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Gorakhpur News: अगले महीने कैंट से चलाई जा सकती है गोदान और वाराणसी इंटरसिटी- जानें क्यों
Tue, 11 Jun 2024 12:10 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jun 2024 12:10 PM IST
सार
गोरखपुर स्टेशन होकर अब हर दिन करीब 135 ट्रेनों का संचालन हो रहा है। इस कारण स्टेशन पर हमेशा भीड़ रहती है। सुबह और शाम सभी नौ प्लेटफार्म पर ट्रेनों का आवागमन होने के चलते लाइन क्लीयर मिलना मुश्किल होता है। ऊपर से स्टेशन भवन के पुनर्विकास का कार्य भी शुरू हुआ है।
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मेगा ब्लॉक के कारण रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 9 पर ट्रेन में चढ़ने के लिए लगी यात्रियों की भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
एक जुलाई से रेलवे की समय सारणी बदलेगी। इसके साथ ही कई ट्रेनों का समय और चलने का स्थान भी बदलने की संभावना है। गोरखपुर स्टेशन का भार कम करने के लिए गोरखपुर से चलने वाली नरकटियागंज व सीवान पैसेंजर के अलावा गोरखपुर-वाराणसी इंटरसिटी और गोरखपुर-मुंबई के बीच चलने वाली गोदान एक्सप्रेस का संचालन कैंट स्टेशन से शुरू होने की संभावना है।
गोरखपुर स्टेशन होकर अब हर दिन करीब 135 ट्रेनों का संचालन हो रहा है। इस कारण स्टेशन पर हमेशा भीड़ रहती है। सुबह और शाम सभी नौ प्लेटफार्म पर ट्रेनों का आवागमन होने के चलते लाइन क्लीयर मिलना मुश्किल होता है। ऊपर से स्टेशन भवन के पुनर्विकास का कार्य भी शुरू हुआ है।
इसे देखते हुए इस स्टेशन से कुछ ट्रेनों को कैंट स्टेशन से चलाया जाना है। पिछले महीने नरकटियागंज व सीवान पैसेंजर के अलावा वाराणसी इंटरसिटी का संचालन भी कैंट स्टेशन से सफलतापूर्वक कराया गया। अब इन्हें कैंट से चलाने के लिए समय सारणी में शामिल किया जाना है।
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इसके अलावा गोरखपुर से मुंबई जाने वाली गोदान एक्सप्रेस को भी कैंट से ही चलाने की योजना है। क्योंकि इस ट्रेन में गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और बिहार की तरफ से सर्वाधिक यात्री आते हैं। उम्मीद है कि एक जुलाई से लागू हो रही नई समय सारिणी में इन सभी ट्रेनों को गोरखपुर के स्थान पर गोरखपुर कैंट स्टेशन से चलाने के लिए समय का आवंटन कर दिया जाएगा।
जल्द लगेगा वाटर हाइडेंट
कैंट स्टेशन से ट्रेनों की संचालन शुरू करने में सबसे बड़ी बाधा वहां पर ट्रेनों में पानी भरने की सुविधा का अभाव है। अभी केवल प्लेटफार्म नंबर तीन पर ही यह सुविधा उपलब्ध है। इसे देखते हुए अन्य प्लेटफार्म पर भी वाटर हाइडेंट लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। जल्द ही वाटर हाइडेंट लगाने का काम शुरू हो जाएगा।
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गोरखपुर स्टेशन होकर अब हर दिन करीब 135 ट्रेनों का संचालन हो रहा है। इस कारण स्टेशन पर हमेशा भीड़ रहती है। सुबह और शाम सभी नौ प्लेटफार्म पर ट्रेनों का आवागमन होने के चलते लाइन क्लीयर मिलना मुश्किल होता है। ऊपर से स्टेशन भवन के पुनर्विकास का कार्य भी शुरू हुआ है।
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इसे देखते हुए इस स्टेशन से कुछ ट्रेनों को कैंट स्टेशन से चलाया जाना है। पिछले महीने नरकटियागंज व सीवान पैसेंजर के अलावा वाराणसी इंटरसिटी का संचालन भी कैंट स्टेशन से सफलतापूर्वक कराया गया। अब इन्हें कैंट से चलाने के लिए समय सारणी में शामिल किया जाना है।
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इसके अलावा गोरखपुर से मुंबई जाने वाली गोदान एक्सप्रेस को भी कैंट से ही चलाने की योजना है। क्योंकि इस ट्रेन में गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और बिहार की तरफ से सर्वाधिक यात्री आते हैं। उम्मीद है कि एक जुलाई से लागू हो रही नई समय सारिणी में इन सभी ट्रेनों को गोरखपुर के स्थान पर गोरखपुर कैंट स्टेशन से चलाने के लिए समय का आवंटन कर दिया जाएगा।
जल्द लगेगा वाटर हाइडेंट
कैंट स्टेशन से ट्रेनों की संचालन शुरू करने में सबसे बड़ी बाधा वहां पर ट्रेनों में पानी भरने की सुविधा का अभाव है। अभी केवल प्लेटफार्म नंबर तीन पर ही यह सुविधा उपलब्ध है। इसे देखते हुए अन्य प्लेटफार्म पर भी वाटर हाइडेंट लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। जल्द ही वाटर हाइडेंट लगाने का काम शुरू हो जाएगा।