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Gorakhpur News: अक्षय तृतीया के विशेष मुहूर्त में नामांकन दाखिल करेंगे प्रत्याशी, बन रहा ये खास योग- जानें
Wed, 08 May 2024 11:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 08 May 2024 11:52 AM IST
सार
ज्योतिर्विद नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार अक्षय तृतीया को सूर्य उच्च के हैं, जो राजसत्ता के लिए श्रेष्ठ है। वृषभ राशि में गुरु और चंद्रमा का गजकेशरी योग रहेगा, जबकि शुक्रवार का दिन भी वैभव कारी होता है। अक्षय तृतीया के पुण्य क्षय नहीं होते हैं, इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों उच्च के रहेंगे।
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Akshaya Tritiya 2024: अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त माना गया है।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लोकसभा के रण में ताल ठोकने वाले प्रत्याशियों के लिए अक्षय तृतीया का विशेष मुहूर्त में नामांकन करने का बेहतर विकल्प है। यही कारण है कि ज्योतिषियों की राय से दस मई को सबसे अधिक प्रत्याशी नामांकन करने वाले हैं।
ज्योतिर्विदों के अनुसार अक्षय तृतीया को सूर्य और चंद्रमा उच्च राशि में रहेंगे, जबकि इस दिन गजकेशरी योग भी बन रहा है। अक्षय-तृतीया का मुहूर्त प्रायः सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, कुछ राशि के जातकों के लिए यह बहुत ही श्रेष्ठ मुहूर्त है।
मतदाताओं के बीच अपनी पैठ बढ़ाने के साथ प्रत्याशी और उनके समर्थक ज्याेतिषियों के शरण में भी जा रहे हैं। उन्हें ऐसे मुहूर्त की तलाश है, जिसमें उनके विजय का मार्ग प्रशस्त हो। ज्योतिर्विद नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार अक्षय तृतीया को सूर्य उच्च के हैं, जो राजसत्ता के लिए श्रेष्ठ है।
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ज्योतिर्विदों के अनुसार अक्षय तृतीया को सूर्य और चंद्रमा उच्च राशि में रहेंगे, जबकि इस दिन गजकेशरी योग भी बन रहा है। अक्षय-तृतीया का मुहूर्त प्रायः सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, कुछ राशि के जातकों के लिए यह बहुत ही श्रेष्ठ मुहूर्त है।
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मतदाताओं के बीच अपनी पैठ बढ़ाने के साथ प्रत्याशी और उनके समर्थक ज्याेतिषियों के शरण में भी जा रहे हैं। उन्हें ऐसे मुहूर्त की तलाश है, जिसमें उनके विजय का मार्ग प्रशस्त हो। ज्योतिर्विद नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार अक्षय तृतीया को सूर्य उच्च के हैं, जो राजसत्ता के लिए श्रेष्ठ है।
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अक्षय तृतीया
- फोटो : istock
वृषभ राशि में गुरु और चंद्रमा का गजकेशरी योग रहेगा, जबकि शुक्रवार का दिन भी वैभव कारी होता है। अक्षय तृतीया के पुण्य क्षय नहीं होते हैं, इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों उच्च के रहेंगे।
ज्योतिर्विद पं. शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि सूर्य और चंद्रमा अपने उच्च राशि में रहेंगे। ये दोनों ग्रह पृथ्वी के अत्यंत सन्निकट रहने से समस्त जातकों (लोगों) पर प्रभाव रखते हैं। राजनैतिक पद प्रतिष्ठा की प्राप्ति लिए नामांकन की दृष्टि से भी यह महत्वपूर्ण रहेगा।
राजनीति का कारण ग्रह शनि और राहु को भी माना जाता है। इसमें सर्वाधिक प्रभाव शनि रखते हैं।इस समय शनि कुंभ राशि पर संचरण कर रहे हैं। शनि गोचर में तीसरे, छठवें ,दशवें और ग्यारहवें स्थान पर बली रहते हैं।इस दृष्टिकोण नामांकन के लिए अक्षय तृतीया के दिन मेष, वृषभ, कन्या और धनु राशि के लिए सर्वाधिक उपयुक्त समय रहेगा।
शेष लोग भी अपने ग्रह गोचर गणना के अनुसार कर सकते हैं। ज्योतिर्विद मनीष मोहन ने बताया कि नामांकन दाखिल करने वाले प्रत्याशी अपनी कुंडली की जांच करा रहे हैं। मतदाताओं को लुभाने की कोशिश के बीच धार्मिक दृष्टि से भी शुभ फल प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
ज्योतिर्विद पं. शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि सूर्य और चंद्रमा अपने उच्च राशि में रहेंगे। ये दोनों ग्रह पृथ्वी के अत्यंत सन्निकट रहने से समस्त जातकों (लोगों) पर प्रभाव रखते हैं। राजनैतिक पद प्रतिष्ठा की प्राप्ति लिए नामांकन की दृष्टि से भी यह महत्वपूर्ण रहेगा।
राजनीति का कारण ग्रह शनि और राहु को भी माना जाता है। इसमें सर्वाधिक प्रभाव शनि रखते हैं।इस समय शनि कुंभ राशि पर संचरण कर रहे हैं। शनि गोचर में तीसरे, छठवें ,दशवें और ग्यारहवें स्थान पर बली रहते हैं।इस दृष्टिकोण नामांकन के लिए अक्षय तृतीया के दिन मेष, वृषभ, कन्या और धनु राशि के लिए सर्वाधिक उपयुक्त समय रहेगा।
शेष लोग भी अपने ग्रह गोचर गणना के अनुसार कर सकते हैं। ज्योतिर्विद मनीष मोहन ने बताया कि नामांकन दाखिल करने वाले प्रत्याशी अपनी कुंडली की जांच करा रहे हैं। मतदाताओं को लुभाने की कोशिश के बीच धार्मिक दृष्टि से भी शुभ फल प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।