फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur News: Corporation is worried about falling ground water in the city.. RO plants, car washing centers will be mapped

Gorakhpur News: शहर में गिरते भूजल को लेकर निगम चिंतित..आरओ प्लांट, कार वाशिंग सेंटर की होगी मैपिंग

Sun, 29 Jun 2025 01:10 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 29 Jun 2025 01:10 AM IST
विज्ञापन
Gorakhpur News: Corporation is worried about falling ground water in the city.. RO plants, car washing centers will be mapped
आरओ प्लांट व कार वाशिंग सेंटर के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगाना होगा अनिवार्य
विज्ञापन

अब तक सिर्फ 52 आरओ प्लांट और 16 कार वाशिंग सेंटर ने ही कराए हैं पंजीकरण
गोरखपुर। राप्ती नदी, रामगढ़ताल और चिलुआताल के बीच में बसे गोरखपुर शहर का भी भूगर्भ जलस्तर गिर रहा है। मोहद्दीपुर, पादरी बाजार, धर्मशाला, बेतियाहाता समेत कई इलाकों में अप्रैल से जून तक हैंडपंप से पानी नहीं निकलता। इसीलिए अब नगर निगम ने शहर में चलने वाले सभी आरओ प्लांट व कार वाशिंग सेंटर के लिए पंजीकरण और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया है। अब तक 52 आरओ प्लांट व 16 कार वाशिंग सेंटर ने अपना पंजीकरण करा लिया है। नगर निगम इन सभी प्लांट की गूगल मैपिंग भी कराएगा।
शहर में पेयजल सप्लाई सिस्टम के बावजूद शुद्ध पानी की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए करीब 600 आरओ प्लांट संचालित हैं। हर प्लांट में प्रतिदिन चार से पांच हजार लीटर पानी बोरिंग से जमीन से खींचा जाता है। शोधन के दौरान इसमें से करीब 1500 लीटर पानी बेकार होता है, जिन्हें वापस भूगर्भ में भेजने के बजाय नालियों में बहा दिया जाता है। यही हाल गाड़ियों की धुलाई के लिए लगे कार वाशिंग सेंटरों का है। शहर में 100 से अधिक कार वाशिंग सेंटर हैं, जहां हर दिन हजारों लीटर पानी जमीन से निकालकर गाड़ियों की धुलाई होती है, लेकिन इस पानी को वापस जमीन में भेजने के बजाय नालियों में बहा दिया जाता है। इस वजह से अब जलस्तर घट रहा है। इसका असर मार्च आते ही दिखने लगता है। इस साल अप्रैल आते-आते मोहद्दीपुर, बिछिया, पादरी बाजार, आजाद चौक, साहबगंज समेत कई मोहल्ले ऐसे रहे, जहां लोगों के हैंडपंप से पानी निकलना बंद हो गया। कई जगह 40 फिट तक बोरिंग वाले टुल्लू पंप पानी नहीं खींच पा रहे थे। मजबूरी में या तो बोरिंग की गहराई बढ़ानी पड़ी या फिर टुल्लू पंप की जगह सबमर्शिबल पंप लगवाने पड़े, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ा।
विज्ञापन

अब इस समस्या को नगर निगम ने भी संज्ञान में लिया है और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इसके तहत सबसे पहले आरओ प्लांट और कार वाशिंग सेंटरों पर सख्ती बढ़ाई गई है, क्योंकि सबसे अधिक पानी यही बर्बाद करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

नगर निगम में अभी तक 60 आरओ प्लांट और 20 कार वाशिंग सेंटर का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। अगर इन सभी ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाया तो इनका रजिस्ट्रेशन निगम रद्द कर देगा। निगम इनकी निगरानी के लिए एक टीम भी बनाएगा। गूगल मैप पर मैपिंग होने के बाद इनकी मॉनिटरिंग आसान हो जाएगी।

अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि रजिस्ट्रेशन चल रहा है। इन सभी की गूगल मैप पर मैपिंग होगी। बिना रजिस्ट्रेशन वाले आरओ प्लांट और वाशिंग सेंटर को बंद कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed