुए अचेत हो जा रही थीं। आसपास की महिलाएं पानी छींटा मारकर उन्हें होश में ला रही थीं।
दिनेश की पत्नी संध्या ने बताया कि वह अपने मायके मऊ में करीब एक वर्ष से रह रही हैं। बताया कि दिनेश से अपराध की दुनिया छोड़ने को लेकर कई बार कहासुनी हुई थी। इसी बात को लेकर दिनेश से उनकी बातें भी कम होती थीं। करीब चार माह पहले बात हुई थी। दिनेश ने ही उनको फोन किया था।
उन्होंने बताया कि दिनेश गोरखपुर में ही रहते थे। धीरे-धीरे अपराध की दुनिया से निकलने की बात कहते हुए राजनीति में कदम रखने की बात उन्होंने कही थी। संध्या ने बताया कि वह मायके में रहकर अपने बच्चों को पढ़ा-लिखा रही हैं।
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आरोपियों की तलाश में पुलिस दे रही दबिश, बाइक नहीं चलाना जानता था दिनेश
गोरखपुर। बेलीपार थाना क्षेत्र के ऊंचगांव के समीप गोरखपुर-वाराणसी हाईवे पर बदमाशों ने हिस्ट्रीशीटर और निषाद पार्टी के कार्यकर्ता दिनेश (40) को दौड़ाकर सिर में दो गोलियां मारी थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, गोलियां सिर के दाहिने तरफ मारी गईं, जो बाएं हिस्से में जाकर फंस गईं। पोस्टमार्टम के दौरान गोलियों को निकाला गया। रिपोर्ट में सिर्फ दो गोली ही लगने का जिक्र किया गया है।
रविवार को पुलिस की मौजूदगी में मलांव चंदा घाट पर दिनेश का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस आरोपियों की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही है।
जानकारी के मुताबिक, भरवलिया गांव निवासी दिनेश गोरखपुर शहर में रहता था। शनिवार को वह गांव आ रहा था। उसे गोरखपुर से बाइक से गांव निवासी संजय निषाद लेकर आ रहा था। रविवार को अंतिम संस्कार के दौरान लोग चर्चा करते मिले कि दिनेश बाइक चलाना नहीं जानता था। लोगों के अनुसार, दिनेश किसी न किसी के साथ बाइक से आता-जाता था। शनिवार को उसने गांव निवासी संजय निषाद को गोरखपुर बुलाया और उसके साथ गांव आ रहा था।
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पुलिस के पहरे में हुआ दाह संस्कार, उमड़ी भीड़
पोस्टमार्टम के बाद अपराह्न तीन बजे शव लाया गया भरवलिया गांव
घर से घाट तक तैनात रही पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
महावीर छपरा/कसिहार (गोरखपुर)। दिनेश का शव पोस्टमार्टम के बाद अपराह्न तीन बजे बेलीपार के भरवलिया गांव पुलिस के पहरे में लाया गया इस दौरान ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। शव गांव पहुंचते ही परिवार वालों में चीख-पुकार मच गई। इसके कुछ देर बाद शव मलांव चंदा घाट ले जाया गया। वहां दाह संस्कार किया गया। दिनेश के बड़े भाई किशोर ने मुखाग्नि दी।
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इस दौरान दिनेश के गांव के साथ हरदिया, कसिहार चौराहा व मलांव चंदा घाट तक पीएसी व पुलिस के जवान जगह-जगह तैनात रहे। इसमें सादी वर्दी में भी काफी संख्या में पुलिस वाले शामिल थे।
आपराधिक प्रवृत्ति की वजह से पत्नी रह रही थीं मायके
मऊ में बच्चों के साथ रह रहीं संध्या पहुंचीं ससुराल, रो-रोकर बुरा हाल
चार माह पहले पति से हुई थी बातचीत, दिनेश ने संध्या के पास किया था फोन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दिनेश की पत्नी संध्या को शनिवार शाम जैसे ही पति की हत्या की खबर मिली, उनके होश उड़ गए। वह अपने मायके मऊ जिले के पिडउर सिंहपुर से दोनों बच्चों के साथ ससुराल पहुंचीं। चर्चा है कि दिनेश की आपराधिक प्रवृत्ति को लेकर दोनों में अनबन के बाद एक वर्ष से वह बच्चों के साथ अपने मायके रह रही थीं।
वह बार-बार पति को याद कर रोते हुए अचेत हो जा रही थीं। आसपास की महिलाएं पानी छींटा मारकर उन्हें होश में ला रही थीं।
दिनेश की पत्नी संध्या ने बताया कि वह अपने मायके मऊ में करीब एक वर्ष से रह रही हैं। बताया कि दिनेश से अपराध की दुनिया छोड़ने को लेकर कई बार कहासुनी हुई थी। इसी बात को लेकर दिनेश से उनकी बातें भी कम होती थीं। करीब चार माह पहले बात हुई थी। दिनेश ने ही उनको फोन किया था।
उन्होंने बताया कि दिनेश गोरखपुर में ही रहते थे। धीरे-धीरे अपराध की दुनिया से निकलने की बात कहते हुए राजनीति में कदम रखने की बात उन्होंने कही थी। संध्या ने बताया कि वह मायके में रहकर अपने बच्चों को पढ़ा-लिखा रही हैं।