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Gorakhpur News: ढूंढे नहीं मिल रही पांच किलो वाली मोटी फाइल...16 गांवों के मामले अटके
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चौरीचौरा इलाके की सीलिंग फाइलों का निस्तारण अटका, डीएम कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गए हैं आवेदक
गोरखपुर। चौरीचौरा क्षेत्र में सीलिंग की पांच किलो वजनी एक फाइल प्रशासन को ढूंढे नहीं मिल रही है। सप्ताह भर से महकमे के लोग फाइल खोज रहे हैं। इस फाइल में 16 गांवों से जुड़े सीलिंग के मामले हैं। जमीनों की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों ने अपने आवेदन दिए हैं लेकिन फाइल नहीं मिलने से सभी का मामला अटका पड़ा है। प्रशासन भी सीलिंग की जमीनों पर अंतिम निर्णय नहीं ले पा रहा है।
प्रशासन ने वर्ष 2023 में चौरीचौरी क्षेत्र में सीलिंग की जमीनों पर कब्जा मिलने के बाद पूरे क्षेत्र का सर्वे कराया और फिर गाटा संख्या के हिसाब से सीलिंग की जमीनों का सार्वजनिक कर दिया। इसमें सरदार सुरजीत सिंह मजीठिया की भी जमीनें थी, जिसे मजीठिया के लोगों ने बेच दी। बाद में धंधेबाजों ने प्लाटिंग कर दी। हालांकि इस मामले में बहुत सारे लोगों ने कोर्ट की शरण ली। पहले डीएम और फिर कमिश्नर कोर्ट में मामला चला। कुछ लोगों के आवेदन को रेवन्यू बोर्ड ने स्वीकार कर लिया। इसके अलावा कुछ मामले हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी लंबित है। ऐसे में फाइलें कई जगहों पर भेजी गई। अब प्रशासन ने सीलिंग की जमीनों का खंगालना शुरू किया है। करीब 16 गांवों में जिन लोगों ने जमीनें खरीदे हैं उन्होंने अपने साक्ष्य के साथ आवेदन किए हैं। लेकिन फाइल नहीं होने के चलते सुनवाई नहीं हो पा रही है।
कोट
सीलिंग से जुड़ी फाइल की तलाश की जा रही है। यह फाइल बहुत पुरानी है और इसमें 1994 से 2000 के ज्यादातर मामले हैं। जल्द ही फाइल खोज ली जाएगी।
पुरुषोत्तम गुप्ता, एडीएम प्रशासन
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गोरखपुर। चौरीचौरा क्षेत्र में सीलिंग की पांच किलो वजनी एक फाइल प्रशासन को ढूंढे नहीं मिल रही है। सप्ताह भर से महकमे के लोग फाइल खोज रहे हैं। इस फाइल में 16 गांवों से जुड़े सीलिंग के मामले हैं। जमीनों की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों ने अपने आवेदन दिए हैं लेकिन फाइल नहीं मिलने से सभी का मामला अटका पड़ा है। प्रशासन भी सीलिंग की जमीनों पर अंतिम निर्णय नहीं ले पा रहा है।
प्रशासन ने वर्ष 2023 में चौरीचौरी क्षेत्र में सीलिंग की जमीनों पर कब्जा मिलने के बाद पूरे क्षेत्र का सर्वे कराया और फिर गाटा संख्या के हिसाब से सीलिंग की जमीनों का सार्वजनिक कर दिया। इसमें सरदार सुरजीत सिंह मजीठिया की भी जमीनें थी, जिसे मजीठिया के लोगों ने बेच दी। बाद में धंधेबाजों ने प्लाटिंग कर दी। हालांकि इस मामले में बहुत सारे लोगों ने कोर्ट की शरण ली। पहले डीएम और फिर कमिश्नर कोर्ट में मामला चला। कुछ लोगों के आवेदन को रेवन्यू बोर्ड ने स्वीकार कर लिया। इसके अलावा कुछ मामले हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी लंबित है। ऐसे में फाइलें कई जगहों पर भेजी गई। अब प्रशासन ने सीलिंग की जमीनों का खंगालना शुरू किया है। करीब 16 गांवों में जिन लोगों ने जमीनें खरीदे हैं उन्होंने अपने साक्ष्य के साथ आवेदन किए हैं। लेकिन फाइल नहीं होने के चलते सुनवाई नहीं हो पा रही है।
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कोट
सीलिंग से जुड़ी फाइल की तलाश की जा रही है। यह फाइल बहुत पुरानी है और इसमें 1994 से 2000 के ज्यादातर मामले हैं। जल्द ही फाइल खोज ली जाएगी।
पुरुषोत्तम गुप्ता, एडीएम प्रशासन