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Gorakhpur Election: सीएम सिटी में मेयर चुनाव के लिए हर वर्ग को मौका, चुनावी हलचल हुई तेज
Mon, 05 Dec 2022 10:55 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 05 Dec 2022 10:55 PM IST
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गोरखपुर नगर निगम।
- फोटो : amar ujala
नगर निगम की मेयर की सीट पहली बार अनारक्षित की गई है। इस वजह से इस बार हर राजनीतिक दल खुश है। दावेदारों में भी खुशी है। कोई भी दल किसी को भी मेयर पद का प्रत्याशी बना सकता है। हालांकि, दावेदारों की संख्या
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अधिक होने से सियासी दलों के नेतृत्व के सामने दिक्कत भी आएगी। किसी एक दावेदार का चयन आसान नहीं होगा।
वर्ष 1994 में नगर निगम के गठन के बाद से मेयर की सीट तीन बार अन्य पिछड़ा वर्ग, एक बार अन्य पिछड़ा वर्ग महिला और एक बार सामान्य महिला के लिए आरक्षित रही है। एक बार को छोड़कर हर बार मेयर पद पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कब्जा रहा है। एक बार ट्रांसजेंडर अमरनाथ यादव उर्फ आशा देवी मेयर बनीं थीं। हालांकि, तब भी यह सीट आ रक्षित थी। उन्होंने मेयर का पद जीतकर प्रदेश में किसी नगर निगम में ट्रांसजेंडर के मेयर बनने का रिकार्ड बनाया था।
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गठन के बाद से नगर निगम के मेयर पद के लिए अब तक पांच बार चुनाव हुए हैं। इस बार छठवीं बार चुनाव होगा। पवन बथवाल पहले नगर प्रमुख (12 फरवरी 1989 से 22 फरवरी 1994 तक) बने थे। उन्हीं के कार्यकाल में नगर महा पालिका से नगर निगम वजूद में आया था। नगर निगम का गठन होने के बाद पहली बार मेयर की सीट पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हुई थी। भाजपा के राजेंद्र शर्मा नगर निगम के पहले मेयर बने थे। साल 2000 में नगर निगम के मेयर पद पर इतिहास बन गया। पहली बार ट्रांसजेंडर अमरनाथ यादव उर्फ आशा देवी चुनाव जीतकर मेयर बनीं। तब यह पद अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित था। आशा देवी का निर्वाचन न्यायालय तक भी पहुंचा, लेकिन फैसला उनके पक्ष में आया था।
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साल 2006 के चुनाव में मेयर का पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हो गया। इस बार भाजपा से अंजू चौधरी मेयर चुनी गईं। अंजू चौधरी के कार्यकाल से अब तक नगर निगम की सीट पर लगातार भाजपा का ही कब्जा रहा है।
वर्ष 2012 के चुनाव में मेयर की सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुई। इस बार भाजपा से सत्या पांडेय मेयर निर्वाचित हुईं। साल 2017 में मेयर की सीट फिर अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हुई। इस बार भाजपा के सीताराम जायसवाल मेयर बने। अब पहली बार मेयर की सीट अनारक्षित की गई है।
मेयर-आरक्षण-साल
राजेंद्र शर्मा-अन्य पिछड़ा वर्ग- 1995
अमरनाथ यादव उर्फ आशा देवी-अन्य पिछड़ा वर्ग महिला-2000
डॉ अंजू चौधरी-अन्य पिछड़ा वर्ग-2006
डॉ सत्या पांडेय-सामान्य महिला-2012
सीताराम जायसवाल-अन्य पिछड़ा वर्ग-2017
नगर पंचायतों में आरक्षण की स्थिति
नगर पंचायत आरक्षण
उरुवां अनुसूचित जाति
बड़हलगंज अन्य पिछड़ा महिला
बांसगांव अन्य पिछड़ा
सहजनवां अन्य पिछड़ा
पीपीगंज महिला
उनवल महिला
चौमुखा (कैंपयिरगंज) महिला
गोला अनारक्षित
मुंडेरा बाजार अनारक्षित
पिपराइच अनारक्षित
घघसरा अन्य पिछड़ा महिला