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दूसरों का सहारा लेने की उम्र में उर्मिला हैं सैकड़ों पौधों का ‘सहारा’
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दूसरों का सहारा लेने की उम्र में उर्मिला हैं सैकड़ों पौधों का ‘सहारा’
गोरखपुर। उम्र के जिस पड़ाव पर लोगों को खड़े होने के लिए भी सहारे की जरूरत होती है। उसमें उर्मिला खेतान सैकड़ों पौधों का सहारा बनी हुई हैं। बेतियाहाता के हरिहर प्रसाद दुबे मार्ग पर रहने वाली उर्मिला का बागवानी का शौक 83 साल की उम्र में चरम पर है।
व्यवसायी परिवार से ताल्लुुक रखने वाली उर्मिला का बागवानी से लगाव छोटी उम्र से ही है। बरेली स्थित उनके मायके के घर का नाम ही चमन कोठी था। 1964 में विवाह व्यवसायी ज्वाला प्रसाद खेतान से हुआ। पारिवारिक जिम्मेदारियों की वजह से यहां बहुत समय तक बागवानी का शौक नेपथ्य में रहा लेकिन पिछले दस सालों वह अपना पूरा समय बागवानी को दे रही हैं। पौधों के लिए जैविक खाद वह खुद बनाती हैं।
एक हजार स्क्वायर फीट के उनके बागीचे में एक तरफ जहां अनार, आम, जामुन, अमरूद, नींबू के फलगार पेड़ हैं। तो गुलाब, रंग बदल, जर्वेरा, गुलछड़ी, गंधराज कामिनी, चमेली, मोगरा आदि फूल भी हैं। यहां औषधीय पौधों की भी भरमार है। इस काम में उनके बेटे व्यवसायी अनुराग खेतान, राजीव खेतान भी मदद करते हैं।
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20 साल पुराना साइकस को जोड़ा है बागीचे की शान
उर्मिला खेतान ने बताया कि उनके गार्डेन की शान 20 साल पुराना साइकस का जोड़ा है। वह इनकी विशेष देखभाल करती हैं।
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गोरखपुर। उम्र के जिस पड़ाव पर लोगों को खड़े होने के लिए भी सहारे की जरूरत होती है। उसमें उर्मिला खेतान सैकड़ों पौधों का सहारा बनी हुई हैं। बेतियाहाता के हरिहर प्रसाद दुबे मार्ग पर रहने वाली उर्मिला का बागवानी का शौक 83 साल की उम्र में चरम पर है।
व्यवसायी परिवार से ताल्लुुक रखने वाली उर्मिला का बागवानी से लगाव छोटी उम्र से ही है। बरेली स्थित उनके मायके के घर का नाम ही चमन कोठी था। 1964 में विवाह व्यवसायी ज्वाला प्रसाद खेतान से हुआ। पारिवारिक जिम्मेदारियों की वजह से यहां बहुत समय तक बागवानी का शौक नेपथ्य में रहा लेकिन पिछले दस सालों वह अपना पूरा समय बागवानी को दे रही हैं। पौधों के लिए जैविक खाद वह खुद बनाती हैं।
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एक हजार स्क्वायर फीट के उनके बागीचे में एक तरफ जहां अनार, आम, जामुन, अमरूद, नींबू के फलगार पेड़ हैं। तो गुलाब, रंग बदल, जर्वेरा, गुलछड़ी, गंधराज कामिनी, चमेली, मोगरा आदि फूल भी हैं। यहां औषधीय पौधों की भी भरमार है। इस काम में उनके बेटे व्यवसायी अनुराग खेतान, राजीव खेतान भी मदद करते हैं।
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20 साल पुराना साइकस को जोड़ा है बागीचे की शान
उर्मिला खेतान ने बताया कि उनके गार्डेन की शान 20 साल पुराना साइकस का जोड़ा है। वह इनकी विशेष देखभाल करती हैं।