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Gorakhpur News: सीओ ऑफिस को बनाया जीरो एफआईआर का नोडल
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जीरो एफआईआर मेंं दर्ज होने वाले मामले को एक दिन में करना होगा निस्तारित
गोरखपुर। जीरो एफआईआर को दर्ज करने में हीलाहवाली को डीजीपी ने गंभीरता से लिया है। डीजीपी के निर्देश पर एसएसपी ने सीओ ऑफिस को नोडल बना दिया है। उनकी जिम्मेदारी होगी कि वह इसकी नियमित समीक्षा करें और जीरो एफआईआर का मामला सामने आने पर 24 घंटे में समीक्षा कर कार्रवाई कराएं।
दरअसल, देश के किसी भी जगह घटना होने पर नजदीकी थाने में केस दर्ज कराया जा सकता है। वहां पर केस दर्ज होने के बाद संबंधित जिले को केस ट्रांसफर कर दिया जाता है। फिर संबंधित थाने पर केस दर्ज कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाती है। बीएनएस 173 लागू होने के बाद इस पर सख्ती कर दी गई है, लेकिन अब भी जीरो एफआईआर दर्ज करने में हीलाहवाली का ही मामला सामने आती है। कई जिलों से लोगों ने इसकी शिकायत की थी, जिसका डीजीपी ने संज्ञान लेते हुए नोडल अफसर नियुक्त करने का निर्देश दिया था। गोरखपुर में सीओ ऑफिस को नोडल बना दिया गया है। वह अब इसकी नियमित समीक्षा कर इसपर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी। इसकी नियमित समीक्षा कर रिपोर्ट मुख्यालय को भी भेजनी होगी।
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गोरखपुर। जीरो एफआईआर को दर्ज करने में हीलाहवाली को डीजीपी ने गंभीरता से लिया है। डीजीपी के निर्देश पर एसएसपी ने सीओ ऑफिस को नोडल बना दिया है। उनकी जिम्मेदारी होगी कि वह इसकी नियमित समीक्षा करें और जीरो एफआईआर का मामला सामने आने पर 24 घंटे में समीक्षा कर कार्रवाई कराएं।
दरअसल, देश के किसी भी जगह घटना होने पर नजदीकी थाने में केस दर्ज कराया जा सकता है। वहां पर केस दर्ज होने के बाद संबंधित जिले को केस ट्रांसफर कर दिया जाता है। फिर संबंधित थाने पर केस दर्ज कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाती है। बीएनएस 173 लागू होने के बाद इस पर सख्ती कर दी गई है, लेकिन अब भी जीरो एफआईआर दर्ज करने में हीलाहवाली का ही मामला सामने आती है। कई जिलों से लोगों ने इसकी शिकायत की थी, जिसका डीजीपी ने संज्ञान लेते हुए नोडल अफसर नियुक्त करने का निर्देश दिया था। गोरखपुर में सीओ ऑफिस को नोडल बना दिया गया है। वह अब इसकी नियमित समीक्षा कर इसपर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी। इसकी नियमित समीक्षा कर रिपोर्ट मुख्यालय को भी भेजनी होगी।
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