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इन बंदिशों के साथ शुरू हो सकता है गीडा की इन 50 फैक्ट्रियों का काम, जानें क्या हैं शर्तें
Sun, 19 Apr 2020 01:45 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 19 Apr 2020 01:45 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
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लॉकडाउन के नियमों का पालन करने के साथ ही सोमवार से गीडा की 50 से ज्यादा फैक्ट्रियों में उत्पादन शुरू हो सकता है। कमिश्नर जयंत नार्लिकर के साथ चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों के साथ चर्चा में यह उम्मीद जगी है।
शनिवार को देर शाम कमिश्नर ने अपने आवास पर चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उद्यमियों ने दूर-दराज से आने वाले मजदूरों और कर्मचारियों के आने को लेकर अपनी दिक्कत बताई। इसके बाद कमिश्नर ने कहा कि उपायुक्त उद्योग व एडीएम एफआर से संपर्क कर पास संबंधी दिक्क्तों को दूर करेंगे।
प्रदेश सरकार का जोर है कि स्टील, रिफाइनरी, सीमेंट, रसायन, खाद, वस्त्र, फाउंड्रीज, पेपर, टायर, सीईटीपी और चीनी मिल में उत्पादन शुरू हो जाए। वहीं गीडा प्रशासन स्टील, केमिकल, वस्त्र, फ्लोर मिल, चीनी मिल और मेडिकल उत्पाद बनाने वाली फैक्ट्रियों को संचालित करने पर जोर दे रहा है।
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बैठक में चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की तरफ से पहुंचे सचिव प्रवीण मोदी और उद्यमी आकाश जालान ने दूर-दराज से मजदूरों और कर्मचारियों को बुलाने की समस्या की जानकारी दी। इसके बाद कमिश्नर ने गाड़ियों के लिए पास जारी करने संबंधी निर्देश जारी किया। वहीं उद्यमियों ने कहा कि प्रशासन सुविधा दे तो सोमवार से करीब 50 फैक्ट्रियों में उत्पादन शुरू हो सकता है।
चेंबर के महासचिव प्रवीन मोदी ने बताया कि कमिश्नर ने सकारात्मक बातें कहीं हैं। उद्यमियों को सहयोग मिला तो सोमवार तक 50 फैक्ट्रियां चालू हो जाएंगी। बैठक में सीईओ गीडा संजीव रंजन, उपायुक्त उद्योग आरके शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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शनिवार को देर शाम कमिश्नर ने अपने आवास पर चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उद्यमियों ने दूर-दराज से आने वाले मजदूरों और कर्मचारियों के आने को लेकर अपनी दिक्कत बताई। इसके बाद कमिश्नर ने कहा कि उपायुक्त उद्योग व एडीएम एफआर से संपर्क कर पास संबंधी दिक्क्तों को दूर करेंगे।
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प्रदेश सरकार का जोर है कि स्टील, रिफाइनरी, सीमेंट, रसायन, खाद, वस्त्र, फाउंड्रीज, पेपर, टायर, सीईटीपी और चीनी मिल में उत्पादन शुरू हो जाए। वहीं गीडा प्रशासन स्टील, केमिकल, वस्त्र, फ्लोर मिल, चीनी मिल और मेडिकल उत्पाद बनाने वाली फैक्ट्रियों को संचालित करने पर जोर दे रहा है।
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बैठक में चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की तरफ से पहुंचे सचिव प्रवीण मोदी और उद्यमी आकाश जालान ने दूर-दराज से मजदूरों और कर्मचारियों को बुलाने की समस्या की जानकारी दी। इसके बाद कमिश्नर ने गाड़ियों के लिए पास जारी करने संबंधी निर्देश जारी किया। वहीं उद्यमियों ने कहा कि प्रशासन सुविधा दे तो सोमवार से करीब 50 फैक्ट्रियों में उत्पादन शुरू हो सकता है।
चेंबर के महासचिव प्रवीन मोदी ने बताया कि कमिश्नर ने सकारात्मक बातें कहीं हैं। उद्यमियों को सहयोग मिला तो सोमवार तक 50 फैक्ट्रियां चालू हो जाएंगी। बैठक में सीईओ गीडा संजीव रंजन, उपायुक्त उद्योग आरके शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
फैक्ट्री से बाहर आने जाने की नहीं होगी अनुमति
फैक्ट्री संचालित करने के लिए सभी संचालकों को लॉकडाउन के नियमों का पालन करना होगा। इस दौरान किसी भी कर्मचारी को बाहर से आने जाने की छूट नहीं रहेगी। फैक्ट्री के अंदर ही उन सबके रहने और खाने पीने की व्यवस्था करनी होगी।
उपायुक्त उद्योग को बनाया गया नोडल अधिकारी
जिन उद्योगों के शुरू होने की संभावना है और उनमें काम करने वाले कर्मी आसपास के इलाकों या जिलों में रहते हैं। उनको फैक्ट्री तक पहुंचाने के लिए फैक्ट्रियों को अपने लेटर हेड पर एक पत्र तैयार कराना होगा, जिसके आधार पर उन फैक्ट्रियों को पास जारी किया जाएगा। इस पास के जरिए फैक्ट्री संचालक अपने वर्करों को अपनी फैक्ट्री तक ला सकेंगे। इसके लिए उपायुक्त उद्योग को नोडल अधिकारी बनाया गया है। पास एडीएम एफआर ही जारी करेंगे।
थर्मल स्कैनिंग के बाद ही वर्करों को फैक्ट्री में प्रवेश मिलेगा
जिस फैक्ट्री में उत्पादन शुरू होगा, उनमें वर्करों को प्रवेश थर्मल स्कैनिंग के बाद ही मिलेगा। इन सभी वर्करों की जांच के लिए गीडा में एक डॉक्टर की नियुक्ति होगी।
उपायुक्त उद्योग को बनाया गया नोडल अधिकारी
जिन उद्योगों के शुरू होने की संभावना है और उनमें काम करने वाले कर्मी आसपास के इलाकों या जिलों में रहते हैं। उनको फैक्ट्री तक पहुंचाने के लिए फैक्ट्रियों को अपने लेटर हेड पर एक पत्र तैयार कराना होगा, जिसके आधार पर उन फैक्ट्रियों को पास जारी किया जाएगा। इस पास के जरिए फैक्ट्री संचालक अपने वर्करों को अपनी फैक्ट्री तक ला सकेंगे। इसके लिए उपायुक्त उद्योग को नोडल अधिकारी बनाया गया है। पास एडीएम एफआर ही जारी करेंगे।
थर्मल स्कैनिंग के बाद ही वर्करों को फैक्ट्री में प्रवेश मिलेगा
जिस फैक्ट्री में उत्पादन शुरू होगा, उनमें वर्करों को प्रवेश थर्मल स्कैनिंग के बाद ही मिलेगा। इन सभी वर्करों की जांच के लिए गीडा में एक डॉक्टर की नियुक्ति होगी।