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गोरखपुर नगर निगम: GIS के बाद 12 हजार नई संपत्तियां चिह्नित, देना होगा संपत्ति कर- 40 हजार को दिया गया नोटिस
Sun, 13 Apr 2025 01:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 13 Apr 2025 01:22 AM IST
सार
नई संपत्तियों के निर्धारण के बाद निगम के की ओर से नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद से काफी संख्या में लोग निगम पहुंच रहे हैं। लेकिन संपत्ति कर जमा करने के पहले ऐसे सभी कर दाताओं को निगम में पहले कर निर्धारण संबंधी शुल्क जमा करना होगा। यह संपत्ति कर शुल्क नामांकन व बैनामा के आधार पर निर्धारित होता है।
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नगर निगम भवन
- फोटो : स्त्रोत- एक्स
विस्तार
जीआईएस सर्वे के बाद लोगों का संपत्ति कर पहले से बढ़ गया है। लेकिन, 68 वार्डों में हुए सर्वे के बाद 12,189 नई संपत्तियां चिह्नित की गई हैं। इन्हें भी वित्तीय वर्ष 2023-24 से संपत्ति कर जमा करना होगा। निगम ने चिह्नित संपत्ति मालिकों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है।
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इसके पहले इन संपत्तियों पर कर निर्धारण के लिए मूल्यांकन शुल्क जमा कराना होगा। कर का यह निर्धारण नामांकन, बैनामा के आधार पर निर्धारित होता है। 68 वार्डों में जीआईएस सर्वे के बाद संपत्ति कर में काफी ज्यादा बढ़ोतरी हो गई है। इस बढ़ोतरी के खिलाफ लोगों ने नगर निगम में आपत्ति भी दाखिल की।
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नई संपत्तियों के निर्धारण के बाद निगम के की ओर से नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद से काफी संख्या में लोग निगम पहुंच रहे हैं। लेकिन संपत्ति कर जमा करने के पहले ऐसे सभी कर दाताओं को निगम में पहले कर निर्धारण संबंधी शुल्क जमा करना होगा। यह संपत्ति कर शुल्क नामांकन व बैनामा के आधार पर निर्धारित होता है।
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अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि जीआईएस सर्वे के बाद शहर में 12189 नई संपत्तियां चिह्नित की गईं हैं। इसके अलावा 40 हजार मकान ऐसे हैं, जिनके संपत्ति कर में रिवीजन हुआ है। सभी को संपत्ति कर जमा करने संबंधी नोटिस दिया जा रहा है।