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Gorakhpur News: महिला अस्पताल में एनेस्थेस्टिट नियुक्त, रात में भी हो रहे ऑपरेशन
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एनेस्थेटिस्ट नहीं होने से रात में नहीं होते थे ऑपरेशन, गंभीर मरीजों को रेफर किया जाता था मेडिकल कॉलेज
गोरखपुर। एनेस्थेटिस्ट की कमी पूरी होने के बाद जिला महिला अस्पताल में रात में भी ऑपरेशन से प्रसव (सिजेरियन) कराया जा रहा है। एनेस्थेटिस्ट के अभाव में दोपहर बाद यहां ऑपरेशन नहीं होता था। रात में पहुंची गर्भवती को बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेज दिया जाता था। या मरीज को अगले दिन तक इंतजार करना पड़ता था।
जिला महिला अस्पताल में अब एक एनेस्थेस्टिट को संविदा पर तैनात किया गया है और दो एनेस्थेटिस्ट टीबी अस्पताल से अटैच किए गए हैं। वह तीन-तीन दिन जिला महिला अस्पताल आते हैं। अटैच किए गए बांसगांव व खोराबार स्वास्थ्य केंद्र के एनेस्थेटिस्ट अपना काम खत्म करने के बाद महिला अस्पताल में भी ऑपरेशन में सहयोग करते हैं। एनेस्थेटिस्ट होने के कारण अब मरीजों को सुबह आठ से रात 10 बजे तक ऑपरेशन की सुविधा मिलने लगी है। पहले एक दिन में सात-आठ ऑपरेशन ही हो पाते थे लेकिन अब लगभग 20 ऑपरेशन किए जा रहे हैं। जिला महिला अस्पताल में कोई स्थायी एनेस्थेटिस्ट तैनात नहीं है। सीएमओ ने दो एनेस्थेटिस्ट जिला महिला अस्पताल से अटैच कर दिए थे। वे दिन में रहते थे इसलिए दिन में ही ऑपरेशन हो पाते थे। दोपहर दो बजे के बाद से सुबह आठ बजे तक ऑपरेशन नहीं होते थे।
कोट
अब महिला अस्पताल में एनेस्थेटिस्ट की पर्याप्त व्यवस्था हो गई है। ऑपरेशन के जरिए प्रतिदिन 20 से अधिक प्रसव कराए जा रहे हैं। सुविधा बढ़ने पर सामान्य प्रसव की संख्या भी बढ़ी है।
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- डॉ. जय कुमार, प्रमुख अधीक्षक, जिला महिला अस्पताल
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गोरखपुर। एनेस्थेटिस्ट की कमी पूरी होने के बाद जिला महिला अस्पताल में रात में भी ऑपरेशन से प्रसव (सिजेरियन) कराया जा रहा है। एनेस्थेटिस्ट के अभाव में दोपहर बाद यहां ऑपरेशन नहीं होता था। रात में पहुंची गर्भवती को बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेज दिया जाता था। या मरीज को अगले दिन तक इंतजार करना पड़ता था।
जिला महिला अस्पताल में अब एक एनेस्थेस्टिट को संविदा पर तैनात किया गया है और दो एनेस्थेटिस्ट टीबी अस्पताल से अटैच किए गए हैं। वह तीन-तीन दिन जिला महिला अस्पताल आते हैं। अटैच किए गए बांसगांव व खोराबार स्वास्थ्य केंद्र के एनेस्थेटिस्ट अपना काम खत्म करने के बाद महिला अस्पताल में भी ऑपरेशन में सहयोग करते हैं। एनेस्थेटिस्ट होने के कारण अब मरीजों को सुबह आठ से रात 10 बजे तक ऑपरेशन की सुविधा मिलने लगी है। पहले एक दिन में सात-आठ ऑपरेशन ही हो पाते थे लेकिन अब लगभग 20 ऑपरेशन किए जा रहे हैं। जिला महिला अस्पताल में कोई स्थायी एनेस्थेटिस्ट तैनात नहीं है। सीएमओ ने दो एनेस्थेटिस्ट जिला महिला अस्पताल से अटैच कर दिए थे। वे दिन में रहते थे इसलिए दिन में ही ऑपरेशन हो पाते थे। दोपहर दो बजे के बाद से सुबह आठ बजे तक ऑपरेशन नहीं होते थे।
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कोट
अब महिला अस्पताल में एनेस्थेटिस्ट की पर्याप्त व्यवस्था हो गई है। ऑपरेशन के जरिए प्रतिदिन 20 से अधिक प्रसव कराए जा रहे हैं। सुविधा बढ़ने पर सामान्य प्रसव की संख्या भी बढ़ी है।
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- डॉ. जय कुमार, प्रमुख अधीक्षक, जिला महिला अस्पताल