बदल रहा है गोरखपुर: गोलघर में खुलेगा गोरखपुर हाट, प्रदर्शनी में बिक गए थे सारे माल
सिटी मॉल के सामने नया कपड़ा मार्केट बनाने के साथ ही सामने की पार्किंग ग्राउंड की दशा भी बदलेगी। क्लाथ मार्केट आने-जाने के लिए पार्किंग एरिया के दोनों किनारे से गैलरी बनाई जाएगी। मुख्य रोड से लेकर मार्केट की सीढ़ियों तक बनने वाले इस रास्ते से खरीदारों को आने-जाने में सुविधा होगी।
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गीडा और आसपास लग रही कपड़ा फैक्टरियों के उत्पाद को अभी प्रचार-प्रसार की सख्त जरूरत है। अभी स्थानीय स्तर पर इनके बनाए कपड़े नहीं बिक रहे हैं। इसीलिए अब गोलघर में इसके लिए अलग से मार्केट बनाया जा रहा है, जिसे गोरखपुर हॉट नाम दिया जाएगा। सिटी मॉल के सामने बन रही 56 दुकानों में स्थानीय कपड़ा फैक्टरियों में बने कपड़ों की बिक्री की जाएगी। इसमें से कुछ दुकानों में टेराकोटा के उत्पादों को भी जगह दी जाएगी।
गोरखपुर में अब हर तरह के उद्योगों को बढ़ावा मिल रहा है। इसका फायदा कपड़ा उद्योग को भी मिल रहा है। चैंबर्स ऑफ रेडिमेड गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रमाशंकर शुक्ल बताते हैं कि गीडा, गोरखनाथ और आसपास के क्षेत्रों में करीब 300 छोटे व बड़े गारमेंट्स उद्योग संचालित हो रहे हैं। लेकिन यहां तैयार माल को अभी बाहर से आ रहे माल से कड़ा मुकाबला करना पड़ रहा है। माल की बिक्री नहीं होने के चलते कम पूंजी वाले उद्यमी अधिक परेशान हैं।
इन उद्यमियों की चिंता को सरकार ने समझा और इसके लिए गोलघर में सिटी मॉल के ठीक सामने करीब दो करोड़ रुपये की लागत से 56 दुकानें बनाई जा रही हैं। इस क्लॉथ मार्केट में सभी दुकानें स्थानीय कपड़ा उद्यमियों को आवंटित की जाएंगी। उद्यमी अपनी फैक्टरी के उत्पाद को यहां बिक्री के लिए रखेंगे। चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल बताते हैं कि गोरखपुर का कपड़ा उद्योग तेजी से आगे बढ़ रहा है। यहां अब रेडिमेड कपड़ों के अलावा कपड़ा बुनाई का धागा, रंगाई-छपाई आदि का कार्य भी शुरू हो गए हैं। लेकिन, स्थानीय बाजार में डिमांड कम होने के चलते अभी उद्योगों को संकट का सामना करना पड़ रहा है।
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चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आरएन सिंह कहते हैं कि कपड़ा उद्यमियों को गीडा के स्थापना दिवस पर भी प्रोत्साहित करने की तैयारी है। गीडा में लगने वाली प्रदर्शनी में करीब 50 स्टॉल केवल गोरखपुर के रेडिमेड गारमेंट्स की ही लगाए जाएंगी, जिससे कि उनके उत्पाद को बड़ा बाजार दिलाया जा सके।
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पार्किंग ग्राउंड की भी सुधरेगी दशा
सिटी मॉल के सामने नया कपड़ा मार्केट बनाने के साथ ही सामने की पार्किंग ग्राउंड की दशा भी बदलेगी। क्लाथ मार्केट आने-जाने के लिए पार्किंग एरिया के दोनों किनारे से गैलरी बनाई जाएगी। मुख्य रोड से लेकर मार्केट की सीढ़ियों तक बनने वाले इस रास्ते से खरीदारों को आने-जाने में सुविधा होगी।
बिक्री बढ़ेगी तो उद्यमियों को मिलेगा फायदा
शहर के बीचोबीच इस क्लॉथ मार्केट को खोलने के पीछे प्रमुख उद्देश्य यही है कि शहर में आते-जाते लोग यहां खरीदारी करने आएंगे। कपड़ों की ढुलाई का खर्च समेत अन्य खर्चे कम होंगे तो यह बाहर से आए कपड़ों के मुकाबले सस्ता होगा। इससे लोग इन कपड़ों की खरीदारी को लेकर उत्सुक होंगे। कपड़े बिकेंगे तो फैक्टरी मालिकों को इसका फायदा मिलेगा।
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दो साल पहले लगी प्रदर्शनी में बिक गए थे सारे माल
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उद्यमियों की मांग मुख्यमंत्री तक पहुंची तो उन्होंने यहां स्थायी निर्माण के लिए निर्देश दिया। राजस्व कर्मियों ने बताया कि यह जमीन नजूल की है तो इस पर डीएम से सहमति लेकर जीडीए को निर्माण कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। अभी इन दुकानों में बीम लेवल तक का काम पूरा हुआ है। छत ढालने व प्लास्टर आदि के कार्य में करीब तीन महीने का वक्त लगेगा। नए साल में ये दुकानें उद्यमियों को आवंटित हो जाएंगी।