{"_id":"68e2d48dae68ffbb2105ff63","slug":"gorakhpur-news-attempt-to-capture-monastery-with-the-help-of-fake-aadhar-card-case-filed-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1093165-2025-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: फर्जी आधार कार्ड की मदद से मठ पर कब्जे की कोशिश, केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: फर्जी आधार कार्ड की मदद से मठ पर कब्जे की कोशिश, केस
विज्ञापन
शाहपुर इलाके में स्थित कबीर मठ का मामला, पुलिस कर रही जांच
दो अलग-अलग नंबर के आधार कार्ड की काॅपी पुलिस को दी
गोरखपुर। शाहपुर इलाके के भेड़ियागढ़ स्थित कबीर मठ में महंथी को लेकर चल रहे विवाद का मामला गहरा गया है। मठ की ओर से नियुक्त महंथ ओमप्रकाश चेला जमुना दास ने फर्जी दस्तावेज की मदद से कब्जा करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने पायल चौधरी व उनके मामा रणधीर चौधरी पर केस दर्ज कराया। आरोप है कि पायल अपने मामा रणधीर चौधरी के सहयोग से मठ की संपत्ति पर अपना दावा ठोकने के लिए लंबे समय से लगातार मुकदमेबाजी कर रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, पायल चौधरी ने सिविल जज सीनियर डिवीजन में वाद संख्या 13/2019 और 400/2017 में अपने दावे दाखिल किए हैं। इन केसों में पायल ने अलग-अलग नामों का प्रयोग किया है कि एक जगह पायल दास, तो दूसरी जगह पायल चौधरी। ओमप्रकाश चेला ने आरोप लगाया कि पायल चौधरी वर्तमान में एक प्राइवेट बैंक के बेतियाहाता कार्यालय और एक इंश्योरेंस में कार्यरत हैं। साथ ही, उन्होंने एक दूसरे आधार नंबर का हवाला देते हुए कहा कि पायल ने एक ही आधार कार्ड से नौकरी और केसों में अलग-अलग नामों का प्रयोग किया। उन्होंने बताया कि न्यायालय ने 21 अप्रैल 2008 को स्पष्ट निर्णय दिया था कि नौकरी करने वाला व्यक्ति मठ का महंथ नहीं हो सकता। बावजूद इसके, पायल ने कूटरचना के माध्यम से एक ही आधार नंबर पर दो नामों का प्रयोग किया। अब पुलिस केस दर्ज कर पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
विज्ञापन
दो अलग-अलग नंबर के आधार कार्ड की काॅपी पुलिस को दी
गोरखपुर। शाहपुर इलाके के भेड़ियागढ़ स्थित कबीर मठ में महंथी को लेकर चल रहे विवाद का मामला गहरा गया है। मठ की ओर से नियुक्त महंथ ओमप्रकाश चेला जमुना दास ने फर्जी दस्तावेज की मदद से कब्जा करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने पायल चौधरी व उनके मामा रणधीर चौधरी पर केस दर्ज कराया। आरोप है कि पायल अपने मामा रणधीर चौधरी के सहयोग से मठ की संपत्ति पर अपना दावा ठोकने के लिए लंबे समय से लगातार मुकदमेबाजी कर रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, पायल चौधरी ने सिविल जज सीनियर डिवीजन में वाद संख्या 13/2019 और 400/2017 में अपने दावे दाखिल किए हैं। इन केसों में पायल ने अलग-अलग नामों का प्रयोग किया है कि एक जगह पायल दास, तो दूसरी जगह पायल चौधरी। ओमप्रकाश चेला ने आरोप लगाया कि पायल चौधरी वर्तमान में एक प्राइवेट बैंक के बेतियाहाता कार्यालय और एक इंश्योरेंस में कार्यरत हैं। साथ ही, उन्होंने एक दूसरे आधार नंबर का हवाला देते हुए कहा कि पायल ने एक ही आधार कार्ड से नौकरी और केसों में अलग-अलग नामों का प्रयोग किया। उन्होंने बताया कि न्यायालय ने 21 अप्रैल 2008 को स्पष्ट निर्णय दिया था कि नौकरी करने वाला व्यक्ति मठ का महंथ नहीं हो सकता। बावजूद इसके, पायल ने कूटरचना के माध्यम से एक ही आधार नंबर पर दो नामों का प्रयोग किया। अब पुलिस केस दर्ज कर पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
विज्ञापन